इस एक लापरवाही की वजह से मुश्किल में है पूरा गांव, कोरोना से मृत व्यक्ति के परिवार सहित 32 के नमूनों की होगी जांच
- कैंप लगाकर नमूने लिए गए, आज भी लगेगा कैंप
- जांच रिपोर्ट आए बिना परिजनों को सौंप दिया गया था शव
- गांव को सील करके सैनिटाइज कराया जा रहा
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कोरोना संक्रमण से मृत कनइल गांव के व्यक्ति के परिवार के 11 सदस्यों सहित गांव के 32 लोगों के नमूने लिए गए हैं। इन सबकी कोरोना जांच होगी। बुधवार को सर्वोदय इंटर कॉलेज, कौड़ीराम में शिविर लगाकर और नमूने लिए जाएंगे। पूल टेस्टिंग से संक्रमण की जांच की जाएगी। फिलहाल, गांव के लोग डरे हैं। मंगलवार को भी कोई घर से बाहर नहीं निकला। गांव को सील करके आवागमन पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया गया है। गांव को सैनिटाइज कराया जा रहा है।
जानकारी के मुताबिक, बेलीपार के कनइल गांव का 52 वर्षीय व्यक्ति मुंबई से लौटा था। उसे किडनी सहित अन्य बीमारियां थीं। गत शुक्रवार रात तबीयत बिगड़ी तो परिवार के लोग उसे बीआरडी मेडिकल कॉलेज ले गए। कोरोना वार्ड में भर्ती करने के बाद लार का नमूना लिया गया। शनिवार को उसकी मौत हो गई थी। शनिवार की शाम डॉक्टरों ने ट्रेनेट मशीन से जांच कराई तो स्क्रीन रिपोर्ट पॉजिटिव आई।
इसके बावजूद अंतिम रिपोर्ट आने से पहले ही शव परिजनों को सुपुर्द कर दिया गया। रविवार को उसका अंतिम संस्कार गांव के पास राप्ती नदी के कनइल घाट पर किया गया। रविवार को देर रात रिपोर्ट पॉजिटिव आई तो हड़कंप मचा है। गांव और उसके आसपास की 5000 आबादी परेशान है। उनका कहना है कि स्वास्थ्य महकमे की लापरवाही का खामियाजा गांव के लोगों को भुगतना पड़ेगा।
स्वास्थ्य विभाग नहीं मानने को तैयार है लापरवाही
बीआरडी मेडिकल कॉलेज और स्वास्थ्य विभाग इसे लापरवाही मानने को तैयार नहीं है। बीआरडी और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि कोविड-19 के नियमों को ध्यान में रखते हुए शव को परिजनों के सुपुर्द किया गया था। जबकि एसडीएम बांसगांव, गांव के प्रधान और मृतक के भाई के बयान बिल्कुल उलट हैं।
सब मामले में गंभीर लापरवाही की बात कह रहे हैं। मृतक के भाई ने साफ कहा कि कोरोना की निगेटिव रिपोर्ट बताकर शव को सौंपा गया था। विभाग की लापरवाही की वजह से पूरा गांव मुश्किल में है। मृतक के भाई ने बताया कि अगर पहले जानकारी दी गई होती तो हम लोग अपने रिश्तेदारों को नहीं बुलाते। बिना वजह रिश्तेदार भी परेशान हैं।
झंगहा में दो घरों के लोगों को होम क्वारंटीन किया गया
कौड़ीराम के पीएचसी प्रभारी डॉ. संतोष वर्मा ने बताया कि मृतक के दो रिश्तेदारों का घर झंगहा में है। वे अंतिम संस्कार में शामिल हुए थे। दोनों परिवार के 12 लोगों को होम क्वारंटीन करा दिया गया है। उनकी थर्मल स्क्रीनिंग भी कराई गई है। कोई लक्षण नहीं मिले हैं। मंगलवार को टीम रेलवे स्टेशन और सर्वोदय किसान इंटर कॉलेज में जांच के लिए लगा दी गई थी। ऐसे में बुधवार को टीम कनइल गांव में लोगों की थर्मल स्क्रीनिंग कर जांच करेगी।
गोरखपुर के जिलाधिकारी के. विजयेंद्र पांडियन ने बताया कि परिवार के सभी सदस्यों की जांच कराई जा रही है। पूरे मामले को दिखवाया जा रहा है। कहां चूक हुई, इसकी जानकारी ली जाएगी। फिर आगे की कार्रवाई होगी।
सीएमओ डॉ श्रीकांत तिवारी ने बताया कि गांव में संक्रमण फैलने का खतरा बिल्कुल नहीं है। एहतियात के तौर पर परिवार व गांव के लोगों की पूल टेस्टिंग कराई जा रही है। मंगलवार को ही 32 नमूने लिए गए। बुधवार को भी नमूूने लिए जाएंगे। फिलहाल पूरा परिवार होम क्वारंटीन है। ऐसे में रिपोर्ट आने के बाद ही आगे का फैसला किया जाएगा।