{"_id":"601f6b0d8ebc3e27f02b2b57","slug":"special-story-of-up-top-ten-criminal-of-gorakhpur-mafia-rakesh-yadav-crime-record","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"इस खूंखार बदमाश ने विधायक को बम से उड़ाकर की थी हत्या, पुलिस को चकमा देकर कोर्ट में हुआ था हाजिर","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम","slug":"crime"}}
इस खूंखार बदमाश ने विधायक को बम से उड़ाकर की थी हत्या, पुलिस को चकमा देकर कोर्ट में हुआ था हाजिर
Sun, 07 Feb 2021 09:52 AM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Sun, 07 Feb 2021 09:52 AM IST
विज्ञापन
बदमाश राकेश यादव। (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला।
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले का माफिया राकेश यादव पर 50 मुकदमे दर्ज हैं, मगर हाल में विपिन सिंह के पुलिस मुठभेड़ में मारे जाने के बाद वह फिर सुर्खियों में आया। पुलिस ने शिकंजा कसा तो वह कोर्ट में हाजिर हो गया। पुलिस ने राकेश की 74 लाख 95 हजार रुपये की अवैध संपत्ति खोजी है, जिसकी जब्ती के लिए डीएम को रिपोर्ट भेजी है। चार, चार पहिया वाहन, चार दो पहिया वाहन, एक जेसीबी और एक ऑटो अवैध संपत्ति से खरीदी गई है। जमीन का ब्योरा जुटाया जा रहा है।
विज्ञापन
जानकारी के मुताबिक, राकेश यादव पहली बार 25 मार्च 1996 को सुर्खियों में आया था। इसी दिन वर्तमान भाजपा सांसद कमलेश पासवान के पिता व मानीराम के विधायक ओमप्रकाश पासवान की माल्हनपार में बम मारकर हत्या कर दी गई थी। इस घटना में कई और लोगों की भी जानें गईं थीं। इस मामले में राकेश यादव को नामजद आरोपी बनाया गया था। हालांकि बाद में वह कोर्ट से रिहा हो गया और जमीन के कारोबार से जुड़ गया।
विज्ञापन
जमीन के कारोबार में ही उसकी तकरार छोटू प्रजापति से हो गई थी। छोटू पर राकेश के गुर्गे विपिन सिंह ने दो बार हमला किया था। दूसरी बार हमले के दौरान विपिन पुलिस मुठभेड़ में मारा गया था। इसके बाद राकेश यादव का नाम सामने आया। पुराने मामले में जमानत खारिज कराकर वह 15 जुलाई को कोर्ट में हाजिर हो गया। बाद में 25 जुलाई को उसे देवरिया जेल में शिफ्ट कर दिया गया।
विज्ञापन
टॉप 10 बदमाशों की सूची में भी है राकेश
बदमाश विपिन सिंह। (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला।
राकेश यादव टॉप 10 बदमाशों की सूची में शामिल है। राकेश पर गोरखपुर के अलावा संतकबीरनगर और आजमगढ़ जिले में कुल 48 मुकदमे दर्ज हैं। गोरखपुर के पीपीगंज में हत्या, डकैती, आर्म्स एक्ट, शाहपुर में गैंगस्टर, चिलुआताल में धमकी के अलावा गुलरिहा, खजनी, पिपराइच, कोतवाली, तिवारीपुर और गोरखनाथ थाने में गंभीर धाराओं में केस दर्ज हैं। संतकबीरनगर के महुली और आजमगढ़ के कोतवाली में हत्या की कोशिश और हत्या का केस दर्ज है। गुलरिहा थाने में उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट और आपराधिक साजिश का केस दर्ज किया गया था।
मुठभेड़ में मारा गया था विपिन सिंह
आठ जून को मुठभेड़ में विपिन सिंह पुलिस की गोली से घायल हो गया था। दस जून को लखनऊ में उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई। तब पता चला था कि राकेश यादव के घर पर दावत का आयोजन हुआ था। इसके बाद विपिन सिंह छोटू प्रजापति की हत्या करने के लिए निकला था। हमले में छोटू का दस साल का बच्चा और भाई घायल हो गए थे। इसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और मुठभेड़ में विपिन सिंह को गोली लगी थी। इस मामले में राकेश यादव को आपराधिक साजिश का आरोपी बनाया गया था।
मुठभेड़ में मारा गया था विपिन सिंह
आठ जून को मुठभेड़ में विपिन सिंह पुलिस की गोली से घायल हो गया था। दस जून को लखनऊ में उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई। तब पता चला था कि राकेश यादव के घर पर दावत का आयोजन हुआ था। इसके बाद विपिन सिंह छोटू प्रजापति की हत्या करने के लिए निकला था। हमले में छोटू का दस साल का बच्चा और भाई घायल हो गए थे। इसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और मुठभेड़ में विपिन सिंह को गोली लगी थी। इस मामले में राकेश यादव को आपराधिक साजिश का आरोपी बनाया गया था।
राकेश के भाई और भयहू पर दर्ज हुआ था फर्जी डिग्री पर नियुक्ति पाने का केस
माफिया राकेश यादव के भाई चंद्रशेखर यादव और भयहू रेनू यादव फर्जी डिग्री के आधार पर शिक्षा विभाग में नौकरी कर रहे थे। गुलरिहा इंस्पेक्टर रवि राय की जांच में इसकी पुष्टि होने के बाद पुलिस की रिपोर्ट पर कार्रवाई हुई थी। गुलरिहा थाने के दरोगा की तहरीर पर कूटरचित दस्तावेज तैयार कर जालसाजी करने का केस दर्ज किया गया था। उस समय पति-पत्नी महराजगंज में तैनात थे। उस समय ही संपत्ति की जांच को बनाई गई टीम ने फर्जीवाड़े को सामने लाया था।