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नवजात बच्ची को जिंदा फेंकने का मामला: पुलिस ने नहीं दर्ज किया केस, जांच के नाम पर कर रही टालमटोल
Fri, 21 Jan 2022 11:14 AM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Fri, 21 Jan 2022 11:14 AM IST
सार
गुलरिहा में नवजात बच्ची को जिंदा फेंकने का मामला, पुलिस की कार्रवाई सवालों के घेरे में, प्रधान ने थाने में दी थी तहरीर।
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : social media
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विस्तार
गोरखपु्र जिले के गुलरिहा इलाके के सियारामपुर गांव के टोला नंदापार के पूरब स्थित दुर्गा मंदिर के पीछे नवजात बच्ची के लावारिस मिलने के बाद भी पुलिस ने केस दर्ज नहीं किया। जबकि, प्रधान चंदा की ओर से प्रधान प्रतिनिधि हनुमान निषाद ने आगे बढ़कर बुधवार को ही थाने में तहरीर दे दी थी। जांच के नाम पर पुलिस इस मामले में टालमटोल कर रही है।
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जानकारी के मुताबिक, मंगलवार को दुर्गा मंदिर के पास नवजात बच्ची लावारिस हाल में मिली थी। प्रधान ने तहरीर में लिखा है कि मंगलवार की शाम सात बजे सियारामपुर में दुर्गा मंदिर के पीछे जीवित नवजात बच्ची मिली थी। नवजात का परित्याग करना कानूनी अपराध है, इसलिए केस दर्ज कर कार्रवाई की जाए।
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उनके तहरीर देने के बाद भी पुलिस इस मामले को जांच के नाम पर टाल रही है, जबकि अपराध साफ है। धारा 317 में इसका साफ उल्लेख है कि अगर कोई 12 साल आयु से कम बच्चे का परित्याग करता है तो यह अपराध है, फिर भी पुलिस इस गंभीर मुद्दे पर उदासीन बनी हुई है।
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गुलरिहा इंस्पेक्टर अमित दुबे ने कहा कि मामले की जांच सरहरी पुलिस चौकी इंचार्ज को दी गई है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।