फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Basti News ›   Company director arrested for fraud of 284 crores in basti

चिटफंड के नाम पर किया था 284 करोड़ का घोटाला, यहां से पकड़ा गया 'नटवरलाल'

Thu, 16 Jul 2020 02:58 PM IST
vivek shukla संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती।
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती। Published by: vivek shukla Updated Thu, 16 Jul 2020 02:58 PM IST
सार

  • करोड़ों की ठगी के आरोप में कंपनी का डायरेक्टर गिरफ्तार
  • फर्जी कंपनियां बनाकर लोगों से की गई ठगी, तिहाड़ जेल में बंद है गिरोह का सरगना
  • पुलिस को मुंबई, गुजरात, पंजाब, गोरखपुर में कंपनियों की संपत्तियां होने की जानकारी मिली
  • कोतवाली पुलिस की टीम के हत्थे चढ़ा आरोपित डायरेक्टर

विज्ञापन
Company director arrested for fraud of 284 crores in basti
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

फर्जी चिटफंड कंपनी बनाकर रकम दोगुना करने और सस्ते दर पर फ्लैट व जमीनें उपलब्ध कराने का झांसा देकर लोगों से ठगी के आरोप में पुलिस ने एक शख्स को गिरफ्तार किया है। यह कंपनी का प्रमुख डायरेक्टर है। इनकी पहचान जनकपुरी, नई दिल्ली निवासी मनोज अधिकारी के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, इस गिरोह ने किम इंफ्रास्ट्रक्चर, नेक्टर कामर्शियल, किम फ्यूचर विजन और हेल्प फाइनेंस के नाम से चार कंपनियां बनाकर 284 करोड़ रुपये की ठगी की है।

विज्ञापन


एसपी हेमराज मीणा ने प्रेसवार्ता के दौरान बताया कि इस गिरोह का मुख्य आरोपित रवींद्र सिंह सिद्धू पहले ही पकड़ा जा चुका है। वह इस समय दिल्ली के तिहाड़ जेल में बंद है। दिसंबर 2019 में जिले की कोतवाली में हेल्प फाइनेंस कंपनी के नाम से 74 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने के मामले में मुकदमा दर्ज था।
विज्ञापन


उसकी तफ्तीश के दौरान पुलिस मनोज अधिकारी तक पहुंची। उसे पुलिस ने बुधवार को कचहरी चौराहे के पास से गिरफ्तार किया। उसके पास से फ्रॉड से जुड़े कई अभिलेख बरामद किए गए हैं। इसी मनोज ने शहर के रोडवेज के पास शाखा खोलकर 74 लाख रुपये वादी से जमा कराए थे।
विज्ञापन
विज्ञापन


एसपी का कहना है कि 1999 से अब तक इस जिले में कुल चार करोड़ 60 लाख रुपये लोगों के ठगे गए हैं। शिकायत अभी तक सिर्फ एक ही व्यक्ति ने की है। एसपी के अनुसार, कोतवाल रामपाल यादव, एसआई विनोद कुमार यादव, कन्हैया पांडेय, आरक्षी हरेंद्र यादव और अभिषेक कुमार ने आरोपित को गिरफ्तार किया। इन पुलिसकर्मियों को 10 हजार रुपये पुरस्कार के तौर पर दिए जाएंगे।

पुलिस ने चार कंपनियों के करोड़ों के ब्योरे का पता लगाया

एसपी ने बताया कि 284 करोड़ से अधिक की जो संपत्तियां इस गिरोह ने अर्जित कीं, उनमें पंजाब के पठानकोट बस स्टैंड के पीछे दो करोड़ की जमीन, होशियारपुर में पचास लाख का फ्लैट, राजेंद्र पैलेस नई दिल्ली में दो करोड़ के छह कमरे, मानवाला अमृतसर में 46 एकड़ प्लाट करीब 200 करोड़ के, चंडीगढ़ इंडस्ट्रियल एरिया 13 करोड़ का पेंट हाउस, फतेहपुर जिले के खागा तहसील के मंझनपुर 70 लाख का फ्लैट, आगरा जनपद के कार्यालय भवन में 90 लाख रुपये का फ्लैट, ग्वालियर राजस्थान में 30 करोड़ की जमीन, कोटा राजस्थान में 35 लाख की जमीन, बूंदी राजस्थान में 22 लाख की जमीन, गुजरात के अहमदाबाद में सवा करोड़ का ऑफिस, पंजाब के अमृतसर में छह करोड़ का चार मंजिला मकान, जनकपुरी विकास टावर दिल्ली में 56 लाख की संपत्ति, न्यू अमृतसर पंजाब में 70 लाख का कार्यालय भवन,  बिहार के सिवान टोल प्लाजा में करीब डेढ़ करोड़ की तीन बीघा जमीन का पुलिस ने पता लगाया है।

इसके अलावा नेक्टर कामर्शियल एस्टेट लिमिटेड के नाम से गोरखपुर में चार करोड़ की कीमत का जीडीए टावर, मुंबई में डेढ़ करोड़ का कार्यालय भवन और राजस्थान के उदयपुर में 20 लाख रुपये का प्लाट का भी पता चला है। इसी तरह बाकी दो फर्म किम फ्यूचर विजन, हेल्प फाइनेंस कंपनी की संपत्ति को आरबीआई ने सील कर दिया है। उसका भी पता पुलिस ने लगाया है। एसपी के अनुसार, गिरफ्तार मनोज आदि ने जो धन फर्जी कंपनी से एकत्रित किया है, उसके बारे में डीजीपी को लिखा जा रहा है। उनके स्तर से कार्रवाई को आगे बढ़ाया जाएगा।

एक के बाद एक कंपनी बनाकर गोलमाल करने का आरोप

एसपी हेमराज मीणा ने बताया कि वर्ष 1993 में कंपनी के डायरेक्टर ने किम इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी खोली थी। यह कंपनी ठीक से काम रही थी। उसी बीच कंपनी के डायरेक्टर की मौत हो गई और पूरा कारोबार उसके पुत्र रविंद्र सिंह सिद्धू के हाथों में आ गया। धन के लालच में उसने मनोज आदि को अपने साथ जोड़ा।

गोलमाल करने के बाद डायरेक्टर रविंद्र जेल चले गए। चूंकि कंपनी का नाम सुर्खियों में था। ऐसे में मनोज आदि ने उसे बदल कर नेक्टर कामर्शियल कर दिया। फिर गोलमाल कर फरार हो गए। दो साल के भीतर इन्हीं लोगों ने किम फ्यूचर विजन नामक कंपनी की नींव रख दी। इससे भी अकूत धन एकत्रित करने के बाद मनोज आदि ने उसे भी बंद कर हेल्प फाइनेंस नाम से नई कंपनी बनाई और गोलमाल का सिलसिला जारी रखा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed