संतकबीरनगर: जालसाज गैंग ठगी की रकम को पेट्रोल पंपों कराता था कैश, ऐसे करते थे धोखाधड़ी
कुशीनगर, गोपालगंज, बेतिया और सीवान के पेट्रोल पंपों से लिया गया कैश भुगतान, उत्तर प्रदेश, बिहार समेत कई राज्यों में फैला है जालसाज गैंग का नेटवर्क।
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संतकबीरनगर जिले में फ्रॉड कालिंग के जरिए ऑनलाइन ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का रैकेट उत्तर प्रदेश, बिहार समेत कई राज्यों में फैला हुआ है। फ्रॉड के जरिए अपने बताए गए खातों में मंगाई गई रकम को गैंग से जुड़े सदस्यों के खाते में ट्रांसफर करते हैं। बाद में पेट्रोल पंपों के माध्यम से डीजल और पेट्रोल के नाम पर कैश करा लेते हैं। इसके एवज में पंप कर्मियों को भी कुछ रकम देते हैं। ऐसी घटनाओं में पंप कर्मियों की संलिप्तता जांच की दिशा में भी पुलिस ने कदम बढ़ा दिया है।
एचडीएफसी खलीलाबाद शाखा के प्रबंधक मोहम्मद खालिद को फ्रॉड कालिंग के जरिए जालसाज गैंग ने ठगी का शिकार बनाया। इसमें गैंग का सरगना कुशीनगर का शिव नारायण ने फर्जी टू कॉलर का प्रयोग करते हुए रकम अपने बताए खातों में ट्रांसफर कराता है। उसने ही फर्जी ट्रू कॉलर के जरिए एक मोटर एजेंसी का मालिक होना बताकर शाखा प्रबंधक को फोन करके अपने बताए खाते में 9,80,080 रुपये ट्रांसफर करा लिया था।
पकड़ में आने के बाद दोनों आरोपियों ने कई महत्वपूर्ण जानकारियां पुलिस को दीं। पुलिस की जांच में यह बात सामने आई कि जालसाज गैंग फ्रॉड से मंगाई गई रकम को पहले गैंग से जुड़े कुछ सदस्यों के खाते में ट्रांसफर करते हैं। उसके बाद पेट्रोल पंपों से डीजल, पेट्रोल के नाम पर कैश करा लेते हैं।
एचडीएफसी बैंक के शाखा प्रबंधक से फ्रॉड करके मंगाई गई रकम में से करीब पांच लाख का भुगतान पेट्रोल पंपों से लिया गया है। पुलिस की जांच में कुशीनगर जिले के एक पेट्रोल पंप से एक ही दिन में करीब 70 हजार रुपये तेल के नाम पर कैश कराया गया है। इसके साथ ही कुशीनगर जिले के सेवरही स्थित एटीएम से भी कुछ रकम की निकासी की गई।
गोपालगंज, बेतिया और सीवान के कुछ पेट्रोल पंपों से कैश और एटीएम से भुगतान लिया गया है। इसमें पेट्रोल पंप कर्मियों की भी संलिप्तता होने का अंदेशा पुलिस को है। इसके साथ ही शाखा प्रबंधक के जरिए जिस मोटर एजेंसी मालिक के खाते से जालसाज के बताए खाते में रकम ट्रांसफर हुई है। उससे मोटर एजेंसी के मालिक के भी कुछ कर्मियों पर पुलिस का शक गहरा गया है।
पुलिस का मानना है कि मोटर एजेंसी के मालिक के खाते का चेक नंबर आखिर जालसाज गैंग तक कैसे पहुंचा। इसमें कहीं न कहीं मोटर एजेंसी मालिक के कर्मियों की संलिप्तता हो सकती है। इसके साथ बैंक के कर्मियों की भूमिका की भी जांच किए जाने की जरूरत जताई गई।
संतकबीरनगर एसपी डॉक्टर कौस्तुभ ने कहा कि फर्जी टू कॉलर आईडी का प्रयोग करके फ्राड कॉल के जरिए अंतरराज्यीय ऑनलाइन ठगी करने वाले गिरोह का नेटवर्क उत्तर प्रदेश, बिहार समेत कई राज्यों में फैला हुआ है। जालसाजों का एक संगठित गिरोह है। अब तक गैंग से जुड़े नौ सदस्य प्रकाश में आ चुके हैं। गैंग फ्रॉड से मंगाई गई रकम को पेट्रोल पंपों से कैश कराता है। इससे पंप कर्मियों की संलिप्तता उजागर हो रही है।
पेट्रोल पंप गाड़ियों से तेल चोरी का अड्ड बन रहे हैं। पंप मालिकों को चाहिए कैश ट्रांजेक्शन कत्तई न होने दें। वैसे इस प्रकरण में पंप कर्मियों की भूमिका की जांच हो रही है। संबंधित मोटर एजेंसी मालिक के कर्मियों की भूमिका भी जांची जा रही है। इस घटना में शामिल गैंग के मुखिया समेत सात सदस्य पुलिस की पकड़ से दूर है। घटना में जो भी शामिल होंगे, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा।