गोरखपुर में बोले सीएम योगी: 'कोरोना की तीसरी लहर से मुकाबले में बहुत काम आएगा इंसेफेलाइटिस का सफल मॉडल'
सभी मेडिकल कॉलेज में बनाए जा रहे 100 बेड के पीआईसीयू, जिला अस्पतालों की यूनिट भी क्रियाशील की जा रही, प्रदेश में रिकवरी रेट 94 फीसदी से अधिक, पॉजिटिविटी रेट औसतन तीन फीसदी के करीब
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कोरोना की तीसरी लहर से निपटने के लिए पूरे प्रदेश में युद्धस्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। सेकेंड वेव को सफलतापूर्वक समाप्त करने के साथ ही हम संभावित थर्ड वेव का भी डटकर सामना करेंगे। थर्ड वेब के मुकाबले में हमारा इंसेफेलाइटिस नियंत्रण का सफल मॉडल बहुत काम आएगा।
मुख्यमंत्री, मंगलवार को बीआरडी मेडिकल कॉलेज में कोविड प्रबंधन की मंडलीय समीक्षा बैठक के बाद मीडिया से मुखातिब थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना की फर्स्ट वेव में ट्रेस, टेस्ट और ट्रीट का जो मंत्र दिया था, उस पर निरंतर चलते हुए हमने सेकेंड वेव को भी सफलतापूर्वक नियंत्रित किया है। सीएम ने बताया कि यूपी में कोविड पॉजिटिविटी रेट निरंतर कम हो रहा है और रिकवरी रेट में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है।
आज प्रदेश में रिकवरी रेट 94 फीसद से अधिक है जबकि पॉजिटिविटी रेट औसतन तीन फीसदी के आसपास। टेस्ट के मामले में भी हम काफी आगे हैं। प्रतिदिन तीन लाख से सवा तीन लाख टेस्ट किए जा रहे हैं। प्रदेश में अब तक करीब पौने पांच करोड़ टेस्ट किए जा चुके हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि गोरखपुर मंडल में भी 93 प्रतिशत रिकवरी रेट है जो काफी अच्छी है और पॉजिटिविटी काफी कम हुई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि थर्ड वेव की आशंका के मद्देनजर हमारी तैयारियां अर्ली एंड अग्रेसिव अभियान के तहत चल रही हैं। सभी मेडिकल कॉलेजों में 100-100 बेड के पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट (पीआईसीयू ) बनाए जा रहे हैं। साथ ही सभी जिला अस्पतालों में 25 से 30 बेड के पीआईसीयू क्रियाशील किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इंसेफेलाइटिस नियंत्रण में हमारे समन्वित परिणाम को सभी ने देखा है।
इंसेफेलाइटिस नियंत्रण मॉडल को कोरोना के थर्ड वेव को काबू में करने के लिए भी इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके लिए मानव संसाधन की भर्ती और प्रशिक्षण का कार्य भी शुरू कर दिया गया है। पीआईसीयू को लेकर की जा रही तैयारियों के साथ हमारे पास पहले से केंद्र सरकार के सहयोग से इंसेफेलाइटिस नियंत्रण के लिए हर जिले की दो-तीन सीएचसी में मिनी पीआईसीयू वार्ड उपलब्ध हैं।
उन्होंने कहा कि इलाज की व्यवस्था के साथ ही स्वच्छता, फॉगिंग, सैनिटाइजेशन, शुद्ध पेयजल, स्वच्छ भारत मिशन से खुले में शौच से मुक्ति के अभियान से इंसेफेलाइटिस में मृत्यु दर न्यूनतम करने में मदद मिली है। इसे इंसेफेलाइटिस नियंत्रण के साथ-साथ कोविड नियंत्रण के लिए भी जारी रखा जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी के जीवन को बचाने के लिए प्रदेश सरकार प्रतिबद्ध है।
अभिभावक स्पेशल बूथ बनेंगे, तैयार होगा सुरक्षा कवच
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड से बचाव में टीकाकरण की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है। प्रदेश सरकार एक जून से सभी जिलों में 18 से 44 वर्ष के लोगों को टीकाकरण की सुविधा देने जा रही है। साथ ही हर जिले में 12 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के अभिभावकों के लिए अभिभावक स्पेशल बूथ बनेंगे।
प्रदेश सरकार उन बस्तियों को चिह्नित करा रही है जहां कोविड की थर्ड वेव के अटैक की अधिक आशंका है। इन बस्तियों में समय से पहले सुरक्षा कवच (वैक्सिनेशन) उपलब्ध कराया जाएगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि इंसेफेलाइटिस के संबंध में टीकाकरण का अभियान सफल रहा है। 92 प्रतिशत से अधिक बच्चों को इंसेफेलाइटिस रोधी टीका लगाया जा चुका है।
सेकेंड वेव की कई अन्य चुनौतियों का भी कर रहे सामना
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना की सेकेंड वेव में कई अन्य चुनौतियों का भी सामना करना पड़ रहा है। हम सफलता के साथ इन चुनौतियों को भी दूर कर रहे हैं। संक्रमण से उबरने के बाद भी कुछ लोगों को अन्य दिक्कतें आ रहीं हैं। इसे देखते हुए पोस्ट कोविड अस्पताल तेजी से क्रियाशील किए जा रहे हैं । कई जिलों में पोस्ट कोविड मरीजों का सफलतापूर्वक इलाज शुरू हो गया है। अन्य जिलों में भी इस दिशा में तेजी से कर्रवाई जारी है। उन्होंने बताया कि सेकेंड वेव में ऑक्सीजन की अचानक बढ़ी मांग को देखते हुए वायुसेना के विमानों से ऑक्सीजन टैंकर मंगाने के साथ ही ऑक्सीजन एक्सप्रेस ट्रेनें भी चलाई गईं। अब हर जिले में भरपूर ऑक्सीजन है।
गोरखपुर मडंल में लग रहे 25 ऑक्सीजन प्लांट
मुख्यमंत्री ने बताया कि सेकेंड वेव में ऑक्सीजन की अचानक बढ़ी डिमांड को देखते हुए प्रदेश सरकार सभी जिलों में प्लांट की व्यवस्था कर इस मामले में उन्हें आत्मनिर्भर बना रही है। गोरखपुर मंडल में 25 ऑक्सीजन प्लांट लगाने की कार्रवाई चल रही है। सभी प्लांट समय सीमा के भीतर शुरू करने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए हैं।