लूट के लिए हत्यारों ने प्रेमी युगल को उतारा था मौत के घाट, पुलिस ने 60 दिन बाद किया खुलासा
- लूट के लिए हुई थी अनरजीत व रीमा की हत्या, एक आरोपित गिरफ्तार
- रीमा का मोबाइल फोन, तीन हजार रुपये, मंगलसूत्र व हत्या में प्रयुक्त हथौड़ी बरामद
- आरोपित का दूसरा साथी वन तस्कर खुशबुद्दीन फरार, पुलिस तलाश में जुटी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के गुलरिहा पुलिस ने ठाकुरपुर नंबर एक गड़हिया टोला में लिव इन रिलेशन में रह रहे अनरजीत व रीमा की हत्या लूट के लिए की गई थी। 60 दिन बाद पुलिस ने इस हत्याकांड का पर्दाफाश करते हुए एक आरोपी जंगल डुमरी नंबर दो निवासी रहमुद्दीन को रामनगर चौराहे से गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने रीमा का मोबाइल फोन, तीन हजार रुपये, मंगलसूत्र व हत्या में प्रयुक्त हथौड़ी बरामद कर ली है। पुलिस, हत्या में आरोपी का साथ देने वाले उसके दोस्त सकलदीपपुर निवासी वन तस्कर खुशबुद्दीन उर्फ कटहवा की तलाश कर रही है। पुलिस के अनुसार, वह पंद्रह दिन पहले बंगलुरू फरार हो गया है।
गुलरिहा थाने पर सीओ चौरीचौरा कपिलदेव मिश्रा ने बताया कि बीते पांच अगस्त की सुबह ठाकुरपुर गांव में अनरजीत गुप्ता व रीमा का शव पुलिस को उनके घर में मिला था। गला रेतकर व नुकीले हथियार से हत्या की गई थी। पुलिस अज्ञात पर केस दर्ज कर आरोपियों की तलाश कर रही थी।
उधार की रकम देनी न पड़े, इसलिए खुशबुद्दीन ने दिया वारदात में साथ
पकड़े गए रहमुद्दीन ने पूछताछ में बताया कि उसे सूचना मिली थी कि अनरजीत के पास एक लाख साठ हजार रुपये हैं। उसने व उसके साथी खुशबुद्दीन ने दो दिन तक उसके घर की रेकी की। घटना वाली रात खिड़की के रास्ते उनके घर के अंदर दाखिल हो गए। उस समय दोनों सो रहे थे। पहले हथौड़ी फिर फावड़े से प्रहार कर दोनों की हत्या कर दी।
आरोपी ने बताया कि बॉक्स की तलाशी ली तो उसमें मात्र साठ हजार रुपये व कुछ जेवरात मिले। साथ ही रीमा का मोबाइल फोन भी ले लिया। वे शव को जलाकर उसे जल प्रवाहित करने वाले थे कि इसी दौरान किसी गाड़ी के आने की आवाज सुनाई दी। हड़बड़ाहट में दोनों शव घर में ही छोड़ फरार हो गए। पुलिस ने रहमुद्दीन को कोर्ट में पेश कर जेल भिजवा दिया।
पुलिस के अनुसार, अनरजीत एक पिकअप गाड़ी चलवाता था। एक दिन उसकी पिकअप से खुशबुद्दीन व रहमुद्दीन जंगल से तस्करी की लकड़ी ले जा रहे थे, जिसे पुलिस ने पकड़ लिया था। अनरजीत ने तत्काल एक लाख रुपये जुर्माना अदा कर पिकअप को छुड़ाया था। तय हुआ कि यह रकम एक माह के भीतर खुशबुद्दीन अनरजीत को लौटा देगा।
अनरजीत बार-बार वह रकम मांग रहा था। जिससे खुशबुद्दीन परेशान था। अनरजीत गैस सिलिंडर का भी धंधा करता था। दोनों को पता चला कि अभी अनरजीत के पास एक लाख साठ हजार रुपये हैं। उधार का रकम चुकानी न पड़े, साथ ही अनरजीत से और रकम लूट ली जाए, इसी नीयत से दोनों ने मिलकर उसकी हत्या की साजिश रची। एक दिन पहले ही अनरजीत ने गैस सिलिंडर के एक लाख रुपये जमा कर दिए थे, जिससे ये दोनों केवल साठ हजार रुपये व कुछ जेवरात ही ले जा पाए।
अनरजीत का करीबी था खुशबुद्दीन
रीमा के मोबाइल फोन से फंस गया रहमुद्दीन
पुलिस के अनुसार, कुछ दिन पहले पुलिस ने खुशबुद्दीन के पिता को पूछताछ के लिए बुलाया था। जिसके बाद पुलिस ने खुशबुद्दीन और इलाके के अन्य वन तस्करों का मोबाइल नंबर सर्विलांस पर लगा दिया। इसी बीच पंद्रह दिन पहले रहमुद्दीन ने लूट के हिस्से में मिले रीमा के मोबाइल फोन में केवल एक दिन के लिए अपना सिम लगाकर उसे चालू कर दिया। जिसके बाद वह मोबाइल फोन भी सर्विलांस के रडार पर आ गया।
सर्विलांस के आधार पर पुलिस ने रहमुद्दीन को गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने बताया कि घटना के बाद दोनों ने अपने खून से सने कपड़े नदी किनारे ले जाकर जला दिया था। इंसपेक्टर रवि राय के अनुसार, रहमुद्दीन नेपाल भागने की फिराक में था।