{"_id":"69164b5d07d7e19730021d64","slug":"construction-of-overhead-tank-in-limbo-in-gram-panchayat-baida-gorakhpur-news-c-206-1-sgkp1021-164070-2025-11-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gorakhpur News: ग्राम पंचायत बैदा में अधर में ओवरहेड टैंक का निर्माण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gorakhpur News: ग्राम पंचायत बैदा में अधर में ओवरहेड टैंक का निर्माण
विज्ञापन
महराजगंज। विकास खंड पनियरा के ग्राम पंचायत बैदा में ओवरहेड टैंक निर्माण कार्य अधूरा है। शासन की ओर से पेयजल संकट दूर करने के उद्देश्य से फरवरी 2022 में ओवरहेड टैंक निर्माण की परियोजना शुरू की गई थी। जल निगम की ओर से कार्यदायी संस्था जेएमसी को सौंपा गया था। अनुमानित लागत 1.54 करोड़ रुपये निर्धारित की गई थी और 18 माह की समय-सीमा के भीतर इसे पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था। लेकिन तीन साल बीतने के बाद भी काम अधूरा पड़ा है।
जानकारी के अनुसार, पनियरा के ग्राम पंचायत बैदा के ग्रामीण शुद्ध पेयजल के लिए परेशान हैं। गांव में हैंडपंप लगा है। लेकिन वह भी दूषित पानी देता है। इससे लोगों को छोटे नलों का पानी पड़ता है। गर्मी के मौसम में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है। समस्या के समाधान के लिए शासन की ओर से फरवरी 2022 में ओवरहेड टैंक निर्माण कार्य शुरू कराया गया। प्रारंभिक चरण में मिट्टी भराई और नींव निर्माण का काम तेजी से शुरू हुआ, लेकिन कुछ ही महीनों बाद कार्य की गति धीमी पड़ गई। वर्तमान में ओवरहेड टैंक परिसर में बाउंड्री वॉल तैयार है, एक भवन का निर्माण पूरा है टैंक का ढांचा खड़ा किया गया है।
ग्रामीण मनोज सहानी, चंद्र प्रकाश, राजेश सहानी और त्रिलोकी गुप्ता का कहना है कि योजना शुरू होते समय उन्हें उम्मीद थी कि अब उनके गांव में भी शुद्ध पानी की सप्लाई शुरू हो जाएगी। लेकिन तीन साल बीत जाने के बाद भी वे सिर्फ अधूरे ढांचे को देखते रह गए।
विज्ञापन
विज्ञापन
जानकारी के अनुसार, पनियरा के ग्राम पंचायत बैदा के ग्रामीण शुद्ध पेयजल के लिए परेशान हैं। गांव में हैंडपंप लगा है। लेकिन वह भी दूषित पानी देता है। इससे लोगों को छोटे नलों का पानी पड़ता है। गर्मी के मौसम में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है। समस्या के समाधान के लिए शासन की ओर से फरवरी 2022 में ओवरहेड टैंक निर्माण कार्य शुरू कराया गया। प्रारंभिक चरण में मिट्टी भराई और नींव निर्माण का काम तेजी से शुरू हुआ, लेकिन कुछ ही महीनों बाद कार्य की गति धीमी पड़ गई। वर्तमान में ओवरहेड टैंक परिसर में बाउंड्री वॉल तैयार है, एक भवन का निर्माण पूरा है टैंक का ढांचा खड़ा किया गया है।
विज्ञापन
ग्रामीण मनोज सहानी, चंद्र प्रकाश, राजेश सहानी और त्रिलोकी गुप्ता का कहना है कि योजना शुरू होते समय उन्हें उम्मीद थी कि अब उनके गांव में भी शुद्ध पानी की सप्लाई शुरू हो जाएगी। लेकिन तीन साल बीत जाने के बाद भी वे सिर्फ अधूरे ढांचे को देखते रह गए।
विज्ञापन