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गैर इरादतन हत्या का आरोपित झोलाछाप डॉक्टर गिरफ्तार, दो साल से पुलिस को थी तलाश

Thu, 20 Feb 2020 01:50 AM IST
vivek shukla डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर।
डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Thu, 20 Feb 2020 01:50 AM IST
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Police arrested Fake doctor accused of culpable homicide in gorakhpur
सांकेतिक तस्वीर।

गैर इरादतन हत्या के आरोपित खजनी के पड़ियापार निवासी रामखेलावन दूबे को बड़हलगंज पुलिस ने बुधवार को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसे डीआईजी राजेश मोदक के निर्देश के बाद पकड़ा। उसे कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया।

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जानकारी के मुताबिक झोलाछाप रामखेलवान के गलत इंजेक्शन लगाने से 2018 में खजनी के मनोज राम त्रिपाठी की मौत हो गई थी। बांसगांव पुलिस ने मनोज के साथ इलाज कराने गए ससुर अशोक कुमार शुक्ला की तहरीर पर कौड़ीराम में क्लीनिक चलाने वाले रामखेलावन के खिलाफ गैर इरादतन हत्या और साजिश रचने का केस दर्ज किया था। बाद में विवेचना बड़हलगंज पुलिस को ट्रांसफर कर दी गई।
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11 फरवरी 2020 को रामगढ़ताल पर घूम रहे रामखेलावन को मनोज के रिश्तेदारों ने पकड़कर कैंट थाने की पैडलेगंज चौकी पुलिस को सौंप दिया। इसकी सूचना बड़हलगंज पुलिस को दी गई लेकिन न तो रामखेलावन को बड़हलगंज ले जाया गया और न ही उसके खिलाफ हुक्म तहरीरी भेजी। जिसके बाद कैंट पुलिस ने उसे छोड़ दिया था। डीआईजी ने मामले का संज्ञान लेकर रामखेलावन की गिरफ्तारी के आदेश दिए थे।

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इंजेक्शन लगने के पांच मिनट में ही हो गई थी मौत

तहरीर में मनोज के ससुर अशोक ने बताया था कि मनोज को कमर में दर्द की शिकायत थी। जिसके बाद उन्हें हरनही चौराहे पर श्रीराम मेडिकल स्टोर ले जाया गया। वहां रामखेलावन ने दर्द ठीक करने के लिए इंजेक्शन लगाया। उसके पांच मिनट बाद ही मनोज बेहोश हो गए और मुंह से झाग निकलने लगा। बाद में उनकी मौत हो गई थी।

तीन थानों में हो चुकी है विवेचना
बांसगांव में एफआईआर के बाद मामले की विवेचना बेलीपार थाने में ट्रांसफर कर दी गई थी। हालांकि बांसगांव पुलिस ने आरोपित की संपत्ति कुर्क करने तक की कार्रवाई कर दी थी। बावजूद इसके, वह पुलिस के हाथ नहीं आया। बेलीपार में आठ महीने तक विवेचना रही, पर कोई नतीजा सामने नहीं आया। बाद में यहां से बड़हलगंज केस ट्रांसफर कर दिया गया। सबसे बड़ी बात यह थी कि पीड़ित की सहमति के बिना ही विवेचना की फाइल इस थाने से उस थाने घुमाई जाती रही।

पुलिस का इस मामले में अजब ही खेल सामने आया था। पुलिस ने आरोपित के फरार होने को आधार बनाते हुए कोर्ट से कुर्की का आदेश हासिल कर कार्रवाई भी कर दी। अब पकड़े जाने के बाद उसकी गिरफ्तारी से ही इंकार कर रहे हैं। बड़हलगंज पुलिस का कहना है कि इंजेक्शन गलत लगा था इसकी डॉक्टर से रिपोर्ट आनी है। रिपोर्ट नहीं आने की वजह से गिरफ्तारी नहीं कर सकते हैं।
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