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सीएम योगी ने गोरखपुर वासियों को दिया खास तोहफा, बोले- विकास सरकार की तो संरक्षण जनता की जिम्मेदारी
Wed, 17 Feb 2021 09:26 AM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Wed, 17 Feb 2021 09:26 AM IST
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गोरखपुर में सीएम योगी आदित्यनाथ।
- फोटो : अमर उजाला।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि विकास कार्यों की जिम्मेदारी सरकार की है, लेकिन उनको सुरक्षित रखने और उनके संरक्षण की जिम्मेदारी जनता को भी उठानी चाहिए। उन्होंने कहा कि कोई भी ऐसा कार्य न करें जो प्रकृति या सरकार द्वारा कराए गए विकास को क्षति पहुंचाने वाला हो।
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मुख्यमंत्री गोरखपुर शहर से सटे राप्ती नदी के तट पर पर्यटन स्थल के रूप में विकसित महायोगी गुरु गोरखनाथ घाट व श्रीराम घाट के लोकार्पण समारोह में उपस्थित जनसमूह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने दोनों घाटों के साथ ही राजघाट पर सभी जरूरी सुविधाओं से युक्त नवनिर्मित अंत्येष्टि स्थल व प्रदूषण मुक्त लकड़ी व गैस आधारित शवदाह संयंत्र का भी लोकार्पण किया। साथ ही हर्बर्ट बंधे से घाट तक नई सीसी सड़क तक सीसी नाली का शिलान्यास किया। इन विकास परियोजनाओं की लागत 60.65 करोड़ रुपये है।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि जीवन की सच्चाई है कि जिसने जन्म लिया है उसकी मृत्यु भी होगी। मृत्यु के बाद ससम्मान अंतिम संस्कार हो, उसकी भी व्यवस्था होनी जरूरी है। राजघाट के पहले की दशा को याद करते हुए उन्होंने कहा कि दो साल पहले तक राजघाट आने वालों को दस बार सोचना पड़ता था। मैं भी कई बार आया, यहां गंदगी देख मन खिन्न होता था। एक ही जगह पर अंतिम संस्कार होता था, वहीं मरे हुए जानवर होते थे और वहीं पर्व त्योहार पर श्रद्धालुओं के सामने स्नान करने की मजबूरी थी। अब यहां स्नान के लिए अलग और अंतिम संस्कार के लिए अलग घाट की व्यवस्था कर दी गई है।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि 28 करोड़ की लागत से गुरु गोरखनाथ घाट, जबकि 15.60 करोड़ की लागत से श्रीराम घाट का निर्माण कराया गया है। अब लोग यहां घूम सकते हैं। पर्यटन के लिहाज से भी दोनों घाट रमणीक हैं। इनके बनने से गोरखपुर एवं आसपास के लोगों को पर्व-त्योहार पर स्नान के लिए साफ-सुथरा घाट मिल गया है। अब उन्हें किसी घाट की तलाश में दूसरी जगह नहीं जाना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि यहां बने घाटों को सभी लोग अच्छा बताते हैं, लेकिन अब इनके संरक्षण का दायित्व जनता का है।
बाबा मुक्तेश्वरनाथ घाट से जाना जाएगा श्मशान घाट : मुख्यमंत्री
सीएम ने कहा कि सरकार ने ऐसी व्यवस्था बना दी है कि पर्व त्योहार व पवित्र स्नान काल में राप्ती में डुबकी लगाकर लोग कह सकते हैं कि हमने भी अपनी पावन गंगा में डुबकी लगाई है। मुख्यमंत्री ने घाटों के बेहतर निर्माण के लिए जल शक्ति मंत्री डॉ महेंद्र सिंह, सिंचाई विभाग और प्रशासन की प्रशंसा करते हुए कहा कि सभी के बीच बेहतर समन्वय से समय पर इन घाटों का इतना भव्य निर्माण हो सका।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राप्ती नदी के राजघाट पर बने श्मशान स्थल का नाम बाबा मुक्तेश्वरनाथ घाट होगा। बाबा मुक्तेश्वर धाम राजघाट के समीप है। कहा जाता है कि राप्ती नदी कभी बाबा मुक्तेश्वर धाम से सटकर प्रवाहित होती थी। साक्षात महादेव बाबा मुक्तेश्वर मुक्ति के अधीश्वर होने के नाते इस श्मशान घाट के भी अधीश्वर हैं। नई सुविधाओं से युक्त यह घाट अब उनके नाम से जाना जाएगा। इसकी मरम्मत व सुंदरीकरण पर भी पांच करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। अभी और कई काम कराए जाएंगे। इस घाट पर लकड़ी व गैस आधारित प्रदूषण मुक्त शवदाह संयंत्र की स्थापना भी की गई है। उन्होंने कहा कि हर्बर्ट बांध से यहां तक पहुंचने के लिए सड़क को ऊंची कर टू लेन बनाया जाएगा। तट की सुंदरता से बाहर के लोग यहां के लोगों के बारे में अच्छा भाव जागृत करेंगे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राप्ती नदी के राजघाट पर बने श्मशान स्थल का नाम बाबा मुक्तेश्वरनाथ घाट होगा। बाबा मुक्तेश्वर धाम राजघाट के समीप है। कहा जाता है कि राप्ती नदी कभी बाबा मुक्तेश्वर धाम से सटकर प्रवाहित होती थी। साक्षात महादेव बाबा मुक्तेश्वर मुक्ति के अधीश्वर होने के नाते इस श्मशान घाट के भी अधीश्वर हैं। नई सुविधाओं से युक्त यह घाट अब उनके नाम से जाना जाएगा। इसकी मरम्मत व सुंदरीकरण पर भी पांच करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। अभी और कई काम कराए जाएंगे। इस घाट पर लकड़ी व गैस आधारित प्रदूषण मुक्त शवदाह संयंत्र की स्थापना भी की गई है। उन्होंने कहा कि हर्बर्ट बांध से यहां तक पहुंचने के लिए सड़क को ऊंची कर टू लेन बनाया जाएगा। तट की सुंदरता से बाहर के लोग यहां के लोगों के बारे में अच्छा भाव जागृत करेंगे।