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रेलवे अस्पताल में नहीं भर्ती होंगे कोरोना पॉजिटिव बुजुर्ग और बच्चे, ये है बड़ी वजह

Sun, 31 May 2020 07:56 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Sun, 31 May 2020 07:56 PM IST
सार

  • बुजुर्गों और बच्चों को बीआरडी मेडिकल कॉलेज में कराया जाएगा भर्ती
  • कारोना पॉजिटिव गर्भवती का भी मेडिकल कॉलेज में ही होगा इलाज

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Corona positive elderly and children will not be admitted to railway hospital Gorakhpur
कोरोना वायरस। - फोटो : पीटीआई

विस्तार

कोरोना पॉजिटिव बुजुर्ग, बच्चे और गर्भवती अब प्रशासन की ओर से बनाए गए रेलवे के एल-वन अस्पताल में भर्ती नहीं किए जाएंगे। इन्हें स्वास्थ्य विभाग बीआरडी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराएगा। इसके लिए प्रशासन की ओर से निर्देश जारी किए गए हैं। इसके बाद से ही गंभीर मरीजों को मेडिकल कॉलेज में भेजे जाने का सिलसिला शुरू हो गया है।

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बीआरडी मेडिकल कॉलेज में 200 बेड कोविड-19 का एल-वन और एल-टू अस्पताल बनाया गया है। यहां पर मौजूदा समय में 100 से ज्यादा मरीज भर्ती भी हैं। इनमें कुशीनगर, महराजगंज, देवरिया और गोरखपुर के मरीज शामिल हैं।
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इन जिलों के मरीजों की संख्या बढ़ी तो उन्हें रेलवे अस्पताल में बने एल-वन अस्पताल में रखने की प्रक्रिया शुरू की गई। लेकिन रेलवे अस्पताल में गंभीर मरीजों के इलाज की कोई व्यवस्था न होने के कारण स्वास्थ्य विभाग ने अपनी नीति में बदलाव किए हैं।

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विशेषज्ञ डॉक्टर न होने से लिया गया फैसला

अब गंभीर मरीज, जिनको किडनी, हृदय रोग, शुगर, टीबी आदि बीमारियां होंगी उनको बीआरडी मेडिकल कॉलेज के एल-टू अस्पताल में रखा जाएगा। इसके अलावा बुजुर्ग, बच्चे और गर्भवतियों को भी रेलवे अस्पताल में भर्ती नहीं किया जाएगा।

रेलवे अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी की वजह से यह फैसला लिया गया है। रेलवे अस्पताल में बाल रोग विशेषज्ञ सहित स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञों की कमी है। इसके अलावा गंभीर मरीजों के इलाज की कोई बेहतर व्यवस्था नहीं है। यही वजह है कि गंभीर मरीजों को बीआरडी में भर्ती करने का फैसला लिया गया है।

बीआरडी प्राचार्य डॉ. गणेश कुमार ने कहा कि मेडिकल कॉलेज में गंभीर कोरोना मरीजों का इलाज किया जा रहा है। इसके अलावा कोरोना पॉजिटिव नवजात और छोटे बच्चों के भी इलाज की सुविधा कॉलेज में है। रेलवे अस्पताल में अलाक्षणिक मरीज भर्ती किए जा रहे हैं।

 
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