गोरखपुर: सीएम योगी ने रखी सैनिक स्कूल की आधारशिला, बोले- हर मंडल में खुलेंगे सैनिक स्कूल
गोरखपुर खाद कारखाना परिसर में बनने वाला सैनिक स्कूल, प्रदेश का पांचवां सैनिक स्कूल होगा। 'युवाओं को शिक्षा, देश की रक्षा' के ध्येय से शुरू हो रहे इस शैक्षिक प्रकल्प में कक्षा 6 से 12 तक बालक- बालिकाओं को आवासीय व्यवस्था के तहत शिक्षा प्रदान की जाएगी।
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मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा के साथ गोरखपुर खाद कारखाना परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भूमि पूजन कर प्रदेश के पांचवें सैनिक स्कूल की आधारशिला रखी। उन्होंने कहा कि गोरखपुर में बनने जा रहा सैनिक स्कूल पूर्वी उत्तर प्रदेश के विद्यार्थियों को सैन्य प्रशिक्षण के साथ योग्यतम शिक्षा देने का प्रयास है। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि गोरखपुर के खाद कारखाना परिसर में सरकार, स्किल डेवलपमेंट का बड़ा केंद्र भी खोलेगी। यहां प्रशिक्षण प्राप्त करने वालों को देश और दुनियां में कहीं भी बेहतर शर्तों पर रोजगार मिल सकेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सैनिक स्कूल एक बड़ी उपलब्धि है। यहां पढ़ने वाले विद्यार्थियों को देश के कई क्षेत्रों में आगे बढ़ने, उच्च पदों पर सेवा करने का अवसर प्राप्त होगा। यहां अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सैनिक स्कूलों का अपना इतिहास है। प्रदेश में पहला सैनिक स्कूल 1960 में तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. संपूर्णानंद ने स्थापित किया था।
कारगिल विजय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले परमवीर चक्र विजेता शहीद कैप्टन मनोज पांडेय ने भी सैनिक स्कूल से शिक्षण-प्रशिक्षण प्राप्त किया था। उन्होंने कहा कि 2017 में भाजपा की सरकार यूपी में आई तो लखनऊ सैनिक स्कूल का नामकरण शहीद कैप्टन मनोज पांडेय के नाम कर दिया।
विकास की गतिविधियों का केंद्र बना खाद कारखाना परिसर
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि 1990 में खाद कारखाना बंद हो जाने के बाद 26 साल तक केंद्र व पिछली राज्य सरकारों ने यहां की सुधि नहीं ली। 2016 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसका नए सिरे से शिलान्यास किया। 2017 में यूपी में बीजेपी की सरकार आई तो खाद कारखाना परिसर विकास की गतिविधियों का केंद्र बन गया।
खाद कारखाना बनकर तैयार हो रहा है, इसे अक्तूबर तक जनता को समर्पित कर दिया जाएगा। इससे नौजवानों को नौकरी व किसानों को सस्ती खाद मिलेगी। इसी परिसर में सैनिक स्कूल बन रहा है। देश की सीमाओं की सुरक्षा में लगी एसएसबी का मुख्यालय है। यहीं केंद्रीय विद्यालय है, पीएसी की महिला बटालियन स्थापित हो रही है। उपेक्षित रहा यह परिसर अब चहल-पहल का केंद्र है।
कोरोना काल में भी जारी रहे विकास के कार्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास का कोई विकल्प नहीं होता है। यही कारण है कि हमने कोरोना काल में भी विकास की गतिविधियों को निरंतर जारी रखा। विकास कार्य ही खुशहाली का आधार है इसलिए कोरोना प्रोटोकाल का पालन करते हुए विकास कार्य चलते रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि वैश्विक महामारी कोरोना के प्रबंधन में उत्तर प्रदेश के कार्य बेहतरीन रहे। एक संवेदनशील सरकार के रूप में हम अपने हर नागरिक के साथ तत्परता से खड़े हैं।
प्रदेश के हर जिले में होगा मेडिकल कॉलेज
मुख्यमंत्री ने कहा कि कभी पूर्वी उत्तर प्रदेश में बीआरडी मेडिकल कॉलेज ही एकमात्र मेडिकल कॉलेज था। सरकार ने देवरिया, कुशीनगर, बस्ती, सिद्धार्थनगर में भी मेडिकल कॉलेज की सौगात दी है। जो जिले रह गए हैं, वहां हम पीपीपी मॉडल पर मेडिकल कॉलेज खोलने जा रहे हैं। प्रदेश सरकार के पांच साल पूरा होते -होते प्रदेश के सभी 75 जिलों में मेडिकल कॉलेज होंगे। उन्होंने कहा कि खाद कारखाना के साथ ही गोरखपुर एम्स का भी शुभारंभ अक्तूबर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे।
