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मुठभेड़ के बाद फिर सुर्खियों में आया माफिया राकेश यादव, इस विधायक को बम से उड़ाकर की थी हत्या

Sun, 14 Jun 2020 07:38 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Sun, 14 Jun 2020 07:38 AM IST
सार

  • राकेश यादव, विपिन के करीबियों पर पुलिस की नजर टेढ़ी, ताबड़तोड़ दबिश जारी
  • राकेश पर इनाम घोषित करने की तैयारी, शरण देने वालों को भी नहीं छोड़ेगी पुलिस
  • गैंग से जुड़े एक-एक सदस्य की कुंडली तैयार कर रही पुलिस, एसएसपी ने बनाईं कई टीमें

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Mafia Rakesh Yadav came into headlines again after police encounter in Gorakhpur
om prakash pashwan - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

मुठभेड़ में पुलिस की गोली से विपिन की मौत के बाद एक बार फिर माफिया राकेश यादव सुर्खियों में आ गया है। पुलिस के मुताबिक, विपिन सिंह माफिया राकेश यादव का ही शूटर था। पुलिस अब सरगर्मी से राकेश यादव की तलाश में जुटी है।

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इसके पहले 25 मार्च 1996 को तत्कालीन मानीराम विधानसभा क्षेत्र के विधायक ओमप्रकाश पासवान की माल्हनपार में बम से उड़ाकर हत्या के मामले में राकेश यादव को आरोपी बनाया गया था। बाद में वह कोर्ट से रिहा हो गया और फिर जमीन के कारोबार में जुड़ गया।  
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पुलिस के मुताबिक, विपिन सिंह ने पहले भी प्रापर्टी डीलर छोटू प्रजापति पर गोली चलाई थी। इस मामले में भी राकेश यादव को आपराधिक साजिश का आरोपी बनाया गया था। बताया जा रहा है कि राकेश यादव और उसके साथियों पर दर्ज पुराने मामलों में पुलिस बीते रविवार को उनके घर पहुंची थी, लेकिन कोई मिला नहीं।
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बीते मंगलवार को हुई मुठभेड़ के बाद अब पुलिस विपिन सिंह के साथ रहने वाले सभी बदमाशों की कुंडली तैयार कर रही है। एसएसपी डॉ. सुनील कुमार गुप्ता ने पुलिस की कई टीमें इस काम में लगा दी हैं। पुलिस शरणदाताओं पर भी कार्रवाई की तैयारी में जुटी है। राकेश यादव पर इनाम घोषित करने की भी तैयारी है। बदमाशों की धर-पकड़ के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।

 

राकेश यादव ने दी थी पार्टी, विपिन भी शामिल हुआ

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, मंगलवार को राकेश यादव ने पार्टी दी थी और उसमें विपिन भी शामिल हुआ। विपिन वहीं से छोटू प्रजापति को मारने के लिए निकला था। छोटू नहीं मिला तो उसके भाई को गोली मार दी। फिर मुठभेड़ में वह भी मारा गया।

राकेश ने राजनीतिक संबंधों को खूब भुनाया
जमीन के कारोबार में राकेश यादव के आने के बाद उसका नाम तो कई मामलों में सामने आया लेकिन उसे आरोपित नहीं बनाया गया। सूत्रों के मुताबिक, उसने अपने राजनीतिक संबंधों को जमीन के कारोबार और अपराध में खूब भुनाया। प्रदेश में सत्ता बदली तो कई मामलों में उसके खिलाफ केस दर्ज हुआ, लेकिन वह पुलिस की पकड़ से दूर ही रहा।

प्रधान समेत तीन की हत्या के बाद चर्चा में आया था विपिन
वर्ष 2011 में शाहपुर के बधिक टोला में रिक्शा चालक से गांव के बाहर रुपये छीनने के विवाद में विपिन ने ग्राम प्रधान देवेंद्र उपाध्याय और उनके दो साथियों की हत्या कर दी थी। संगम चौराहे के पास तिहरे हत्याकांड के बाद विपिन चर्चा में आ गया था। 26 जनवरी 2018 को एक विद्यालय में सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान फरमाइशी गाना नहीं सुनाने पर भी उसने गोलियां चला दी थीं।

