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नेपाल तक फैला है नकली दवाओं का कारोबार, विभाग के हाथ नहीं लग पा रहे आरोपी धंधेबाज
Mon, 25 Jan 2021 11:11 AM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Mon, 25 Jan 2021 11:11 AM IST
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दवा (प्रतीकात्मक तस्वीर)
- फोटो : PTI
गोरखपुर शहर के अलीनगर में बीते दिनों पकड़ी गई आठ लाख की नकली दवा के मामले में आरोपी धंधेबाज विभाग के हाथ नहीं लग सके हैं। बताया जा रहा है कि पकड़ी गई नकली दवा के अलावा शेष को धंधेबाजों ने जलाया नहीं, बल्कि उसे आसपास के मेडिकल स्टोरों पर खपा दिया। विभाग की ओर से दवाओं के सैंपल भी अब तक जांच के लिए नहीं भेजे गए हैं। नकली दवा पर अंकुश लगाने में विभाग की सुस्ती की वजह से धंधेबाज फिर से सक्रिय हो गए हैं।
जानकारी के मुताबिक, एक पखवारे पूर्व बाजार में नकली दवा आने की सूचना विभाग को मिली थी। इसमें 18 लाख रुपये की दवा बेच दी गई थीं। शेष 18 लाख रुपये की दवा लखनऊ के दुकानदार ने नकली कहकर वापस कर दी। इसी बीच भालोटिया मार्केट से इन दवाओं को गायब कर दिया गया।
विभाग ने इसमें से आठ लाख रुपये की दवा तो पकड़ ली, शेष 10 लाख की दवा छोटे मेडिकल स्टोरों पर पहुंच गई है। इन दवाओं को आसपास के मेडिकल स्टोरों पर खपा दिया गया है। इनमें सबसे अधिक दवा बड़हलगंज, भटहट, गोला, पीपीगंज, कैंपियरगंज, उरुवा बाजार, चौरीचौरा, बेलघाट जैसे जगहों पर पहुंच गई है।
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जानकारी के मुताबिक, एक पखवारे पूर्व बाजार में नकली दवा आने की सूचना विभाग को मिली थी। इसमें 18 लाख रुपये की दवा बेच दी गई थीं। शेष 18 लाख रुपये की दवा लखनऊ के दुकानदार ने नकली कहकर वापस कर दी। इसी बीच भालोटिया मार्केट से इन दवाओं को गायब कर दिया गया।
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विभाग ने इसमें से आठ लाख रुपये की दवा तो पकड़ ली, शेष 10 लाख की दवा छोटे मेडिकल स्टोरों पर पहुंच गई है। इन दवाओं को आसपास के मेडिकल स्टोरों पर खपा दिया गया है। इनमें सबसे अधिक दवा बड़हलगंज, भटहट, गोला, पीपीगंज, कैंपियरगंज, उरुवा बाजार, चौरीचौरा, बेलघाट जैसे जगहों पर पहुंच गई है।
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दवा जलाने की झूठी सूचना देकर विभाग को किया गुमराह
विभाग को यह सूचना दी गई कि लखनऊ से वापसी में दवा को नौसड़ में जला दिया गया। लेकिन सूत्रों की मानें तो ऐसा विभाग को गुमराह करने के लिए किया गया, ताकि वह इसपर से अपना ध्यान हटा ले। विभाग का ध्यान हटा तो कारोबारियों ने इन दवाओं को आसपास के इलाकों के मेडिकल स्टोरों पर खपा दिया।
कई जिलों में फैला है नेटवर्क
ड्रग विभाग की टीम को जो हार्ड डिस्क मिला है, उसमें कई महत्वपूर्ण जानकारियां री-स्टोर होने के दौरान मिली हैं। इनमें भालोटिया के दो सगे भाइयों के दुकान की भी जानकारी मिली है। बताया जा रहा है कि ये दोनों भाई लंबे समय से इस खेल में शामिल हैं। अलीनगर का व्यापारी तो छोटा मोहरा है। लेकिन उससे बड़े-बड़े लोग इस काम को अंजाम दे रहे हैं।
बताया जा रहा है कि दोनों भाईयों का नेटवर्क केवल जिले तक नहीं, बल्कि महराजगंज, बस्ती, सिद्धार्थनगर, संतकबीरनगर और नेपाल तक है। महराजगंज में तो बाकायदा एक आदमी इस काम के लिए रखा गया है, जो नेपाल तक दवा पहुंचाने का काम कर रहा है।
कई जिलों में फैला है नेटवर्क
ड्रग विभाग की टीम को जो हार्ड डिस्क मिला है, उसमें कई महत्वपूर्ण जानकारियां री-स्टोर होने के दौरान मिली हैं। इनमें भालोटिया के दो सगे भाइयों के दुकान की भी जानकारी मिली है। बताया जा रहा है कि ये दोनों भाई लंबे समय से इस खेल में शामिल हैं। अलीनगर का व्यापारी तो छोटा मोहरा है। लेकिन उससे बड़े-बड़े लोग इस काम को अंजाम दे रहे हैं।
बताया जा रहा है कि दोनों भाईयों का नेटवर्क केवल जिले तक नहीं, बल्कि महराजगंज, बस्ती, सिद्धार्थनगर, संतकबीरनगर और नेपाल तक है। महराजगंज में तो बाकायदा एक आदमी इस काम के लिए रखा गया है, जो नेपाल तक दवा पहुंचाने का काम कर रहा है।
बिना लाइसेंस के बेच रहे कॉस्मेटिक के सामान
शहर के कई बड़े बाजारों में बिना कॉस्मेटिक ड्रग लाइसेंस के खुजली, दाद, मुंहासे की दवाएं खुलेआम बेची जा रही हैं। जबकि इन कॉस्मेटिक दवाओं को बेचने के लिए लाइसेंस जरूरी है। लेकिन इसके बाद भी विभाग की नजर ऐसे दुकानदारों पर नहीं पहुंच पा रही है।
सहायक औषधि आयुक्त एजाज अहमद ने बताया कि नकली दवा के धंधेबाजों पर विभाग की पूरी नजर है। जांच की जा रही है। बड़े पैमाने पर नकली दवा के कारोबार के संकेत मिल रहे हैं। जल्द ही बड़ा खुलासा किया जाएगा।
सहायक औषधि आयुक्त एजाज अहमद ने बताया कि नकली दवा के धंधेबाजों पर विभाग की पूरी नजर है। जांच की जा रही है। बड़े पैमाने पर नकली दवा के कारोबार के संकेत मिल रहे हैं। जल्द ही बड़ा खुलासा किया जाएगा।