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गोरखपुर के इस हॉस्पिटल में होगी कोरोना वायरस की जांच, मिल रही ये खास सुविधा
Thu, 19 Mar 2020 02:17 PM IST
vivek shukla
डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर
डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर
Published by: vivek shukla
Updated Thu, 19 Mar 2020 02:17 PM IST
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BRD medical college
- फोटो : अमर उजाला
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कोरोना वायरस की जांच के लिए अब कहीं भटकने की जरूरत नहीं होगी। एक सप्ताह के अंदर बीआरडी मेडिकल कॉलेज की आईसीएमआर लैब में जांच शुरू हो जाएगी। केमिकल सहित मशीनें एक सप्ताह के अंदर आ जाएंगी। बताया जाता है कि कोरोना वायरस बेहद खतरनाक है। इसकी वजह से बाईसेफ्टी केबिनेट मशीन की जरूरत होगी। इसके अंदर ही वायरस खोला जा सकेगा। इसी मशीन के आने के बाद जांच शुरू होगी।
सीएम योगी आदित्यनाथ ने बीआरडी मेडिकल कॉलेज के आईसीएमआर सेंटर के लैब में कोरोना वायरस के जांच की व्यवस्था कराने को कहा है। सीएम के निर्देश के बाद तैयारियां शुरू हो गई है। आईसीएमआर सेंटर में लोगों को जांच के लिए ट्रेनिंग देने का काम भी शुरू हो गया है। बताया जाता है बृहस्पतिवार को विशेषज्ञों की टीम आईसीएमआर में व्यवस्था देखने आएगी।
विशेषज्ञ बताते हैं कि नावेल कोरोना वायरस अब तक का सबसे खतरनाक वायरस है। यह वायरस प्लास्टिक, पेपर, स्टील, लकड़ी में चार से पांच दिनों तक जीवित रहता है, जबकि हवा में दो से आठ घंटे तक जीवित रह सकता है। आईसीएमआर के निदेशक डॉ रजनीकांत ने बताया कि एक सप्ताह के अंदर कोरोना वायरस की जांच शुरू हो जाएगी। किट सहित सभी व्यवस्था कर ली गई है।
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सीएम योगी आदित्यनाथ ने बीआरडी मेडिकल कॉलेज के आईसीएमआर सेंटर के लैब में कोरोना वायरस के जांच की व्यवस्था कराने को कहा है। सीएम के निर्देश के बाद तैयारियां शुरू हो गई है। आईसीएमआर सेंटर में लोगों को जांच के लिए ट्रेनिंग देने का काम भी शुरू हो गया है। बताया जाता है बृहस्पतिवार को विशेषज्ञों की टीम आईसीएमआर में व्यवस्था देखने आएगी।
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विशेषज्ञ बताते हैं कि नावेल कोरोना वायरस अब तक का सबसे खतरनाक वायरस है। यह वायरस प्लास्टिक, पेपर, स्टील, लकड़ी में चार से पांच दिनों तक जीवित रहता है, जबकि हवा में दो से आठ घंटे तक जीवित रह सकता है। आईसीएमआर के निदेशक डॉ रजनीकांत ने बताया कि एक सप्ताह के अंदर कोरोना वायरस की जांच शुरू हो जाएगी। किट सहित सभी व्यवस्था कर ली गई है।
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