गोरखपुर में बोले सीएम योगी: उनके लिए परिवार ही प्रदेश, मेरे लिए पूरा प्रदेश परिवार
योगी ने कहा कि लोक कल्याण के लिए राजनीति में आया हूं। शुरुआती दिनों में एक बार मेरा राजनीति से मोहभंग हुआ था। बात गुरुदेव तक पहुंची तो उन्होंने मुझे बुलाया और कहा कि अगर राजनीति का मकसद सत्ता, पद और प्रभुता है तो मैं, तुमसे सहमत हूं, लेकिन मेरी समझ से राजनीति का मतलब लोक कल्याण है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
जो लोग मेरे परिवार को लेकर सवाल उठाते हैं, उनको बताना चाहूंगा कि उनके लिए परिवार ही प्रदेश था। सारे संसाधनों व पदों की बंदरबांट परिवार तक ही सीमित थी। मेरे लिए प्रदेश की 25 करोड़ जनता ही मेरा परिवार है।
हम उसी के कल्याण के लिए बिना भेदभाव के पूरी पारदर्शिता से सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास के नारे को साकार कर रहे हैं। यही संविधान की मूल भावना भी है। यह कहना है मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का। मुख्यमंत्री शनिवार की देर शाम मोहद्दीपुर स्थित एक होटल में न्यूज चैनल के कार्यक्रम में बोल रहे थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव का नाम लिए बगैर कहा कि जिनका सोच सिर्फ अपने परिवार, जाति व मजहब तक सिमटी थी, वह सबके साथ-सबके विकास का मर्म नहीं जान सकते हैं। इन लोगों ने माफिया के संरक्षण, आतंकियों की रहनुमाई करके यूपी के लोगों के सामने पहचान का संकट खड़ा कर दिया था। उस यूपी के सामने पहचान का संकट खड़ा हुआ, जहां काशी, मथुरा, अयोध्या, गंगा, यमुना है। वह यूपी, जो भगवान राम, श्रीकृष्ण, बुद्ध, महावीर, कबीर की धरती रही है। पांच साल के दौरान यूपी की पहचान की पहचान बदली है। अब पहचान का संकट खत्म हो गया है। अब लोग गर्व से कहते हैं कि मैं, यूपी से हूं। इस पर जवाब मिलता है कि जहां अयोध्या है, काशी है, मथुरा है और अंत में यह भी बोल पड़ते हैं कि ओहो योगी वाले यूपी से हो।
भगवा वस्त्र पर सोच आश्चर्य में डालने वाला
सपा प्रमुख अखिलेश यादव की पत्नी व पूर्व सांसद डिंपल यादव के भगवा वस्त्र पर दिए बयान पर योगी ने कहा कि भिक्षु परंपरा के वस्त्र में जंक देखने वालों की दृष्टि कहां है? सोचकर आश्चर्य होता है। ऐसे सोच वालों ने प्रदेश के विकास में जो जंक लगाया था, उसे हम ठीक कर रहे हैं। जंक उखाड़कर फेंक रहे हैं। एक सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि वोट बैंक की राजनीति ने देश को अपूरणीय क्षति पहुंचाई है। तुष्टिकरण की राजनीति ने यूपी को दंगों की आग में झोंक दिया। प्रकृति व परमात्मा की असीम अनुकंपा वाले जिस उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था में नंबर एक होने की क्षमता थी, वह छठवें नंबर तक ही सिमट गई थी। पांच सालों में हम इसे दूसरे नंबर पर ले आए हैं। अब पहले नंबर की यात्रा शुरू हो चुकी है।
लोक कल्याण के लिए राजनीति में आया
योगी ने कहा कि लोक कल्याण के लिए राजनीति में आया हूं। शुरुआती दिनों में एक बार मेरा राजनीति से मोहभंग हुआ था। बात गुरुदेव तक पहुंची तो उन्होंने मुझे बुलाया और कहा कि अगर राजनीति का मकसद सत्ता, पद और प्रभुता है तो मैं, तुमसे सहमत हूं, लेकिन मेरी समझ से राजनीति का मतलब लोक कल्याण है। राजनीति की चुनौतियों में ही लोक कल्याण के लिए अवसर मिलता है। मेरी जिज्ञासा फिर भी शांत नहीं हुई। इसपर पूछा कि संन्यास का क्या मतलब है? तब उनका जवाब था सेवा। सेवा का उद्देश्य होता है अपने अहंकार की तिलांजलि। उनके इसी भाव को लेकर बिना रुके, बिना थके, बिना डिगे, बिना झुके, मौसम से बेपरवाह सांसद के रूप में और मुख्यमंत्री के रूप में अपना जीवन लोक कल्याण के पथ को समर्पित कर दिया। इस समर्पण का बदलाव भी लोगों को दिख रहा होगा।
देश के पहले चुनाव में सुरक्षा प्रमुख मुद्दा
मुख्यमंत्री ने कहा कि सुरक्षा, विकास, लोक कल्याण और सुशासन की पहली शर्त है। किसी भी राज्य का यह पहला चुनाव है, जिसमें सुरक्षा प्रमुख मुद्दा है। कानून व्यवस्था हमारी प्राथमिकता है। इसके रास्ते में आने वाली हर बाधा को दूर किया गया है। एक सवाल के जवाब में कहा कि राष्ट्रधर्म सर्वोपरि होता है। सम्मान सबकी आस्था का होना चाहिए। विवाद तब होता है, जब कोई अपनी आस्था दूसरों पर थोपता है। ऐसा करने वालों से सख्ती से निपटा गया है।