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रिश्तों पर भारी सोशल मीडिया की दोस्ती, कत्ल में जेल पहुंचीं, अब भी प्रेमी से मिलने को बेताब
Sat, 18 Jan 2020 07:36 AM IST
विजय जैन
शिवम सिंह, गोरखपुर
शिवम सिंह, गोरखपुर
Published by: विजय जैन
Updated Sat, 18 Jan 2020 07:36 AM IST
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अर्चना और उसके प्रेमी अजय पर है ओम प्रकाश की हत्या का आरोप।
सोशल मीडिया पर किसी अनजाने से प्यार, फिर भरोसे और प्यार पर टिके पति-पत्नी के रिश्तों में दरार, नतीजा, निर्मम हत्या, चश्मदीद मासूम का कत्ल। शहर में ऐसी घटनाओं का जिक्र हो तो अनायास ही जुबां पर अर्चना और सुषमा का नाम आ जाता है। इन आरोपित महिलाओं को अपने किए का कोई मलाल नहीं, उल्टे अपने पति के हत्या के आरोप में जेल में कैद सहआरोपितों से मिलने को वे अब भी बेकरार हैं।
जी हां, जेल में बंद अर्चना जेलर को प्रार्थना पत्र देकर पति के हत्यारोपी अजय से मिलने का बार-बार अनुरोध कर रही है। जमानत पर रिहा सुषमा पेशी पर बाहर आए प्रेमी के साथ एक होटल में रंगे हाथों पकड़ी गई, जिसका वीडियो तक वायरल हो गया था।
इन दोनों मामलों में चार्जशीट दाखिल होने के बाद कोर्ट में ट्रायल जारी है। इन मामलों में कोर्ट में दायर आरोप पत्रों के मुताबिक पहली घटना 21 जनवरी 2016 की है। शाहपुर के अशोक नगर कॉलोनी में दरोगा के भाई और नेत्र परीक्षक ओम प्रकाश यादव (40) और उनके पांच साल के बेटे नितिन को घिनौने तरीके से मौत के घाट उतार दिया गया था।
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ओम प्रकाश के सिर पर हथौड़े से हमला किया गया था तो नितिन की गला दबाकर हत्या की गई थी। जब पुलिस पहुंची तो पत्नी अर्चना यादव दहाड़े मारकर रो रही थी।
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जी हां, जेल में बंद अर्चना जेलर को प्रार्थना पत्र देकर पति के हत्यारोपी अजय से मिलने का बार-बार अनुरोध कर रही है। जमानत पर रिहा सुषमा पेशी पर बाहर आए प्रेमी के साथ एक होटल में रंगे हाथों पकड़ी गई, जिसका वीडियो तक वायरल हो गया था।
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इन दोनों मामलों में चार्जशीट दाखिल होने के बाद कोर्ट में ट्रायल जारी है। इन मामलों में कोर्ट में दायर आरोप पत्रों के मुताबिक पहली घटना 21 जनवरी 2016 की है। शाहपुर के अशोक नगर कॉलोनी में दरोगा के भाई और नेत्र परीक्षक ओम प्रकाश यादव (40) और उनके पांच साल के बेटे नितिन को घिनौने तरीके से मौत के घाट उतार दिया गया था।
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ओम प्रकाश के सिर पर हथौड़े से हमला किया गया था तो नितिन की गला दबाकर हत्या की गई थी। जब पुलिस पहुंची तो पत्नी अर्चना यादव दहाड़े मारकर रो रही थी।
कैंट निवासी विवेक की हत्या में पत्नी सुषमा का नाम आया था (इनसेट में सुषमा का प्रेमी डब्लू)।