एक्सप्रेस-वे के किनारे बनेंगे औद्योगिक क्लस्टर
शिलान्यास कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने सूबे में बन रहे एक्सप्रेस-वे के जरिए ढांचागत सुविधाओं के विकास का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे, बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे, गंगा एक्सप्रेस-वे, गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे, बलिया लिंक एक्सप्रेस-वे आदि के किनारे औद्योगिक क्लस्टर बनाए जाएंगे। इससे स्थानीय स्तर पर नौजवानों को रोजगार मिलेगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि साढ़े चार सालों में 4.5 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी मिली है। इसमें 1.20 लाख से अधिक को बेसिक शिक्षा विभाग में ही नियुक्ति मिली है। एक लाख से अधिक युवा पुलिस में भर्ती किए गए हैं।
16 परियोजनाओं का किया शिलान्यास
कार्यक्रम में सैनिक स्कूल के साथ ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विभिन्न कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय के छात्रावासों समेत 16 परियोजनाओं का शिलान्यास किया। इन परियोजनाओं की कुल लागत 187.51 करोड़ रुपये है।
पिछली सरकारों ने यूपी को समस्याग्रस्त बना दिया था
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने पूर्व की सरकारों पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि वंशवाद, जातिवाद करने वाली पिछली सरकारों ने प्रदेश में अराजकता का माहौल बना दिया था। विकास के धन का बंदरबांट किया। इंसेफेलाइटिस की समस्या, खाद कारखाना बंदी की समस्या पिछली सरकारों की देन थी। पूर्व की सरकारों ने यूपी का विकास अवरुद्ध कर इसे समस्याग्रस्त प्रदेश बना दिया था।
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ये रहे मौजूद-
सांसद रविकिशन, महापौर सीताराम जायसवाल, विधायक डॉ. राधामोहन दास अग्रवाल, बिपिन सिंह, संगीता यादव, शीतल पांडेय, डॉ. विमलेश पासवान, महेन्द्रपाल सिंह, संत प्रसाद, अपर मुख्य सचिव माध्यमिक शिक्षा आराधना शुक्ला, कमिश्नर रवि कुमार एनजी, डीएम के विजयेंद्र पांडियन आदि उपस्थित रहे।
50 एकड़ में बनेगा सैनिक स्कूल, राष्ट्रभक्ति की भावना जगाएगी हर इमारत
गोरखपुर का सैनिक स्कूल 50 एकड़ में बनेगा और इसके निर्माण पर 154 करोड़ रुपये की लागत आएगी। ‘युवाओं को शिक्षा, देश की रक्षा’ के ध्येय से शुरू हो रहे इस शैक्षिक प्रकल्प में कक्षा 6 से 12 तक बालक-बालिकाओं को आवासीय व्यवस्था के तहत शिक्षा प्रदान की जाएगी। छात्र-छात्राओं के लिए अलग-अलग कैंपस होगा। स्कूल का प्रशासनिक भवन प्राचीन भारतीय संस्कृति व परंपरा का दर्शन कराने वाला होगा। यहां बनने वाले हॉस्टल राष्ट्र नायकों के नाम से समर्पित होंगे। साथ ही कैंपस के अलग-अलग स्थानों का नामकरण सेना के जाबांजों के नाम पर किया जाएगा ।
कैंपस में बागवानी, जैविक खेती व गोशाला की भी व्यवस्था होगी। सैनिक स्कूल के निर्माण में पर्यावरण संरक्षण का भी पूरा ध्यान रखा जाएगा। यहां सभी भवनों में सोलर सिस्टम और रेन वाटर हार्वेस्टिंग की व्यवस्था की जाएगी। क्लास रूम, हॉस्टल, हाईटेक कंप्यूटर लैब के अलावा बहुउद्देश्यीय सभागार, प्रेक्षागृह भी बनाया जाएगा। सुरक्षा और अनुशासन पर नजर रखने के लिए समूचा कैंपस सीसीटीवी कैमरों से कवर रहेगा। मार्च पास्ट, झंडारोहण के लिए ट्रैक बनाए जाएंगे। सैनिक स्कूल के कैंपस में खेल प्रतिभाएं भी तराशी जाएंगी। यहां के विद्यार्थियों को फुटबाल, वॉलीबाल, बास्केटबाल, घुड़सवारी, शूटिंग, जिम्नास्टिक, तैराकी, टेनिस, दौड़ आदि खेलों के लिए प्रशिक्षण मिलेगा और इसके निमित्त ट्रैक व कोर्ट भी होंगे।