विपिन के पिता राजेंद्र सिंह दिल्ली में प्राइवेट नौकरी करते हैं। 13 साल पहले विपिन ने बबीता से कोर्ट मैरिज की थी। दोनों की 11 साल की एक बेटी है। मां आरती के साथ वह शाहपुर स्थित मकान में रहता था। विपिन मूलरूप से महराजगंज के श्यामदेउरवा के लखिमा परतावल का रहने वाला था। गोरखपुर में उसे पिता ने किराए का कमरा लेकर पढ़ाई के लिए भेजा था, लेकिन वह आपराधिक गतिविधियों में शामिल हो गया।

 

कुख्यात चंदन सिंह सहित कई गैंग में रहा विपिन

37 साल का विपिन कुख्यात बदमाश बिसई सिंह और चंदन सिंह समेत कई गिरोह में शामिल रहा। विपिन के खिलाफ 2009 में पहली बार हत्या की कोशिश, जान से मारने की धमकी देने की धाराओं में शाहपुर थाने में केस दर्ज हुआ था।

विपिन के खिलाफ शाहपुर, गुलरिहा, पिपराइच और चिलुआताल में 19 मुकदमे दर्ज हैं। इसमें मंगलवार के मुठभेड़ मामले के बाद बुधवार को दर्ज पांच मुकदमे भी शामिल हैं। ज्यादातर मुकदमे हत्या, हत्या के प्रयास, आर्म्स एक्ट के हैं। सेवन सीएलए भी लगा है। शाहपुर थाने की हिस्ट्रीशीट पांच एक पर विपिन का नाम दर्ज था।

राकेश को जमीन के कारोबार में छोटू की अलग राह रास नहीं आई
पुलिस के मुताबिक, छोटू प्रजापति भी राकेश यादव के साथ ही मिलकर जमीन का कारोबार करता था। बाद में वह राकेश का साथ छोड़कर खुद प्रापर्टी डीलर का काम करने लगा। यही बात राकेश यादव को रास नहीं आ रही है।

जानकारी के मुताबिक, आशीष उर्फ छोटू प्रजापति पर मंगलवार को तीसरी बार हमला हुआ है। इसके पहले फर्टिलाइजर में उसकी गाड़ी पर ताबड़तोड़ फायरिंग हुई थी, लेकिन वह बच गया था। फिर मेडिकल कॉलेज चौकी के पास छोटू पर हमला किया गया था। उसे गोली भी लगी थी, लेकिन बच गया था। दोनों ही मामले में राकेश यादव का नाम सामने आया था।

 

छोटू ने छह को कराया नामजद

छोटू प्रजापति ने गुलरिहा थाने में तहरीर देकर छह लोगों पर हत्या की कोशिश और आपराधिक साजिश का आरोप लगाया है। पुलिस ने विपिन सिंह, बेचू यादव, दिनेश यादव, मंटू उर्फ आकाश कन्नौजिया, योगेश चौधरी, राकेश यादव के खिलाफ केस दर्ज किया है।

2015 में उरुवा में हुई थी इसी तरह की लाइव मुठभेड़
उरुवा इलाके के पचहवां मोड़ के पास 17 जनवरी 2015 को इस तरह की एक लाइव मुठभेड़ हुई थी। इसमें ग्रामीणों की मौजूदगी में पुलिस और एसटीएफ की टीम ने घेराबंदी कर बदमाश विजय को मार गिराया था। उसका साथी मोनू पकड़ा गया था। पुलिस के मुताबिक, दोनों एक समोसा के दुकान पर थे। पुलिस टीम जैसे ही उन्हें पकड़ने पहुंची, दोनों गोली चलाने लगे।

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