किसी को भी भनक नहीं थी कि इस हत्या के पीछे वही शामिल होंगी, मगर जब वारदात से पर्दा उठा तो लोगों ने दांतों तले उंगली दबा ली। दरअसल, अर्चना यादव का फिरोजाबाद के शिक्षक अजय यादव से सोशल मीडिया के जरिए प्रेम संबंध हो गया था। आरोप है कि अजय से मिलना जुलना हुआ तो पति को रास्ते से हटाने का फैसला कर लिया गया।
अर्चना ने प्रेमी अजय के साथ मिलकर ओम प्रकाश के सिर पर हथौड़े से वार कर उसे मौत के घाट उतारा था। यकीन करना मुश्किल था कि अर्चना ने ही बेटे को भी मारा था। वह बेटा पिता का मौत देखकर डर गया था और मां की गोद में खुद को सुरक्षित समझ कर गया था लेकिन उसी मां (अर्चना) ने उसका गला कसकर हत्या सिर्फ इस वजह से कर दी थी कि वह उसका राज खोल देगा। इस घटना के पर्दाफाश के बाद अर्चना ने जुल्म कबूल किया और आज भी उसे कोई पछतावा नहीं है। जेल में प्रेमी अजय के साथ बंद अर्चना कई बार मिलने की अर्जी दे चुकी है।
कुछ ऐसा ही फिर 22 अप्रैल 2017 की रात भी हुआ। इस बार भी प्रेम में पड़ी एक पत्नी ने पति को प्रेमी संग मिलकर मौत के घाट उतार दिया था। घटना कैंट इलाके के झारखंडी आवास विकास कॉलोनी में हुई थी। पत्नी सुषमा का देवरिया के हिस्ट्रीशीटर डब्लू सिंह से प्रेम संबंध था। पति विवेक सिंह पत्नी को इधर-उधर मोबाइल पर बात करने से मना करते थे।
पत्नी सुषमा ने पति के कत्ल की साजिश रची। प्रेमी डब्लू सिंह अपने कुछ साथियों के साथ विवेक के घर में सुषमा की मदद से दाखिल हो गया। फिर सिर पर हथौड़े से वार कर हत्या कर दी गई। मोटर साइकिल से शव को हाइवे पर फेंकने जा रहे थे ताकि इसे हादसा दर्शाया जा सके। मगर गश्त पर मौजूद पुलिस ने उसे दबोच लिया। फिर हत्याकांड का खुलासा हो गया। दोनों के इस नापाक प्यार का हाल यह है कि अभी कुछ दिन पहले ही डब्लू ने प्रेमिका से मिलने के लिए रेलवे स्टेशन पर कमरा बुक किया था और प्रेमिका के साथ पकड़ा भी गया।
अर्चना ने प्रेमी अजय के साथ मिलकर ओम प्रकाश के सिर पर हथौड़े से वार कर उसे मौत के घाट उतारा था। यकीन करना मुश्किल था कि अर्चना ने ही बेटे को भी मारा था। वह बेटा पिता का मौत देखकर डर गया था और मां की गोद में खुद को सुरक्षित समझ कर गया था लेकिन उसी मां (अर्चना) ने उसका गला कसकर हत्या सिर्फ इस वजह से कर दी थी कि वह उसका राज खोल देगा। इस घटना के पर्दाफाश के बाद अर्चना ने जुल्म कबूल किया और आज भी उसे कोई पछतावा नहीं है। जेल में प्रेमी अजय के साथ बंद अर्चना कई बार मिलने की अर्जी दे चुकी है।
कुछ ऐसा ही फिर 22 अप्रैल 2017 की रात भी हुआ। इस बार भी प्रेम में पड़ी एक पत्नी ने पति को प्रेमी संग मिलकर मौत के घाट उतार दिया था। घटना कैंट इलाके के झारखंडी आवास विकास कॉलोनी में हुई थी। पत्नी सुषमा का देवरिया के हिस्ट्रीशीटर डब्लू सिंह से प्रेम संबंध था। पति विवेक सिंह पत्नी को इधर-उधर मोबाइल पर बात करने से मना करते थे।
