बदल रहा है गोरखपुर: पेप्सिको समेत 18 बड़ी कंपनियों के साथ निवेश पर खुद सीएम योगी करेंगे मंथन
पिछले दिनों अडाणी समूह ने गोरखपुर में सीमेंट फैक्टरी लगाने के लिए जमीन की तलाश शुरू की थी। हालांकि अभी उन्हें जमीन मिली नहीं है, लेकिन गीडा प्रशासन अपनी तरफ से उन्हें निवेश के लिए मनाने में लगा है।
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लिंक एक्सप्रेसवे के सामने विकसित हो रहे औद्योगिक गलियारा और धुरियापार में बनने वाले औद्योगिक क्षेत्र में बड़ी कंपनियों से निवेश कराने की कमान खुद मुख्यमंत्री ने संभाल ली है। गीडा के स्थापना दिवस समारोह के दौरान इसके लिए पेप्सिको समेत 18 बड़ी कंपनियों के साथ मुख्यमंत्री की बैठक होगी। इसमें इन कंपनियों को गोरखपुर में निवेश के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
गोरखपुर के औद्योगिक क्षेत्र में गीडा में कई प्रमुख कंपनियां निवेश कर चुकी हैं। यहां प्लास्टिक व गारमेंट्स पार्क के लिए उद्यमियों को जमीनें आवंटित हो चुकी हैं। अब सरकार व गीडा प्रशासन का पूरा फोकस गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे के दोनों तरफ विकसित होने वाले औद्योगिक गलियारे में बड़ी कंपनियों से निवेश कराने पर है। इसके पीछे की सोच यह है कि अगर कोई बड़ी कंपनी यहां निवेश करती है तो उसका अच्छा संदेश दूर तक जाएगा। इसके बाद अन्य कंपनियां भी इस तरफ स्वत: ही आकर्षित होंगी।
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पिछले दिनों अडाणी समूह ने गोरखपुर में सीमेंट फैक्टरी लगाने के लिए जमीन की तलाश शुरू की थी। हालांकि अभी उन्हें जमीन मिली नहीं है, लेकिन गीडा प्रशासन अपनी तरफ से उन्हें निवेश के लिए मनाने में लगा है। इसके अलावा नमकीन व अन्य खाद्य सामग्री बनाने वाली कंपनी बीकानेर के प्रतिनिधियों से भी कई बार वार्ता हो चुकी है। एशियन पेंटस का गोरखपुर में गोदाम बनने के बाद अब बर्जर पेंटस को भी निवेश के लिए आमंत्रित किया गया है। इसके अलावा जूता बनाने की कंपनी रेड टेप से भी संपर्क किया गया है।
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गीडा सीईओ अनुज मलिक ने बताया कि कंपनियों के प्रतिनिधियों की सहमति मिलने के बाद मुख्यमंत्री के साथ इनकी मीटिंग का प्रस्ताव रखा गया है। प्रयास है कि उदघाटन स्थल पर ही इनकी बैठक कराई जाए। प्रयास है कि गीडा क्षेत्र में कुछ बड़ी और नामी कंपनियों का निवेश मिले, जिससे कि दूसरे भी प्रेरित हों।