Gorakhpur Corona Update: गोरखपुर में तेजी से पांव पसार रहा कोरोना, एक ही परिवार के चार सदस्य संक्रमित
संक्रमितों में चार साल का मासूम और 11 साल की बालिका भी शामिल है। वहीं बिहार से इलाज कराने आए दो मरीज भी जांच में संक्रमित मिले हैं।
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गोरखपुर जिले में कोरोना संक्रमण तेजी से बढ़ा है। कौवाबाग रेलवे कॉलोनी निवासी चिकित्सक का परिवार संक्रमित मिला है। रामदत्तपुर निवासी एक परिवार के चार सदस्य संक्रमित मिले हैं। जिसमें एक चार साल का बच्चा और 11 साल की बालिका शामिल है। गोरखनाथ क्षेत्र निवासी निजी चिकित्सक तथा बीआरडी में चिकित्सक परिवार के सदस्य भी संक्रमित मिले हैं। बिछिया स्थित पीएसी कैंप में तैनात एक सिपाही संक्रमित मिला है। बिहार से इलाज कराने आए दो मरीज संक्रमित मिले। दोनों एक्स-रे कराने के लिए, एक निजी रेडियोलॉजी सेंटर पहुंचे थे।
छह दिन में 28 रेलकर्मी संक्रमित
रेलवे अस्पताल के 12 से ज्यादा स्वास्थ्यकर्मी और उनके परिवाले कोरोना संक्रमित हो गए हैं। छह अफसर भी संक्रमित हो चुके हैं। सिर्फ छह दिन में कुल 28 रेलकर्मी संक्रमित हुए हैं। सभी संक्रमित होम आइसोलेट हैं और उनका प्राथमिक उपचार चल रहा है। रेलवे में तेजी से फैल रहे संक्रमण को लेकर रेलवे अस्पताल और कार्यालयों में दहशत है। अधिकारी और कर्मचारी सतर्कता बरतने लगे हैं।
संक्रमितों में 51 शहर व छह ग्रामीण क्षेत्र के
एम्स गोरखपुर के एमबीबीएस के पांच छात्रों के अलावा दो डॉक्टर भी कोरोना पॉजिटिव मिले हैं। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, पहली और दूसरी लहर के साथ अब तक जिले में कुल संक्रमितों की संख्या 59588 हो गई है। इसमें 58592 मरीज ठीक हो चुके हैं। पहली व दूसरी लहर में 848 संक्रमितों की मौत हुई थी। बृहस्पतिवार को जो संक्रमित मिले हैं, उसमें से 51 शहरी क्षेत्र व छह ग्रामीण क्षेत्र के हैं। एम्स के दो डॉक्टरों के साथ ही उनके परिवार के दो सदस्य भी संक्रमित पाए गए हैं। इनमें एक मासूम शामिल है। इससे पहले बुधवार को भी एम्स के दो डॉक्टर संक्रमित मिले थे। सीएचसी चौरीचौरा और भटहट के एक-एक कर्मचारी भी संक्रमित मिले हैं। रेलवे हॉस्पिटल के कुछ और लोग भी संक्रमित मिले हैं।
रेलवे अस्पताल में डॉक्टर व पैरा मेडिकल स्टॉफ तैनात
रेलवे अस्पाल के स्वास्थ्य निदेशक डा. नंद किशोर के अनुसार संक्रमित रेलकर्मियों के इलाज के प्रबंधक सुनिश्चित कर लिए गए हैं। अतिरिक्त चिकित्सकों और पैरा मेडिकल स्टाफ की तैनाती की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अस्पताल में स्थापित आक्सीजन प्लांट कार्य करने लगा है। बच्चों के वार्ड को भी शुरू कर दिया गया है।