{"_id":"5fd0b13b8ebc3e3d414371ae","slug":"cm-yogi-inaugurated-sulfur-free-plant-at-munderwa-and-pipraich-sugar-mill","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"जितना कई राज्यों का बजट नहीं उससे अधिक का यूपी सरकार ने गन्ना मूल्य भुगतान किया : सीएम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जितना कई राज्यों का बजट नहीं उससे अधिक का यूपी सरकार ने गन्ना मूल्य भुगतान किया : सीएम
Wed, 09 Dec 2020 04:42 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Wed, 09 Dec 2020 04:42 PM IST
विज्ञापन
सीएम योगी आदित्यनाथ।
- फोटो : अमर उजाला।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कोरोना कालखंड में भी प्रदेश की 119 चीनी मिलों को चलाकर सरकार ने 1.12 लाख करोड़ रुपये के गन्ना मूल्य का रिकॉर्ड भुगतान किया है। उन्होंने कहा कि कई राज्यों का इतना वार्षिक बजट भी नहीं है, जितनी धनराशि का भुगतान यूपी सरकार ने प्रदेश के गन्ना किसानों को किया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को उत्तर प्रदेश राज्य चीनी एवं गन्ना विकास निगम लिमिटेड की मुंडेरवा व पिपराइच चीनी मिलों में सल्फर लेस शुगर प्लांट का लोकार्पण किया। तय कार्यक्रम के मुताबिक मुख्यमंत्री को पहले बस्ती के मुंडेरवा और उसके बाद गोरखपुर की पिपराइच चीनी मिल में सल्फर लेस प्लांट का उद्घाटन करना था, लेकिन मौसम की खराबी की वजह से सीएम का हेलीकॉप्टर मुंडेरवा में नहीं उतर सका। उन्होंने पिपराइच चीनी मिल परिसर से ही मुंडेरवा चीनी मिल के प्लांट का ऑनलाइन लोकार्पण किया।
इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि पिपराइच और मुंडेरवा की चीनी मिलें प्रदेश की पहली ऐसी मिलें हैं, जहां सल्फर लेस रिफाइंड चीनी का उत्पादन किया जाएगा। यह रिफाइंड चीनी दुनिया के बड़े-बड़े होटलों, चिकित्सालयों व अन्य संस्थानों में पहुंचेगी, जिससे पूर्वी उत्तर प्रदेश के गन्ना किसानों की नई पहचान बनेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को उत्तर प्रदेश राज्य चीनी एवं गन्ना विकास निगम लिमिटेड की मुंडेरवा व पिपराइच चीनी मिलों में सल्फर लेस शुगर प्लांट का लोकार्पण किया। तय कार्यक्रम के मुताबिक मुख्यमंत्री को पहले बस्ती के मुंडेरवा और उसके बाद गोरखपुर की पिपराइच चीनी मिल में सल्फर लेस प्लांट का उद्घाटन करना था, लेकिन मौसम की खराबी की वजह से सीएम का हेलीकॉप्टर मुंडेरवा में नहीं उतर सका। उन्होंने पिपराइच चीनी मिल परिसर से ही मुंडेरवा चीनी मिल के प्लांट का ऑनलाइन लोकार्पण किया।
विज्ञापन
इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि पिपराइच और मुंडेरवा की चीनी मिलें प्रदेश की पहली ऐसी मिलें हैं, जहां सल्फर लेस रिफाइंड चीनी का उत्पादन किया जाएगा। यह रिफाइंड चीनी दुनिया के बड़े-बड़े होटलों, चिकित्सालयों व अन्य संस्थानों में पहुंचेगी, जिससे पूर्वी उत्तर प्रदेश के गन्ना किसानों की नई पहचान बनेगी।
विज्ञापन
पिछली सरकारों ने जनता को दिया धोखा
उन्होंने कहा कि पूर्वी उत्तर प्रदेश का हरेक कस्बा किसी न किसी चीनी मिल पर आधारित रहा है। इन मिलों से क्षेत्र के विकास, रोजगार और नौकरी की उम्मीदें जुड़ी रहती थीं। उन्होंने प्रदेश की पिछली सरकारों को घेरते हुए कहा कि पिछली सरकारों ने साजिश के तहत औने-पौने दामों पर 21 चीनी मिलों को बेचकर धन की लूटखसोट की। साल 2017 में भाजपा की सरकार बनने पर हमने चीनी मिलों को चलाने का कार्य किया। पिपराइच व मुंडेरवा की चीनी मिलें इसी कड़ी में शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिपराइच में 1932 में एक निजी चीनी मिल लगाई गई। 1974 में उसका अधिग्रहण हुआ, लेकिन मिल 1999 में बंद हो गई। इसी तरह बस्ती के मुंडेरवा में भी निजी क्षेत्र की चीनी मिल 1932 में लगी, 1984 में अधिग्रहीत हुई और 1999 में बंद हो गई। इन दोनों चीनी मिलों की जगह भाजपा सरकार ने नई मिल शुरू की तो विपक्ष ने तमाम अफवाहें फैलाईं। मगर वह नहीं जानते कि कोई इन मिलों को बंद नहीं कर सकता।
सीएम ने कहा कि पुरानी मिल एक वर्ष में 12 लाख क्विंटल गन्ना पेराई करती थी, जबकि नई दोनों चीनी मिलों ने एक साल में चार गुना अधिक, 45-45 लाख क्विंटल गन्ना की पेराई की है। उन्होंने कहा कि प्रदेश मेें बंद पड़ी अन्य चीनी मिलों को भी चलाया जाएगा। इसके लिए अफसरों को प्रयास करने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिपराइच में 1932 में एक निजी चीनी मिल लगाई गई। 1974 में उसका अधिग्रहण हुआ, लेकिन मिल 1999 में बंद हो गई। इसी तरह बस्ती के मुंडेरवा में भी निजी क्षेत्र की चीनी मिल 1932 में लगी, 1984 में अधिग्रहीत हुई और 1999 में बंद हो गई। इन दोनों चीनी मिलों की जगह भाजपा सरकार ने नई मिल शुरू की तो विपक्ष ने तमाम अफवाहें फैलाईं। मगर वह नहीं जानते कि कोई इन मिलों को बंद नहीं कर सकता।
सीएम ने कहा कि पुरानी मिल एक वर्ष में 12 लाख क्विंटल गन्ना पेराई करती थी, जबकि नई दोनों चीनी मिलों ने एक साल में चार गुना अधिक, 45-45 लाख क्विंटल गन्ना की पेराई की है। उन्होंने कहा कि प्रदेश मेें बंद पड़ी अन्य चीनी मिलों को भी चलाया जाएगा। इसके लिए अफसरों को प्रयास करने के निर्देश दिए गए हैं।