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महायोजना-2031 को सीएम की हरी झंडी: स्थापना के बाद से अब तक जीडीए का बढ़ा सवा दो गुना दायरा

Fri, 31 Dec 2021 09:41 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Fri, 31 Dec 2021 09:41 AM IST
सार

जीडीए उपाध्यक्ष प्रेम रंजन सिंह ने सर्किट हाउस में  महायोजना के प्रारूप का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने प्रस्तुतीकरण किया। उन्होंने एक-एक बिंदु पर विस्तार से चर्चा करते हुए बताया कि शहर के विकास के लिए किस तरह के प्रावधान अलग-अलग क्षेत्रों में किए गए हैं।

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CM yogi green signal to Master Plan 2031 for GDA
एनेक्सी भवन में महायोजना-2031 के बारे में अधिकारियों के साथ चर्चा करते सीएम योगी आदित्यनाथ। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) की महायोजना-2031 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपनी रजामंदी दे दी है। साथ ही इसे लागू करने के लिए प्रक्रिया आगे बढ़ाने का भी निर्देश दिया है। अब महायोजना के प्रारूप को मंजूरी के लिए जीडीए बोर्ड बैठक में रखा जाएगा। इसके बाद आपत्तियां व सुझाव मांगी जाएंगी। उनका निस्तारण कर और जरूरत पड़ने पर कुछ बदलाव का उसे शासन को भेज दिया जाएगा। वहीं से इसे लागू कर दिया जाएगा।

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जीडीए उपाध्यक्ष प्रेम रंजन सिंह ने बृहस्पतिवार को सर्किट हाउस में  महायोजना के प्रारूप का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने प्रस्तुतीकरण किया। इस दौरान उन्होंने एक-एक बिंदु पर विस्तार से चर्चा करते हुए बताया कि शहर के विकास के लिए किस तरह के प्रावधान अलग-अलग क्षेत्रों में किए गए हैं। उन्होंने कहा कि आने वाली विकास योजनाओं, आधारभूत संरचना को ध्यान में रखकर महायोजना तैयार की गई है। उपाध्यक्ष ने महायोजना में निर्धारित भू -उपयोगों को मानचित्र के माध्यम से समझाया।  
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बताया कि स्थापना के बाद से अब तक गोरखपुर विकास प्राधिकरण का क्षेत्र सवा दो गुना बढ़ चुका है। 1977 में स्थापना के समय प्राधिकरण की सीमा में 180 राजस्व गांव एवं नगर क्षेत्र मिलाकर 285 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र शामिल था। वर्ष 2020 में इस क्षेत्र में 233 नए राजस्व गांव एवं मुंडेरा बाजार, पीपीगंज व पिपराइच नगर पंचायत जोड़ दिए गए।
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वर्तमान में विकास क्षेत्र का क्षेत्रफल करीब 642 वर्ग किलोमीटर हो चुका है। उपाध्यक्ष ने बताया कि वर्तमान में शहर की आबादी करीब 13 लाख है जबकि नई महायोजना को 20 लाख जनसंख्या को आधार मानकर तैयार किया गया है। प्रस्तुतिकरण के दौरान डीएम विजय किरन आनंद, जीडीए उपाध्यक्ष पीपी सिंह आदि अफसर भी मौजूद रहे।

मेट्रोपॉलिटन सिटी के अनुसार तैयार की गई महायोजना

गोरखपुर को मेट्रोपॉलिटन सिटी घोषित किया जा चुका है और इसलिए महायोजना-2031 को भी उसी के अनुसार तैयार किया गया है। वर्तमान महायोजना में विनियमितीकरण के रूप में प्रस्तावित 25 कॉलोनियों में भू-उपयोग बदलकर आवासीय कर दिया गया है। इससे इन कॉलोनियों पर से दो दशक से चला आ रहा अवैध का दाग धुल जाएगा।

जीडीए उपाध्यक्ष प्रेम रंजन सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने महायोजना 2031 के प्रारूप का प्रस्तुतिकरण किया गया। उन्होंने सहमति जताई है। अब प्रारूप को मंजूरी के लिए जीडीए बोर्ड में रखा जाएगा। यहां से मंजूर होने के बाद आपत्ति व सुझावों के लिए वेबसाइट पर अपलोड किया जाएगा। आपत्ति एवं सुझावों के अनुसार परिवर्तन करने के बाद फिर बोर्ड से पास कराया जाएगा और अंतिम प्रकाशन के लिए शासन को भेज दिया जाएगा। शासन से ही महायोजना-2031 को प्रकाशित किया जाएगा जिसके साथ ही नई महायोजना प्रभावी हो जाएगी।

महायोजना 2031 के ये हैं महत्वपूर्ण प्रस्ताव

  • विनियमितीकरण के रूप में प्रस्तावित महानगर की 25 कॉलोनियों में आवासीय भू उपयोग प्रस्तावित किया जा रहा है। इससे करीब 2.5 लाख की जनसंख्या को लाभ होगा।
  • शहर में भू उपयोगों के अंतर्गत वर्तमान में कई तरह के विकास हो गए हैं। इन विकास कार्यों के अनुरूप महायोजना में प्रस्ताव दिया गया है।
  • महानगर में जलभराव की समस्या के निदान के लिए जीडीए द्वारा तैयार ड्रेनेज प्लान को महायोजना में समावेशित किया गया है।
  • लाइट रेल ट्रांजिट कारीडोर यानी मेट्रो रूट पर बाजार मार्ग का प्रस्ताव किया गया है। यहां व्यावसायिक गतिविधियां हो सकेंगी।
  • महराजगंज मार्ग जंक्शन पर नया बस अड्डा प्रस्तावित किया गया है।
  • महराजगंज मार्ग जंक्शन, देवरिया मार्ग जंक्शन के पास नवीन ट्रांसपोर्टनगर प्रस्तावित है।
  • गोरखपुर को जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्गों, प्रांतीय राजमार्गों एवं रिंग रोड के दोनों ओर महायोजना में पहली बार हाइ-वे फैसिलिटी जोन की व्यवस्था की गई है। इसके अंतर्गत होटल, मोटल, पेट्रोलपंप, हास्पिटल, शैक्षिक सुविधाएं, वेयरहाउस आदि का निर्माण हो सकेगा।
  • कुशीनगर में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को ध्यान में रखते हुए कुशीनगर मार्ग पर नई आवासीय योजना के विकास के लिए भू उपयोग का प्रस्ताव।
  • राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (एनजीटी) की ओर से घोषित प्रतिबंधित क्षेत्र 500 मीटर से घटकर 50 मीटर से 120 मीटर होने के कारण रामगढ़ताल क्षेत्र में 500 हेक्टेयर क्षेत्र नियोजित विकास के लिए उपलब्ध हो गया है। इससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
  • सालिड वेस्ट मैनेजमेंट साइट (एसडब्ल्यूएम) एवं सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) का प्रस्ताव नगरीकरण सीमा के बाहर किया गया है।
  • महानगर के प्रमुख मार्गों पर मिश्रित उपयोग को बढ़ावा देने के लिए बाजार स्ट्रीट के रूप में प्रस्ताव किया गया।
  • लखनऊ एवं सोनौली मार्ग को जोड़ने वाले रिंग रोड पर औद्योगिक विकास के लिए करीब 700 हेक्टेयर भूमि का प्रस्ताव।
  • गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस वे तैयार होने के बाद गोरखपुर लखनऊ, आगरा व दिल्ली से सीधा एक्सप्रेस वे से जुड़ जाएगा।
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