सिद्धार्थनगर में बोले सीएम योगी: यूपी ने कोविड-19 प्रबंधन का पेश किया है शानदार उदाहरण
- मुख्यमंत्री योगी बोले- अब मैं खुद उतर गया हूं मैदान में
- बच्चों के लिए भी बनेगा मेडिकल किट
- संयुक्त जिला अस्पताल के वैक्सीन बूथ पर सीएम ने पूछे कई सवाल
- सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर मिनी पीकू बनाने के दिए निर्देश
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सिद्धार्थनगर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यानाथ ने कहा कि प्रदेश की जनता का जीवन और जीविका बचाने का हर संभव प्रयास किया जा रहा है। देश में सबसे अधिक आबादी वाले राज्य उत्तर प्रदेश सदी की सबसे बड़ी महामारी की लड़ाई पूरी क्षमता से लड़ रहा है। उत्तर प्रदेश ने कोविड-19 प्रबंधन का शानदार उदाहरण पेश किया है।
सीएम योगी ने कोविड कमांड सेंटर, जिला अस्पताल, जोगिया ब्लॉक के जोगिया खास गांव में निरीक्षण और जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक के बाद पत्रकारों को कोविड प्रबंधन की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आशंकाएं व्यक्त की जा रही थीं कि गांवों में कोरोना संक्रमण ज्यादा फैल गया है। इस कारण उन्हें खुद मैदान में उतरना पड़ा। कोविड प्रबंधन में टीम-9 की बैठकें होती रहती हैं।
मंडलस्तरीय समीक्षा बैठकों के बाद उन्होंने जिलेस्तर पर निरीक्षण और बैठक करना प्रारंभ किया है। इंसेफेलाइटिस नियंत्रण के लिए पिछले चार वर्ष में जो बच्चों के लिए आईसीयू वार्ड बनाए गए थे, वे कोरोना की तीसरी लहर में भी उपयोगी साबित होंगे। पीएम नरेंद्र मोदी के मंत्र टेस्ट, ट्रेस और ट्रीट के साथ अब टीकाकरण से कोरोना को रोकने का कार्य किया जा रहा है। उत्तर प्रदेश में रिकवरी रेट 95 फीसदी के पार, पॉजिटिविटी एक प्रतिशत के आसपास पहुंच गई है।
सीएम ने कहा कि यह आशंका व्यक्त की जा रही थी कि यूपी में 25 अप्रैल के बाद और मई में प्रतिदिन एक लाख से अधिक कोविड केस आएंगे। यह भी कहा जा रहा था कि 10 मई के बाद यहां 30 लाख तक एक्टिव केस होंगे। लेकिन आज एक दिन में 3200 केस आए हैं। कोविड एक्टिव केस निरंतर कम हो रहे हैं।
कहा कि प्रदेश में अब तक सर्वाधिक चार करोड़ 80 लाख कोविड टेस्ट किए गए हैं। वर्तमान में यूपी में कुल एक्टिव केस 58 हजार के आसपास रह गए हैं। 26-27 दिनों में संक्रमण पर प्रभावी नियंत्रण करते हुए प्रदेश में एक्टिव केस में 85 प्रतिशत तक गिरावट दर्ज की गई है।
हर सीएचसी में बनेगा बच्चों का आईसीयू
मुख्यमंत्री ने कहा कि हम कोरोना के साथ ही इंसेफेलाइटिस और अन्य वेक्टर बोर्न डिजीज को रोकने की रणनीति पर काम कर रहे हैं। गोरखपुर-बस्ती मंडल के जिले इंसेफेलाइटिस को लेकर अति संवेदनशील रहे हैं। चार वर्षों में इस पर प्रभावी नियंत्रण किया गया है। इसके लिए हर मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल में पीडियाट्रिक आईसीयू (पीकू) व सीएचसी पर मिनी पीकू की व्यवस्था है। इंसेफेलाइटिस के साथ ही पीकू और मिनी पीकू बच्चों को कोरोना से बचाने में भी उपयोगी होंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड की तीसरी लहर से बच्चों को बचाने के लिए सिद्धार्थनगर की हर सीएचसी पर मिनी पीकू बनाने के निर्देश दिए गए हैं। सीएम योगी ने कहा बच्चों के लिए मेडिसिन किट की व्यवस्था की जाएगी। इसके साथ ही 12 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के अभिभावकों के लिए हर जिले में स्पेशल वैक्सीन बूथ बन रहे हैं। अभिभावक सुरक्षित रहेंगे तो बच्चे सुरक्षित रहेंगे।
दूर करें लोगों का भ्रम
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिसमें भी बीमारी के लक्षण दिखे वह अपनी कोरोना जांच अवश्य कराए, मेडिसिन किट लें।। टेस्ट से न भागें, बीमारी न छिपाएं। उन्होंने साथ ही टीकाकरण में भी लोगों से बढ़कर हिस्सा लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि भ्रमित हो रहे लोगों को जागरूक करने की जरूरत है। न्यायिक वर्ग, सरकारी कर्मचारियों, शिक्षकों और मीडियाकर्मियों के लिए भी अलग से टीकाकरण केंद्र बनाए जा रहे हैं।
सीएम ने पूछा टीका लगने का साइड इफेक्ट तो नहीं
कोविड प्रबंधन की समीक्षा के लिए सिद्धार्थनगर जिले में पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जिला अस्पताल में बने वैक्सीन बूथ का भी निरीक्षण किया। इस दौरान स्वास्थ्य कर्मियों से कई सवाल किए, जिस पर उन्हें संतोषजनक उत्तर मिला। सीएम ने टीका लगने के बाद साइड इफेक्ट के बारे में पूछा तो स्वास्थ्य कर्मियों ने बताया कि किसी को दिक्कत नहीं हुई है। उन्होंने पहली जून से 18 वर्ष से 44 वर्ष के लिए शुरू हो रहे विशेष टीकाकरण अभियान में जारी गाइडलाइन के अनुसार कार्य करने का निर्देश दिया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार को संयुक्त जिला अस्पताल पहुंचे, जहां उन्होंने कोरोना वैक्सीन बूथ बनाए गए कमरा नंबर नौ, 10 और 11 का बारी-बारी निरीक्षण किया। टीकाकरण कार्य में लगी स्वास्थ्य कर्मी एएनएम मीना शुक्ला, नर्सिंग आफिसर प्रियांशी कसौधन, अमेरिका यादव से सीएम ने यहां कौन से वैक्सीन के प्रयोग होने, टीका लगने के कितने समय तक आराम करने की सलाह, टीका लगने से साइड इफेक्ट जैसे सवाल किया। स्वास्थ्य कर्मियों ने संतोषजनक उत्तर दिया। इस दौरान टीका लगवाने आए लोगों से भी पूछताछ की।