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Gorakhpur News: मेडिकल कॉलेज में चचेरे भाइयों को पीटा, डॉक्टर भी हुए घायल

Thu, 06 Apr 2023 11:48 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो गुलरिहा (गोरखपुर)।
अमर उजाला ब्यूरो गुलरिहा (गोरखपुर)। Published by: vivek shukla Updated Thu, 06 Apr 2023 11:48 AM IST
सार

मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ. गणेश कुमार ने कहा कि मरीज मानसिक रोगी है। बुधवार सुबह परिजन पहले उसे ओपीडी में ले गए। वहां इलाज हुआ। इसके बाद वार्ड में उसे भर्ती किया गया। ऐसे मरीज को ठीक होने में सात से 10 दिन लग सकते हैं। तीमारदारों ने डॉक्टर पर हमला कर दिया। जूनियर डॉक्टर को भी चोट आई है। घटना के वजहों की जांच कराई जा रही है। जांच के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।

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Cousins beaten up in Medical college doctor also injured in Gorakhpur
BRD medical college - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

गोरखपुर बीआरडी मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन वार्ड में एक बार फिर मारपीट की घटना हुई। बुधवार की शाम छह बजे मरीज के बेटे और उसके चचेरे भाई से मारपीट की गई। देरी से आने के सवाल से नाराज जूनियर डॉक्टरों ने चचेरे भाइयों को दौड़ाकर पीटा, फिर एक कमरे में बंद कर पीटा।

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आरोप है कि मरीज को भी डॉक्टरों ने जबरन डिस्चार्ज कर बाहर कर दिया। उधर, डॉक्टरों का आरोप है कि तीमारदार की पिटाई से डॉ. पुष्कर नाथ के सिर पर चोट आई है। उनका ट्रॉमा सेंटर में इलाज कराया गया और टांके भी लगे हैं। दोनों पक्षों ने थाने में तहरीर दी है। पुलिस जांच कर रही है।
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जानकारी के मुताबिक, महराजगंज जिले के पनियरा थाना क्षेत्र की महदेवा निवासी दुर्गावती देवी (55) पत्नी परशुराम साहनी की बुधवार सुबह घर पर बेहोश हो गईं। परिजन महराजगंज जिला अस्पताल ले गए, जहां गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने गोरखपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। उन्हें यहां महिला मेडिसिन वार्ड नंबर पांच में भर्ती किया गया।
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दोपहर से शाम तक कोई डॉक्टर मरीज को देखने नहीं आया। शाम 6:10 बजे पर जूनियर डॉक्टर पहुंचे तो मरीज के पुत्र अमित ने जूनियर डॉक्टर से दिनभर इलाज न होने की शिकायत की। इसपर जूनियर डॉक्टर आक्रोशित हो गए और अमित की पिटाई कर दी।

बचाव में आए अमित के चचेरे भाई कृष्ण मोहन को भी डॉक्टरों ने पीट दिया। आरोप है कि कमरे में बंद कर पीटा गया। उधर, जूनियर डॉक्टरों का कहना है कि तीमारदार अचानक हमलावर हो गया और डॉ. पुष्कर के सिर पर चोट आई है।

 

कुछ तो करें जिम्मेदार, ताकि मलहम लगाने वाले ही ना दें दर्द

वैसे तो डॉक्टरों को धरती का भगवान कहा जाता है, लेकिन मेडिकल कॉलेज के कुछ डॉक्टरों ने इस शब्द की परिभाषा ही बदल दी है। मेडिकल प्रशासन और पुलिस की लापरवाही की वजह से आए दिन तीमारदार पीटे जाते हैं और फिर वह थक-हार कर घर चले जाते हैं। मारपीट के बाद मेडिकल प्रशासन जांच कमेटी गठित तो पुलिस एकाध मामले में केस दर्ज कर भूल जाती। कभी भी ऐसी कड़ाई नहीं हुई, जो नजीर बने और इलाज के लिए आए लोगों को दवा मिले, लात-जूते नहीं।

जानकारी के मुताबिक, बीआरडी मेडिकल कॉलेज में आए दिन तीमारदारों के साथ मारपीट की घटनाएं होती हैं। लेकिन, न तो पुलिस ही कोई कानूनी कार्रवाई करती है और न ही कॉलेज प्रशासन ही कोई ऐसा कदम उठाता है, जिससे ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। वहीं, जब कोई तीमारदार कभी सख्त हुआ और फिर डॉक्टर से उलझा तो वहीं पुलिस इतनी तेजी से पकड़ लेती है कि झटपट केस दर्ज कर आरोपी को जेल भेजने में देर नहीं करती।

12 सितंबर 2021 को भी तीमारदारों ने बहस की थी और मारपीट का केस दर्ज कर पुलिस ने तीन तीमारदारों को जेल भेजा था। मेडिकल कॉलेज में तीमारदार अपने मरीज के बेहतर इलाज के लिए आते हैं, लेकिन यहां आने के बाद इलाज की जगह धरती के भगवान कहे जाने वाले डॉक्टर ही पीटकर अधमरा कर देते रहे हैं। जिसे मलहम लगाना है, वे ही दर्द दे रहे हैं।

पहले भी हुई हैं घटनाएं
  • 3 फरवरी 2023: मेडिकल कॉलेज के सर्जरी विभाग में देवरिया के मदनपुर निवासी शैला देवी को देखने आए उनके भतीजे अजय को पीटा गया। डॉक्टरों की पिटाई का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था और फिर केस दर्ज किया गया।
  • 29 अक्तूबर 2022: पिपराइच के घनश्याम राजभर को जूनियर डॉक्टरों ने पीटा।
  • 4 अगस्त 2022: सिद्धार्थनगर के युवक की पिटाई की गई।
  • 21 अगस्त 2021: पिता की पिटाई का वीडियो बनाने पर जूनियर डॉक्टरों ने युवती को पीटा था।
  • 25 जुलाई 2019: मेडिसिन वार्ड नंबर 9 में रामदुलारे को जूनियर डॉक्टरों ने दौड़ाकर पीटा था।
  • 12 मई 2019 : मेडिसिन विभाग में इलाज कराने आए आनंद कुमार चौरसिया की मौत हो गई थी। परिजनों ने एक बार जांच करने को कहा तो जूनियर डॉक्टरों ने पीटा।
  • 22 अप्रैल 2019: मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान अंशू की मौत हुई और परिजनों को जूनियरों ने पीटा।
  • 06 दिसंबर 2019: देवरिया के तीमारदार अजय की पिटाई की गई।
  • 10 दिसंबर 2018: सर्जरी वार्ड नंबर चार में भर्ती आकांक्षा के पिता कोमल को जूनियर डॉक्टरों ने पीटा।
  • 12 सितंबर 2018: मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन वार्ड में महिला को पीटा गया। वह देवरिया की रहने वाली थी।
  • 8 नवंबर 2016: ट्रामा सेंटर में खुशबू के परिजनों को जूनियर डॉक्टरों ने पीटा था।

मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ. गणेश कुमार ने कहा कि मरीज मानसिक रोगी है। बुधवार सुबह परिजन पहले उसे ओपीडी में ले गए। वहां इलाज हुआ। इसके बाद वार्ड में उसे भर्ती किया गया। ऐसे मरीज को ठीक होने में सात से 10 दिन लग सकते हैं। तीमारदारों ने डॉक्टर पर हमला कर दिया। जूनियर डॉक्टर को भी चोट आई है। घटना के वजहों की जांच कराई जा रही है। जांच के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।


 
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