सीएम योगी की बैठक के बाद जनप्रतिनिधियों के बदले सुर, रवि किशन ने की एकता की बात, नगर विधायक बोले- 'विवाद नहीं संवाद हुआ'
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को दो दिवसीय दौरे पर गोरखपुर पहुंचे। उन्होंने सर्किट हाउस में भाजपा के सांसद व विधायकों के साथ बैठक की। बैठक के बाद जनप्रतिनिधियों के तेवर बदले दिखे। मुख्यमंत्री ने बैठक में सांसदों और विधायकों को एकजुट रहने और विवादों को खत्म करने का पाठ पढ़ाया।
बैठक के बाद बाहर निकले सांसद रवि किशन ने कहा कि पिछले 10 दिनों के विवाद से पार्टी की छवि खराब हुई है। मुख्यमंत्री ने सभी को एकता बनाए रखने का मंत्र दिया। साथ ही कहा कि अब क्षेत्र में जाइए और पार्टी की छवि बेहतर करने का काम करें।
विवाद नहीं संवाद हुआ: नगर विधायक
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलने के बाद नगर विधायक डॉ आरएमडी अग्रवाल के तेवर पूरी तरह से नरम दिखे। बैठक के बाद नगर विधायक ने कहा कि पीडब्ल्यूडी के सहायक अभियंता के मामले में कोई विवाद नहीं हुआ है। यह लोकतंत्र है। विधायकों के बीच संवाद हुआ था, जिसे विवाद का नाम दे दिया गया। मुख्यमंत्री का मुख्य फोकस शहर के विकास पर था।
ये था विवाद
गौरतलब है कि गोरखपुर-देवरिया फोरलेन का निर्माण चल रहा है। सिंघड़िया में जलभराव की समस्या थी। लिहाजा, सड़क ऊंची कर दी गई। सड़क की ऊंचाई बढ़ने से आसपास की कॉलोनियों में जलभराव की समस्या हो गई। इस मामले को नगर विधायक ने विधानसभा में उठाया था। फिर लखनऊ में ही उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य से मिलकर शिकायत की थी। आरोप लगाया था कि बिना तकनीकी परीक्षण के सड़क ऊंची कर दी गई।
इसी दौरान उपमुख्यमंत्री ने इंजीनियर इन चीफ को फोन करके परियोजना से जुड़े सहायक अभियंता केके सिंह को मुख्यालय से संबद्ध करने का मौखिक आदेश दिया था। केके सिंह के मुख्यालय संबद्ध करने की सूचना गोरखपुर आई तो शहर लोकसभा क्षेत्र से भाजपा सांसद रवि किशन ने उपमुख्यमंत्री को पत्र लिख दिया। सांसद ने कहा कि बेहद महत्वपूर्ण सड़क का निर्माण कार्य चल रहा है।
सहायक अभियंता को हटाने से कामकाज बाधित होगा। सिंघड़िया में सड़क की ऊंचाई बेहद जरूरी थी। सांसद के बाद कैंपियरगंज से भाजपा विधायक फतेहबहादुर सिंह, गोरखपुर ग्रामीण से विधायक विपिन सिंह, पिपराइच से विधायक महेंद्रपाल सिंह और सहजनवां से भाजपा विधायक शीतल पांडेय ने उपमुख्यमंत्री को पत्र लिखा।
इन सबने पीडब्लूडी के सहायक अभियंता को शहर के विकास के लिए जरूरी बताया। साथ ही कहा कि वह कई महत्वपूर्ण सड़कों का निर्माण कार्य करा रहे हैं। चौरीचौरा की विधायक संगीता यादव ने भी सहायक अभियंता का समर्थन किया था। इस बीच भाजपा विधायकों व सांसदों में आरोप-प्रत्यारोप होने लगा। एक दूसरे के खिलाफ सोशल मीडिया और मीडिया में बयानबाजी की गई।
यह सिलसिला शनिवार तक जारी रहा। अब सहायक अभियंता को मुख्यालय से संबद्ध करने का आदेश (28 अगस्त) गोरखपुर आ गया। विभाग ने सड़क निर्माण से संबंधित शिकायत में जांच के आदेश भी दिए हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही सहायक अभियंता के खिलाफ आगे की कार्रवाई होगी।