UP Chunav 2022: सीएम योगी ने भाजपा पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं से किया संवाद, बोले- यूपी में सुरक्षा ही रामराज्य
गोरखपुर शहर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी, योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को नामांकन करेंगे, इसी बहाने भाजपा अपने ताकत का एहसास कराएगी।
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सीएम योगी आदित्यनाथ बृहस्पतिवार को गोरखपुर पहुंचे। यहां पहुंचते ही उन्होंने निपाल क्लब भाजपा पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं से संवाद किया। उन्होंने कहा कि आप लोगों को पता होगा कि 2017 के पहले पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बेटियां स्कूल नहीं जा पाती थीं। वहां महिलाएं घर के बाहर नहीं निकल सकतीं थीं। बेहद असुरक्षा का माहौल था। इसके बाद भाजपा की सरकार ने सत्ता संभाली तो मामला उलट गया। क्या आप लोगों ने पांच वर्ष में दंगा नाम की कोई बात सुनी है क्या। क्या कहीं से खबर मिली कि कोई बेटी को जबरन उठाकर लेकर चला गया। अब तो वे कहीं पर भी बेझिझक रहतीं हैं। वे कहतीं हैं कि हमें तो भाजपा को वोट देना है। उनसे पूछते हैं कि भाजपा को वोट क्यों देना है? वे कहतीं हैं कि यही तो रामराज्य है। कहीं पर सुरक्षित वातावरण ही रामराज्य है हमें सुरक्षा मिल गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी बेटियां सुरक्षित हो गई है। इससे ज्यादा हमें और क्या चाहिए। हम सुरक्षित है तो स्वयं कुछ भी करने का सामर्थ्य रखते हैं।उन्होंने कहा कि महिलाओं में सुरक्षा का विश्वास जगा है। महिला शक्ति हमारे साथ है। अब भाजपा को प्रचंड समर्थन प्राप्त होगा। उन्होंने गरीब तथा कमजोर तबका हमारे साथ है। गरीब की कोई जाति नहीं होती है। हमने खराब समय में उनका साथ दिया है। हमारी सरकार में जरुरतमंदों को काफी लाभ मिला था। इस दौरान सिर्फ गोरखपुर में 32 हजार मकान बने हैं।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में सपा तथा बसपा की सरकारें थी तो 29 चीने मिलें बंद हुई थी। यहां पर गन्ना किसान बदहाल था। बीते पांच वर्ष में कोई भी चीनी मिल बंद नहीं हुई। गन्ना किसानों को एक लाख 57 हजार करोड़ से अधिक का भुगतान किया गया। उनका भुगतान अभी भी जारी है। हमारे प्रदेश का अन्नदाता किसान पिछली सरकारों की उपेक्षा के कारण आत्महत्या करने को मजबूर था। 2017 में जब हमारी सरकार आई तो हमने 86 लाख किसानों का 36 हजार करोड़ का कर्ज माफ करने का काम किया। उन्होंने कहा कि कभी उत्तर प्रदेश की समृद्धि का माध्यम यहां का सूक्ष्म,लघु एवं मध्यम उद्यम हुआ करता था। सरकारी उपेक्षा, प्रताडऩा और भ्रष्टाचार के चलते एमएसएमई सेक्टर 2017 तक आते आते खत्म होने की कगार पर आ गया था। हमने उसको मजबूती दी।