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गोरखपुर में बोले सीएम योगी: 'पहले ट्रेसिंग, टेस्ट और ट्रीटमेंट से तेजी से कम हुए कोरोना के एक्टिव केस'

Mon, 10 May 2021 04:19 PM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Mon, 10 May 2021 04:19 PM IST
सार

बोले मुख्यमंत्री- 30 अप्रैल को उत्तर प्रदेश में 3.10 लाख एक्टिव केस थे, 10 मई की सुबह तक 2.25 लाख पहुंची संख्या, कोरोना के खिलाफ लड़ाई में वैक्सिन सबसे बड़ा अस्त्र, बिना भेदभाव निशुल्क टीकाकरण करा रही सरकार

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CM Yogi Adityanath visits COVID19 vaccination centre at Chargawan in Gorakhpur
वैक्सीनेशन अभियान का निरीक्षण करते सीएम योगी। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

गोरखपुर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि कोरोना के खिलाफ लड़ाई में समय पर संक्रमितों की पहचान, टेस्ट और ट्रीटमेंट अभियान के व्यापक परिणाम सामने आए हैं। पिछले दस दिनों में राज्य में कोरोना के एक्टिव केस में 85000 से अधिक की कमी आई है। कोरोना की पहली लहर  में उत्तर प्रदेश ने बेहतर मुकाबला किया था, दूसरी लहर में भी उसी प्रबंधन के साथ काम किया जा रहा है।

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मुख्यमंत्री  सोमवार को बीआरडी मेडिकल कॉलेज में कोरोना के रोकथाम के प्रयास व इलाज  को लेकर गोरखपुर-बस्ती मंडल की समीक्षा बैठक करने के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कोरोना के दूसरी लहर  के खिलाफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में पूरे देश में बड़ी मजबूती से अभियान चल रहा है। देश में सबसे अधिक आबादी वाला राज्य उत्तर प्रदेश भी कोरोना से पूरी मजबूती से लड़ रहा है।
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उन्होंने कहा कि बड़े- बड़े विशेषज्ञ यह आशंका जता रहे थे कि उत्तर प्रदेश में 5 से 10 मई के बीच प्रतिदिन 1 लाख कोरोना केस आएंगे लेकिन अर्ली अग्रेसिव ट्रेस, टेस्ट और ट्रीटमेंट अभियान का परिणाम रहा कि आशंका के विपरीत आज 21 हजार एक्टिव केस हैं, कल यह संख्या 23 हजार थी। एक्टिव केस की संख्या में लगातार गिरावट आ रही है।

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि कोरोना की पहली लहर में अधिकतम एक्टिव केस की संख्या 68 हजार औऱ एक दिन में मिले केस की अधिकतम संख्या 7500 थी जबकि दूसरी लहर  में 30 अप्रैल को अधिकतम एक्टिव केस की संख्या 3.10 लाख औऱ एक दिन के अधिकतम केस की संख्या 24 अप्रैल को 38055 थी। साफ  है कि दूसरी लहर में  संक्रमण का फैलाव कई गुना ज्यादा था। इस रफ्तार के चलते ऑक्सीजन की मांग भी तेजी से बढ़ी। कोरोना की पहली लहर  में ऑक्सीजन की डिमांड पूरी करने को मेडिकल ऑक्सीजन प्लांट ही पर्याप्त थे, दूसरी लहर में अचानक मांग बढ़ गई।


सीएम योगी ने पीएम मोदी को इस बात के लिए धन्यवाद दिया कि उनके मार्गदर्शन में ऑक्सीजन की मांग को पूरी करने के लिए देश में पहली बार वायुसेना के विमानों से ऑक्सीजन की आपूर्ति की गई, ऑक्सीजन एक्सप्रेस ट्रेनें चलाई गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहली लहर में 350 मीट्रिक टन तक लिक्विड मेडिकल ऑक्सिजन की जरूरत पड़ी थी लेकिन कल उत्तर प्रदेश में एक हजार मीट्रिक टन की आपूर्ति की गई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना के खिलाफ लड़ाई में वैक्सिन सबसे बड़ा अस्त्र है। उत्तर प्रदेश में 1.40 करोड़ लोगों का कोविड टीकाकरण हो चुका है। इसमें 1.38 करोड़ 45 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को तथा एक लाख से अधिक 18 वर्ष से
45 वर्ष के बीच के लोगों को टीका लगाया गया है। सीएम ने कहा कि आज से प्रदेश में 4000 केंद्रों पर 45 वर्ष से अधिक के लोगों के लिए तथा 11 जिलों के 200 केंद्रों पर 18 वर्ष से अधिक के लोगों को बिना भेदभाव, निशुल्क टीका लगाया जा रहा है। 18 वर्ष से अधिक के लोगों को निशुल्क टीका प्रदेश सरकार और 45 वर्ष से अधिक के लोगों को केंद्र सरकार उपलब्ध करा रही है।
 

मेडिकल कॉलेज के डेडिकेटेड कोविड अस्पताल से बची हजारों संक्रमितों की जान

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि कोरोना की पहली लहर में जब उन्होंने बीआरडी मेडिकल कॉलेज के सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक में 500 बेड के डेडिकेटेड कोविड अस्पताल का उदघाटन किया था तब बहुत मरीज नहीं थे। बीच में कुछ लोग इसे बंद करने को कहते थे लेकिन हमने इसे बंद नहीं होने दिया। गोरखपुर व पूर्वी उत्तर प्रदेश के हजारों लोगों का जीवन बचाने में इस डेडिकेटेड कोविड अस्पताल, डॉक्टरों व अन्य स्टाफ ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। अलग- अलग जनपदों में भी ऐसा ही कार्य हुआ।

रणनीतिक सफलता को कोरोना कर्फ्यू से जोड़ा गया
मुख्यमंत्री ने कहा कि ट्रेस, टेस्ट और ट्रीट की रणनीतिक सफलता को कोरोना कर्फ्यू से जोड़ा गया है। इसके तहत आरआरटी, निगरानी समितियों को गांव- गांव सक्रिय किया गया। हर गांव में कोविड स्क्रीनिंग हो रही है। आरआरटी ,एंटीजन टेस्ट कर रही है। लोगों को उनके घर तक मेडिकल किट पहुंचाई जा रही है। यह भी निर्देश दिया गया है कि यदि किसी के पास होम आइसोलेशन की सुविधा नहीं है तो गांव में ही क्वारन्टीन सेंटर बनाकर उसे यह सुविधा दी जाए। लोगों तक जितनी जल्द दवा व अन्य सुविधाएं पहुंचेंगी, मृत्यु दर उतनी ही कम होगी।

सरकार के लिए एक-एक व्यक्ति का जीवन कीमती, लोग बरतें सतर्कता
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि एक- एक व्यक्ति का जीवन कीमती है। सरकार इसे बचाने का हर संभव प्रयास कर रही है। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि कोरोना से बचाव ही सर्वोत्तम उपाय है। हाई रिस्क कटेगरी के लोग जैसे 10 साल तक के बच्चे, 60 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं, गम्भीर बीमारी से पीड़ित लोग घरों से बाहर न निकलें। घर पर भी मास्क लगाएं। अन्य लोग भी अनावश्यक बाहर जाने से बचें। जरूरी होने पर निकलना पड़े तो मास्क व ग्लब्स का इस्तेमाल जरूर करें, दो गज की दूरी का मंत्र याद रखें।  कोविड प्रोटोकॉल का पालन कर खुद के साथ समाज की सुरक्षा की जा सकती है। सीएम ने कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए।

 

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