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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   CM Yogi said in Gorakhpur that symbols of Nath tradition will be protected from within the country and abroad.

UP: नाथपंथ की परंपरा से जुड़े चिन्हों का होगा यहां संरक्षण, देश-विदेश से कराए जाएंगे म्यूजियम में संग्रहित

Sat, 14 Sep 2024 03:39 PM IST
रोहित सिंह अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर Published by: रोहित सिंह Updated Sat, 14 Sep 2024 03:39 PM IST
सार

नाथपंथ की परंपरा से जुड़े चिह्नों के संरक्षण और उसे एक म्यूजियम के रूप में संग्रहित करने की आवश्यकता पर जोर देते हुए सीएम योगी ने कहा, गोरखपुर विश्वविद्यालय के महायोगी गुरु गोरखनाथ शोधपीठ इस दिशा में पहल कर सकता है। उन्होंने शोधपीठ से अपील की कि वह नाथपंथ की इनसाइक्लोपीडिया में नाथपंथ से जुड़े सभी पहलुओं, नाथ योगियों के चिह्नों को इकट्ठा करने का प्रयास करें।

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CM Yogi said in Gorakhpur that symbols of Nath tradition will be protected from within the country and abroad.
सीएम योगी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि नाथपंथ की परंपरा के अमिट चिह्न सिर्फ देश के हर कोने में ही नहीं हैं बल्कि विदेशों में भी हैं। उन्होंने अयोध्या में गत दिनों तमिलनाडु के एक प्रमुख संत से हुई मुलाकात का उल्लेख करते हुए बताया कि उक्त संत से उन्हें तमिलनाडु के सुदूर क्षेत्रों की नाथपंथ की पांडुलिपियां प्राप्त हुई हैं।
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यहां गोरखनाथ जी से जुड़े अनेक साधना स्थल और नाथपंथ की परंपराएं आज भी विद्यमान हैं। कर्नाटक की परंपरा में जिस मंजूनाथ का उल्लेख आता है, वह मंजूनाथ गोरखनाथ जी ही हैं। महाराष्ट्र में संत ज्ञानेश्वर दास की परंपरा भी मत्स्येंद्रनाथ जी, गोरखनाथ जी और निवृत्तिनाथ जी की कड़ी है।
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CM Yogi said in Gorakhpur that symbols of Nath tradition will be protected from within the country and abroad.
सीएम योगी ने पुस्तक का विमोचन किया - फोटो : अमर उजाला
महाराष्ट्र में रामचरितमानस की तर्ज पर नवनाथों की पाठ की परंपरा है। पंजाब, सिंध, त्रिपुरा, असम, बंगाल आदि राज्यो के साथ ही समूचे वृहत्तर भारत और नेपाल,  बांग्लादेश, तिब्बत, अफगानिस्तान, पाकिस्तान समेत अनेक देशों में नाथपंथ का विस्तार देखने को मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने नाथपंथ की परंपरा से जुड़े चिह्नों के संरक्षण और उसे एक म्यूजियम के रूप में संग्रहित करने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि गोरखपुर विश्वविद्यालय के महायोगी गुरु गोरखनाथ शोधपीठ इस दिशा में पहल कर सकता है। उन्होंने शोधपीठ से अपील की कि वह नाथपंथ की इनसाइक्लोपीडिया में नाथपंथ से जुड़े सभी पहलुओं, नाथ योगियों के चिह्नों को इकट्ठा करने का प्रयास करें।

CM Yogi said in Gorakhpur that symbols of Nath tradition will be protected from within the country and abroad.
सीएम योगी - फोटो : अमर उजाला
खतरों के प्रति जागरूक करने और रूढ़ियों पर प्रहार करने में भी आगे रहा नाथपंथ
मुख्यमंत्री ने कहा देश, काल और परिस्थितियों के अनुरूप नाथपंथ ने अपनी भूमिका को सदैव समझा। जब देश बाहरी आक्रमण शुरू हो गए थे तब नाथपंथ के योगियों ने सारंगी वादन के जरिये समाज को देश पर आए खतरे के प्रति जागरूक किया। इसी तरह सामाजिक रूढ़ियों पर प्रहार करने में भी नाथपंथ अग्रणी रहा है। उन्होंने कहा कि यह सौभाग्य की बात है कि महायोगी गोरखनाथ जी ने गोरखपुर को अपनी साधना से पवित्र किया।

CM Yogi said in Gorakhpur that symbols of Nath tradition will be protected from within the country and abroad.
पुस्तक के स्टाल पर सीएम योगी - फोटो : अमर उजाला
देश को जोड़ने की व्यावहारिक भाषा है हिंदी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी लोगों को राजभाषा हिंदी दिवस की बधाई देते हुए कहा कि हिंदी देश को जोड़ने की एक व्यावहारिक भाषा है। इसका मूल देववाणी संस्कृत है। मुख्यमंत्री ने भारतेंदु हरिश्चंद्र के ‘निज भाषा उन्नति’ वाले उद्धरण का उल्लेख करते हुए कहा कि भारतेंदु हरिश्चंद्र का भाषा के प्रति यह भाव आज भी आकर्षित करता है।

CM Yogi said in Gorakhpur that symbols of Nath tradition will be protected from within the country and abroad.
सीएम योगी ने दिव्यांगजन कैंटीन की उद्घाटन - फोटो : अमर उजाला
उन्होंने कहा कि यदि भाव और भाषा खुद की नहीं होगी तो हर स्तर पर प्रगति बाधित करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 10 वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने देश को जोड़ने के लिए हिंदी को जिस रूप में देश-दुनिया के सामने प्रस्तुत किया है, वह अभिनंदनीय है।

CM Yogi said in Gorakhpur that symbols of Nath tradition will be protected from within the country and abroad.
कार्यक्रम में मौजूद लोग - फोटो : अमर उजाला
’नाथपंथ का इतिहास’, ‘नाथपंथ की प्रवेशिका’ और ‘कुंडलिनी’ पत्रिका का विमोचन किया मुख्यमंत्री ने
 इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने डॉ. पद्मजा सिंह द्वारा रचित पुस्तक ‘नाथपंथ का इतिहास’, अरुण कुमार त्रिपाठी की पुस्तक ‘नाथपंथ की प्रवेशिका’ तथा महायोगी गुरु गोरक्षनाथ शोधपीठ की अर्धवार्षिक पत्रिका ‘कुंडलिनी’ का विमोचन किया। नाथपंथ का इतिहास पुस्तक नाथपंथ के आभिर्भाव से लेकर अद्यतन काल तक के इतिहास का शोधपरक विवेचन है।

CM Yogi said in Gorakhpur that symbols of Nath tradition will be protected from within the country and abroad.
सीएम योगी - फोटो : अमर उजाला
जबकि कुंडलिनी पत्रिका में नाथपंथ के प्रति शोध और स्वास्थ्य जैसे विषयों पर लेख संकलित हैं। साथ ही सीएम  ने दीक्षा भवन की गैलरी में लगी पुस्तक प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया।

दिव्यांगजन कैंटीन का मुख्यमंत्री ने किया शुभारंभ
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय परिसर में दिव्यांगजन कैंटीन का भी शुभारंभ किया। इस कैंटीन का संचालन दिव्यांगजन द्वारा किया जाएगा। कैंटीन का उद्घाटन करने के बाद सीएम योगी ने इसका संचालन करने वालों का मनोबल बढ़ाया।
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