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पश्चिम एशिया में संघर्ष: सऊदी अरब में फंसे पिता...दुखी मन से विदा हुई बिटिया
Tue, 10 Mar 2026 02:36 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Tue, 10 Mar 2026 02:36 AM IST
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फोटो परिचय महेंद्र निषाद, चंदा देवी
पाली ब्लॉक की ग्राम पंचायत नेवास का मामला, सोमवार को हुई शादी, मायूस घरवालों ने उठाई डोली
पिता की फ्लाइट चार मार्च को कैंसिल, शादी में न पहुंचने का मलाल
बेटी बोली- शादी के बावजूद घर में मायूसी, पत्नी ने कहा- पति के न आने से सारी तैयारी बेकार
पिता बोले- पिछले एक सप्ताह से पैसे का भी संकट, दहलाती हैं आसपास बम गिरने की आवाजें
घघसरा (गोरखपुर)। पाली ब्लॉक की ग्राम पंचायत नेवास गांव निवासी महेंद्र निषाद की बड़ी बेटी रेनू की शादी सोमवार को हुई लेकिन पिता पश्चिम एशिया में संघर्ष के कारण सऊदी अरब के रियाद में फंसे हुए हैं। पिता की फ्लाइट चार मार्च को कैंसिल हो गई जिससे वह बेटी की शादी में नहीं पहुंच सके। पिता के घर न आने से बेटी मायूस हो गई। खुशी के माहौल में पिता की गैरमौजूदगी ने माहौल को भावुक कर दिया। दुखी मन से घरवालों ने बेटी की डोली उठाकर उसकी विदाई की।
बताया जा रहा है कि महेंद्र निषाद पिछले 17 महीनों से सऊदी अरब के रियाद में पेंट-पॉलिश का काम करते हैं। बेटी रेनू की शादी सोमवार (9 मार्च) को तय थी। शादी में आने के लिए महेंद्र ने चार मार्च का टिकट लिया था लेकिन ईरान, अमेरिका-इजराइल के बीच तनाव बढ़ने के बाद फ्लाइट निरस्त हो गई। महेंद्र ने मोबाइल कॉल पर बताया कि वह पिछले एक सप्ताह से कमरे में ही हैं और कहीं आ-जा भी नहीं पा रहे हैं। पैसे का भी संकट खड़ा हो गया है।
उन्होंने बताया कि रियाद में जहां वह रहते हैं, उससे कुछ किलोमीटर दूर बम गिरने की आवाजों से दिल दहल उठता है। वह डरे-सहमे हुए हैं। उन्हें बेटी की शादी में न पहुंच पाने का गहरा मलाल है। उन्होंने कहा कि पिता के जीवन में बेटी का पाणिग्रहण कराना एक सपना होता है लेकिन परिस्थितियों ने उन्हें इससे भी दूर कर दिया। रोते हुए उन्होंने बताया कि वह बेटी को आशीर्वाद भी नहीं दे सके। बात करते समय उनके होंठ कांप रहे थे और जुबान साथ नहीं दे रही थी।
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बड़े उत्साह से की थी शादी की तैयारी
महेंद्र निषाद की पत्नी चंदा देवी ने बताया कि शादी पहले से तय थी और सभी को पति के आने का इंतजार था। लेकिन फ्लाइट निरस्त हो गई। पति के न होने से घर में मायूसी छा गई। बड़े उत्साह के साथ शादी की तैयारी की गई थी लेकिन सब बेकार हो गया।
बेटी के छलके आंसू, बोली- शादी के बावजूद घर में मायूसी
शादी में पिता के न आने से रेनू भावुक हो गईं। उसने बताया कि पिता ने उसकी शादी के कई सपने देखे थे लेकिन जब शादी का समय आया तो वह यहां मौजूद नहीं हैं। उनके बिना शादी अधूरी लग रही है। घर में सभी लोग हैं लेकिन फिर भी मायूसी छाई हुई है।
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पिता की फ्लाइट चार मार्च को कैंसिल, शादी में न पहुंचने का मलाल
बेटी बोली- शादी के बावजूद घर में मायूसी, पत्नी ने कहा- पति के न आने से सारी तैयारी बेकार
पिता बोले- पिछले एक सप्ताह से पैसे का भी संकट, दहलाती हैं आसपास बम गिरने की आवाजें
घघसरा (गोरखपुर)। पाली ब्लॉक की ग्राम पंचायत नेवास गांव निवासी महेंद्र निषाद की बड़ी बेटी रेनू की शादी सोमवार को हुई लेकिन पिता पश्चिम एशिया में संघर्ष के कारण सऊदी अरब के रियाद में फंसे हुए हैं। पिता की फ्लाइट चार मार्च को कैंसिल हो गई जिससे वह बेटी की शादी में नहीं पहुंच सके। पिता के घर न आने से बेटी मायूस हो गई। खुशी के माहौल में पिता की गैरमौजूदगी ने माहौल को भावुक कर दिया। दुखी मन से घरवालों ने बेटी की डोली उठाकर उसकी विदाई की।
बताया जा रहा है कि महेंद्र निषाद पिछले 17 महीनों से सऊदी अरब के रियाद में पेंट-पॉलिश का काम करते हैं। बेटी रेनू की शादी सोमवार (9 मार्च) को तय थी। शादी में आने के लिए महेंद्र ने चार मार्च का टिकट लिया था लेकिन ईरान, अमेरिका-इजराइल के बीच तनाव बढ़ने के बाद फ्लाइट निरस्त हो गई। महेंद्र ने मोबाइल कॉल पर बताया कि वह पिछले एक सप्ताह से कमरे में ही हैं और कहीं आ-जा भी नहीं पा रहे हैं। पैसे का भी संकट खड़ा हो गया है।
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उन्होंने बताया कि रियाद में जहां वह रहते हैं, उससे कुछ किलोमीटर दूर बम गिरने की आवाजों से दिल दहल उठता है। वह डरे-सहमे हुए हैं। उन्हें बेटी की शादी में न पहुंच पाने का गहरा मलाल है। उन्होंने कहा कि पिता के जीवन में बेटी का पाणिग्रहण कराना एक सपना होता है लेकिन परिस्थितियों ने उन्हें इससे भी दूर कर दिया। रोते हुए उन्होंने बताया कि वह बेटी को आशीर्वाद भी नहीं दे सके। बात करते समय उनके होंठ कांप रहे थे और जुबान साथ नहीं दे रही थी।
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बड़े उत्साह से की थी शादी की तैयारी
महेंद्र निषाद की पत्नी चंदा देवी ने बताया कि शादी पहले से तय थी और सभी को पति के आने का इंतजार था। लेकिन फ्लाइट निरस्त हो गई। पति के न होने से घर में मायूसी छा गई। बड़े उत्साह के साथ शादी की तैयारी की गई थी लेकिन सब बेकार हो गया।
बेटी के छलके आंसू, बोली- शादी के बावजूद घर में मायूसी
शादी में पिता के न आने से रेनू भावुक हो गईं। उसने बताया कि पिता ने उसकी शादी के कई सपने देखे थे लेकिन जब शादी का समय आया तो वह यहां मौजूद नहीं हैं। उनके बिना शादी अधूरी लग रही है। घर में सभी लोग हैं लेकिन फिर भी मायूसी छाई हुई है।