फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   DIG reprimanded policeman for Medicine dealer murder case from amar ujala questions in gorakhpur

दवा करोबारी मौत मामला: अमर उजाला ने उठाए सवाल, DIG ने पुलिस कर्मियों को फटकारा, बदल गया जांच का एंगल

Sun, 01 Mar 2020 01:58 PM IST
vivek shukla डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर
डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर Published by: vivek shukla Updated Sun, 01 Mar 2020 01:58 PM IST
सार

  • एसपी सिटी, फोरेंसिक टीम के साथ डीआईजी ने खुद की थी बैठक
  • एसएसपी, एसपी सिटी ने मानीटरिंग शुरू की तो फेल हो गई कोतवाली पुलिस की आत्महत्या की थ्यौरी

विज्ञापन
DIG reprimanded policeman for Medicine dealer murder case from amar ujala questions in gorakhpur
मृतक सईद अहमद। (File) - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

13 फरवरी की आधी रात जांच को गई कोतवाली पुलिस ने तीन गोली लगने से मरे दवा कारोबारी सईद की मौत पर फाइनल रिपोर्ट चंद घंटों में लगा दी थी। पुलिस ने अफसरों तक को गुमराह करने में  कोई कसर नहीं छोड़ी। क्या इंस्पेक्टर, क्या सीओ सभी इस बात को साबित करने पर जुटे रहे कि सईद ने खुदकुशी की है। अमर उजाला ने वारदात के अगले ही दिन फोरेंसिक विशेषज्ञों, पूर्व पुलिस अधिकारियों, चिकित्सकों के हवाले से तर्कों के साथ दो टूक बता दिया था कि यह आत्महत्या का नहीं, हत्या का मामला है।
विज्ञापन


मौका-ए-वारदात पर सईद के हाथ में जिस तरह से उनकी लाइसेंसी पिस्टल प्लांट मिली थी, इस पर भी सवाल उठाया गया था। एक अन्य अखबार ने भी कुछ ऐसे ही सवाल उठाए थे। नतीजा, उच्चाधिकारियों को दाल में कुछ काला नजर आने लगा। डीआईजी ने हस्तक्षेप किया और एसएसपी, एसपी सिटी को इस प्रकरण में सीधे मानीटरिंग का आदेश दिया । नतीजा, कोतवाली पुलिस बेबस हो गई।
विज्ञापन


जानकारी के मुताबिक 13 फरवरी को तीन गोली लगने से मरे दवा कारोबारी सईद की लाश बाथरूम में मिली थी। कोतवाली पुलिस रात में जांच को पहुंची थी। अफसरों को खुदकुशी की जानकारी दी गई, मगर यह नहीं बताया गया था कि सईद के जिस्म पर गोलियों के तीन जख्म मौजूद थे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद अफसर चौंके मगर, तब तक कोतवाली पुलिस ने अपनी स्क्रिप्ट तैयार कर ली। अफसरों को यह भरपूर समझाने की कोशिश की गई कि सईद ने खुदकुशी की है।
विज्ञापन
विज्ञापन

आखिर क्यों खुदकुशी साबित करना चाहती थी कोतवाली पुलिस?

एक बारगी अफसर भी कोतवाली पुलिस की बातों पर यकीन कर चुके थे, लेकिन डीआईजी राजेश डी मोदक को तीन गोली मारकर खुदकुशी की बात हजम नहीं हो रही थी। इस प्रकरण पर सवाल खड़ा करते हुए डीआईजी ने एसपी सिटी डॉ. कौस्तुभ और फोरेंसिक टीम के साथ बैठक की। खबर है इस बैठक के दौरान ही डीआईजी ने फोरेंसिक टीम से जो सवाल किए है, उस पर टीम को पसीने छूटने लगे थे। डीआईजी ने कड़ी चेतावनी दी तो हैंड वॉश की बात सामने आ गई। फिर क्या इसी के बाद जांच का एंगल बदल गया। हत्या के एंगल पर पुलिस ने काम शुरू किया जिसका नतीजा अब सामने आ गया।

तीन गोली मारकर खुदकुशी जो भी सुनता वह पुलिस की इस दलील पर हैरानी जताने लगता था कि दवा कारोबारी ने खुदकुशी की है। मगर शुरू से ही कोतवाली पुलिस इसे खुदकुशी साबित करने में जुटी थी। पुलिस हर वह एंगल को बताने में जुटी रही जिससे यह साबित हो सके सईद ने खुद को तीन गोली मार ली थी। अब कोतवाली पुलिस ने ऐसा क्यों किया? इसके पीछे का मकसद क्या था? इन सवालों का जवाब तो शायद कभी ना सामने आए, मगर चर्चाओं पर गौर करें तो बेटे अनस और उसके परिवार के हाल के दिनों में लेनदेन का हिसाब कुछ हद तक पुलिस की इस मजबूरी को बताने लगा है। खैर अफसरों का यह मानना है कि वह पुलिस की मानीटरिंग के लिए ही हैं और केस सही खुलना चाहिए जो खुल रहा है।

बख्श दी जाएगी पुलिस या होगी कार्रवाई

कोतवाली पुलिस की भूमिका इस पूरे प्रकरण में सवालों के घेरे में है। अब सवाल तो यह भी उठता है कि इस सब के बाद भी कोतवाली थाने में तैनात वे लोग अब भी वहीं रहेगे या उनके खिलाफ कोई कार्रवाई भी होगी ?

यह हुआ था
कोतवाली क्षेत्र के नखास के रहने वाले सईद अहमद (54) का शव उनके बाथरूम में मिला। कनपटी में एक और छाती में बायीं ओर दो  गोलियां लगीं थीं। सूचना पर पहुंची कोतवाली पुलिस को सईद के इकलौते बेटे अनस ने बताया कि मां की मौत के बाद से अब्बू डिप्रेशन में थे। उनका इलाज चल रहा था। 13 फरवरी की रात में 12 बजे के बाद पहले एक और फिरर दो गोलियां चलने की आवाज आई। अब्बू के कमरे की तरफ  गया तो दरवाजा अंदर से बंद था। कमरे तक जाने के लिए किचन की खिड़की का इस्तेमाल किया गया। कमरे से अटैच बाथरूम में पिता का शव पड़ा मिला। दाहिने हाथ में पिस्टल थी।

हैंड वॉश की रिपोर्ट निगेटिव आई है। तीन गोली मारकर खुदकुशी करने की बात पहले ही दिन से समझ से परे थी। पुलिस हत्या का केस दर्ज कर मामले की जांच करेगी। जल्द ही घटना का पर्दाफाश कर लिया जाएगा।
राजेश डी मोदक, डीआईजी
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed