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मॉडल शॉप में हत्या मामला: हिस्ट्रीशीटर का कोतवाली पुलिस ने नहीं भरा था डोजियर, यहां भी सामने आई पुलिस की लापरवाही

Tue, 05 Oct 2021 10:18 AM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Tue, 05 Oct 2021 10:18 AM IST
सार

मॉडल शॉप में नाम चर्चा में आने पर पुलिस की लापरवाही उजागर हुई। 11 केस दर्ज होने पर भी डोजियर न भरने पर एडीजी ने आपत्ति जताई।

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police did not fill dossier of history sheeter Pankaj Rai in Gorakhpur
मॉडल शॉप कर्मचारी की हत्या का मामला। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

गोरखपुर जिले के रामगढ़ताल इलाके के मॉडल शॉप में मुफ्त शराब न देने पर कर्मचारी मनीष प्रजापति की हत्या के बाद कोतवाली पुलिस की लापरवाही उजागर हो गई है। पता चला है कि 11 गंभीर मुकदमे दर्ज और हिस्ट्रीशीटर खुलने के बाद भी पंकज राय के बारे में कोतवाली पुलिस ने डोजियर नहीं भरा है। बदमाशों के सत्यापन अभियान में पंकज का नाम बदमाशों की लिस्ट से गायब था।

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इसे एडीजी अखिल कुमार ने गंभीरता से लिया और पुलिस की भूमिका की जांच कराने के साथ ही डोजियर भरने का निर्देश दिया है। दूसरी तरफ एसएसपी डॉ विपिन ताडा ने पूरे मामले की जांच सीओ ऑफिस को सौंपी है।
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जानकारी के मुताबिक, मॉडल शॉप कर्मचारी मनीष की मुफ्त में शराब न देने पर सिपाही पुत्रों ने साथियों के साथ पीटकर उसकी हत्या कर दी थी। मारपीट में एक अन्य कर्मचारी भी घायल हुआ था। यह घटना उसी इलाके में हुई थी जहां के होटल में मनीष गुप्ता की पुलिस पिटाई में मौत का आरोप लगा और हत्या का मुकदमा पुलिसवालों पर दर्ज हुआ है।
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होटल की घटना के 48 घंटे के अंदर सामने आई पीट-पीट कर हत्या की दूसरी घटना से पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया था। मौके पर पहुंचे एडीजी अखिल कुमार ने बातचीत कि तो पता चला कि मुफ्त में शराब मांग रहे बदमाशों ने किसी पंकज राय का नाम बताया और कहा कि मैं पंकज राय का भाई हूं।

सीसीटीवी फुटेज से आरोपियों की हुई पहचान

कर्मचारी ने कहा कि मैं पंकज राय को नहीं जानता इसके बाद उन्होंने इस वारदात को अंजाम दिया था। सीसीटीवी फुटेज से आरोपियों की पहचान हो गई और मुख्य आरोपित के रूप में खोराबार के सुनील पासवान का नाम आया। सुनील प्रापर्डी डीलर है और सिपाही का बेटा भी है। पुलिस ने तीन आरोपियों को पकड़ कर जेल भेज दिया। 13 और आरोपियों की पहचान कर ली है पर सुनील सहित अन्य अभी फरार हैं।

इसी घटना के दौरान एडीजी ने पंकज राय के बारे में जाननी चाही तो पुलिस वाले बगले झांकने लगे। उन्हें पंकज राय के बारे में न तो काई खास जानकारी थी और न ही सत्यापन के दौरान डोजियर भरा गया था। एडीजी को पता चला कि पंकज राय ब्याज पर पैसा भी देता है। उन्होंने इस लापरवाही से अवगत कराते हुए एसएसपी को पत्र लिखा है।  

एडीजी अखिल कुमार ने कहा कि बदमाशों के सत्यापन का अभियान चलाए जाने पर भी पंकज राय का डोजियर ना भरना गंभीर बात है। पंकज राय पर 11 मुकदमा है और कोतवाली थाने में उसकी हिस्ट्रीशीट भी खुली है। किन वजहों से पंकज का नाम छूटा इसकी जानकारी कर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई करने के साथ ही पंकज राय का भी डोजियर तैयार करने को कहा गया है।

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