पत्नी सुषमा ने पति के कत्ल की साजिश रची। प्रेमी डब्लू सिंह अपने कुछ साथियों के साथ विवेक के घर में सुषमा की मदद से दाखिल हो गया। फिर सिर पर हथौड़े से वार कर हत्या कर दी गई। मोटर साइकिल से शव को हाइवे पर फेंकने जा रहे थे ताकि इसे हादसा दर्शाया जा सके। मगर गश्त पर मौजूद पुलिस ने उसे दबोच लिया। फिर हत्याकांड का खुलासा हो गया। दोनों के इस नापाक प्यार का हाल यह है कि अभी कुछ दिन पहले ही डब्लू ने प्रेमिका से मिलने के लिए रेलवे स्टेशन पर कमरा बुक किया था और प्रेमिका के साथ पकड़ा भी गया।
दोनों ही प्यार में सोशल मीडिया अहम रहा
ओम प्रकाश की पत्नी अर्चना यादव ने पुलिस को तब पूछताछ में बताया था कि उसकी दोस्ती अजय यादव से सोशल मीडिया के जरिए हुई थी। तत्कालीन सीएम के साथ अजय की फोटो देखकर आकर्षित हुई अर्चना इस उसके प्यार में इस कदर पड़ी की अंतत: उसे जेल के सीखचों के पीछे जाना पड़ा। कुछ ऐसा ही सुषमा के साथ भी हुआ। हालांकि उसका प्रेम देवरिया के डब्लू सिंह से पहले से था, लेकिन शादी के बाद सोशल मीडिया ने अहम योगदान निभाया। दोनों की बातचीत इसके जरिए ही फिर से शुरू हुई थी।
असली और सोशल मीडिया के आभासी प्यार में है अंतर
जब पति-पत्नी चौबीस घंटे साथ रहते हैं तो सिर्फ अच्छाई नहीं, बुराइयां भी सामने आती हैं। मनोचिकित्सक डॉक्टर गोपाल अग्रवाल कहते हैं कि किसी को छोटी.छोटी बात पर गुस्सा आता है तो कोई गुस्से में खाना.पीना बंद कर देता है। एक दूसरे की यह हकीकत सोशल मीडिया पर पता नहीं चल सकती। इसलिए वास्तविक और सोशल मीडिया वाले प्यार में बहुत अंतर होता है।
सोशल मीडिया पर कोई यह नहीं लिखता है वह शराब पीकर बहक जाता है। कोई यह नहीं लिखता है कि गुस्से में उसके मुंह से गालियां निकल जाती हैं। कोई यह नहीं लिखता है कि अपनी पत्नी के बिना वह एक दिन भी नहीं रह सकता। लिखने वाले सिर्फ अच्छा ही लिखते हैं। महिलाओं की तारीफ में तो वे बटरिंग का विश्व रिकॉर्ड तक तोड़ देते हैं। इसी भ्रमजाल में युवतियां और महिलाएं फंस जाती हैं।
असली और सोशल मीडिया के आभासी प्यार में है अंतर
जब पति-पत्नी चौबीस घंटे साथ रहते हैं तो सिर्फ अच्छाई नहीं, बुराइयां भी सामने आती हैं। मनोचिकित्सक डॉक्टर गोपाल अग्रवाल कहते हैं कि किसी को छोटी.छोटी बात पर गुस्सा आता है तो कोई गुस्से में खाना.पीना बंद कर देता है। एक दूसरे की यह हकीकत सोशल मीडिया पर पता नहीं चल सकती। इसलिए वास्तविक और सोशल मीडिया वाले प्यार में बहुत अंतर होता है।
सोशल मीडिया पर कोई यह नहीं लिखता है वह शराब पीकर बहक जाता है। कोई यह नहीं लिखता है कि गुस्से में उसके मुंह से गालियां निकल जाती हैं। कोई यह नहीं लिखता है कि अपनी पत्नी के बिना वह एक दिन भी नहीं रह सकता। लिखने वाले सिर्फ अच्छा ही लिखते हैं। महिलाओं की तारीफ में तो वे बटरिंग का विश्व रिकॉर्ड तक तोड़ देते हैं। इसी भ्रमजाल में युवतियां और महिलाएं फंस जाती हैं।