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गोरखपुर में पहला केस दर्ज: लालच देकर धर्मांतरण कराने आए दो युवक गिरफ्तार, जम्मू-कश्मीर और पठानकोट के निवासी हैं आरोपी
Mon, 11 Apr 2022 05:12 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Mon, 11 Apr 2022 05:12 PM IST
सार
पिपराइच इंस्पेक्टर मधुप मिश्रा ने कहा कि दो साल पहले तक दोनों खुद हिंदू थे। लेकिन, बाद में ईसाई धर्म स्वीकार कर लिया। अब वे ईसाई धर्म का प्रचार प्रसार कर रहे हैं और यूपी के अलग-अलग जिलों में जाकर गरीब लोगों को तरह तरह का प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन को उकसा रहे हैं। केस दर्ज कर जेल भेज दिया गया है।
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
नौकरी और नकदी का लालच देकर हिंदुओं को ईसाई बनाने की साजिश रचने के दो आरोपियों को सोमवार को पुलिस ने जेल भेज दिया है। आरोपी पिछले तीन महीने से जिले में रुके थे और लगातार ग्रामीणों को बरगला रहे थे। सूचना पर रविवार को पिपराइच पुलिस ने दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया था और पूछताछ में धर्मांतरण का मामला सही पाने पर केस दर्ज कर जेल भेज दिया। पिपराइच थाने में संभवत धर्मांतरण का पहला केस दर्ज किया गया है।
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आरोपियों की पहचान जम्मू-कश्मीर के जानेपुर निवासी केशव सिंह जनवाल पुत्र गोवर्धन सिंह और पठानकोट निवासी ओंकार के रूप में हुई है। पुलिस ने पिपराइच के चिलबिलवा निवासी संजय मौर्या के तहरीर पर दोनों के खिलाफ विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम की धाराओं में केस दर्ज किया है। पुलिस के मुताबिक, दोनों युवक जनवरी से चिलबिलवा गांव निवासी सीमा के घर रह रहे थे। दोनों गांव के लोगों को मिशनरी स्कूलों में दाखिला दिलाकर निशुल्क अच्छी शिक्षा, रोजगार देने, रुपये देने का प्रलोभन देकर हिंदू धर्म से ईसाई धर्म में परिवर्तन कराने का दबाव बना रहे थे।
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पुलिस के अनुसार, दोनों खुद को ईसाई धर्म का पादरी बता रहे थे। पुलिस ने संजय की सूचना पर दोनों को शनिवार को ही हिरासत में लिया था और पूछताछ कर रही थी। पूछताछ में पता चला कि पठानकोट का ओंकार 7 अप्रैल 2022 को गोरखपुर आया तो वहीं दूसरा जम्मू का केशव सिंह जनवाल 18 जनवरी 2022 को ही गोरखपुर आया था। तभी से दोनों लोगों को ईसाई बनाने की कोशिश में लगे थे।
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पिपराइच इंस्पेक्टर मधुप मिश्रा ने कहा कि दो साल पहले तक दोनों खुद हिंदू थे। लेकिन, बाद में ईसाई धर्म स्वीकार कर लिया। अब वे ईसाई धर्म का प्रचार प्रसार कर रहे हैं और यूपी के अलग-अलग जिलों में जाकर गरीब लोगों को तरह तरह का प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन को उकसा रहे हैं। केस दर्ज कर जेल भेज दिया गया है।