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एक हादसे ने बदल दिया 'आजाद' के जिंदगी जीने का अंदाज, सैकड़ों लावारिसों के बने मददगार
Fri, 08 Jan 2021 03:33 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Fri, 08 Jan 2021 03:33 PM IST
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श्रीकृष्ण पांडेय आजाद।
- फोटो : अमर उजाला।
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समाज सेवी श्रीकृष्ण पांडेय 'आजाद' को 12 जनवरी को लखनऊ में होने वाले कार्यक्रम में विवेकानंद यूथ अवार्ड देकर सम्मानित किया जाएगा। उनको यह अवार्ड मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ देंगे। आजाद गोरखपुर शहर में घूम रहे लावारिस लोगों को न सिर्फ साथ लेकर आते हैं बल्कि उनको नहला, धुलाकर सफाई करते हैं और फिर उनकी काउंसिलिंग भी कराते हैं।
कैंपियरगंज के मूसाबर गांव के लालजी पांडेय के पुत्र श्रीकृष्ण पांडेय आजाद जनवरी 2020 में लखनऊ में आयोजित 23वां राष्ट्रीय युवा उत्सव में गोरखपुर का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। आजाद ने बताया कि युवा कल्याण एवं प्रादेशिक विकास दल विभाग द्वारा उनके चयन की सूचना दी गई है। अब कागजी कार्रवाई पूरी की जा रही है। व्यक्तिगत रूप से इस अवार्ड के लिए प्रदेश में दस लोगों को चुना गया है जिसमें आजाद शामिल हैं।
आजाद परास्नातक की पढ़ाई पूरी करने के बाद स्वच्छता व जागरूकता अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करते हैं। कोरोना काल में जब सारा देश घरों में कैद था तब आजाद ने दो लाख से ज्यादा भोजन की थाली अपने मित्रों से सहयोग लेकर बांटी थी।
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कैंपियरगंज के मूसाबर गांव के लालजी पांडेय के पुत्र श्रीकृष्ण पांडेय आजाद जनवरी 2020 में लखनऊ में आयोजित 23वां राष्ट्रीय युवा उत्सव में गोरखपुर का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। आजाद ने बताया कि युवा कल्याण एवं प्रादेशिक विकास दल विभाग द्वारा उनके चयन की सूचना दी गई है। अब कागजी कार्रवाई पूरी की जा रही है। व्यक्तिगत रूप से इस अवार्ड के लिए प्रदेश में दस लोगों को चुना गया है जिसमें आजाद शामिल हैं।
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आजाद परास्नातक की पढ़ाई पूरी करने के बाद स्वच्छता व जागरूकता अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करते हैं। कोरोना काल में जब सारा देश घरों में कैद था तब आजाद ने दो लाख से ज्यादा भोजन की थाली अपने मित्रों से सहयोग लेकर बांटी थी।
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ऐसे शुरू हुआ समाज सेवा का सफर
आजाद बताते हैं कि 20 साल की उम्र में जब एक हादसे में लंबे समय तक बीमार रहा। कुछ लोग पागल भी कहने लगे। खुद मैंने जो दर्द झेला उससे समाजसेवा का जुनून पैदा हुआ। जिसके बाद मैंने संकल्प लेकर काम शुरू कर दिया।
सैकड़ों लावारिस लोगों की जिंदगी बदल चुके हैं
जिला प्रशासन के सहयोग से और खुद की टीम के साथ बीमार लोगों को टीम के सहयोग से उठाकर लाते हैं। उनकी साफ-सफाई, बाल कटाई, कपड़ा बदलना इत्यादि खुद करते हैं और फिर डॉ. अमित शाही द्वारा इलाज के साथ उनको घर भेजते हैं। दो सौ से ज्यादा लोगों की जिंदगी उन्होंने बदल दी है। श्रीकृष्ण पांडेय ने सामाजिक स्तर पर बाल भिक्षा वृत्ति, बाल नशामुक्ति को लेकर व्यापक अभियान चलाया है। वे दो बार गोरखपुर से लखनऊ तक बालभिक्षा मुक्ति साइकिल जागरूकता यात्रा भी निकाल चुके हैं।
सैकड़ों लावारिस लोगों की जिंदगी बदल चुके हैं
जिला प्रशासन के सहयोग से और खुद की टीम के साथ बीमार लोगों को टीम के सहयोग से उठाकर लाते हैं। उनकी साफ-सफाई, बाल कटाई, कपड़ा बदलना इत्यादि खुद करते हैं और फिर डॉ. अमित शाही द्वारा इलाज के साथ उनको घर भेजते हैं। दो सौ से ज्यादा लोगों की जिंदगी उन्होंने बदल दी है। श्रीकृष्ण पांडेय ने सामाजिक स्तर पर बाल भिक्षा वृत्ति, बाल नशामुक्ति को लेकर व्यापक अभियान चलाया है। वे दो बार गोरखपुर से लखनऊ तक बालभिक्षा मुक्ति साइकिल जागरूकता यात्रा भी निकाल चुके हैं।