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पड़ोसी बना कातिल: पहले हाथ-पैर बांधने के बाद छात्र के मुंह में कपड़ा ठूंस नदी के किनारे फेंका, BRD में मौत
Fri, 12 May 2023 10:29 AM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Fri, 12 May 2023 10:29 AM IST
सार
पुलिस ने राम सिंह को हिरासत में लिया और पूछताछ की। करीब छह घंटे पुलिस को गुमराह करने के बाद आरोपी राम सिंह टूट गया और बच्चे के बारे में बताया। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने आयुष को घायल हालत में बरामद किया।
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बाएं से मृतक मासूम और आरोपी।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
गोरखपुर जिले में हरपुर बुदहट थाना क्षेत्र के गोरहडीह गांव में पड़ोसी ने चार लाख की फिरौती के लिए तीसरी कक्षा के छात्र आयुष सिंह (10) का अपहरण कर लिया। पकड़े जाने के डर से आरोपी राम सिंह ने छात्र का हाथ-पैर बांधकर मुंह में कपड़ा ठूंसने के बाद नदी के किनारे फेंक दिया।
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आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने बुधवार देर रात बच्चे को खोज लिया और मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया। बृहस्पतिवार को बच्चे की मौत हो गई। गांव वालों ने कुकर्म की आशंका भी जताई है। हालांकि, पुलिस ने इससे इन्कार किया है।
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गांव में तनाव को देखते हुए फोर्स तैनात कर दी गई है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अपहरण, हत्या और फिरौती का केस दर्ज कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
जानकारी के मुताबिक, गोरहडीह गांव निवासी सत्यनारायण सिंह का बेटा आयुष सिंह गांव के पास स्कूल में पढ़ता था। आरोपी राम सिंह और सत्यनारायण सिंह पड़ोसी हैं। दोनों साथ में गीडा स्थित एक फैक्टरी में काम करते हैं। सत्यनारायण सिंह ने ही रामसिंह की नौकरी लगवाई थी।
बुधवार को सत्यनारायण सिंह ड्यूटी चले गए, लेकिन रामसिंह घर पर था। उसने आयुष के अपहरण की साजिश रची। बुधवार दोपहर एक बजे के करीब स्कूल की छुट्टी होते ही वह आयुष के स्कूल पहुंच गया। उसने आयुष को चॉकलेट दिलाने का लालच दिया।
आयुष भी रामसिंह को अच्छे से जानता था, इसलिए साथ चला गया। आयुष को रामसिंह के साथ जाते उसके दोस्तों ने देखा था। राम सिंह आयुष को लेकर कटाइटिकर पुल के पास गया। छिपाने के नीयत से आयुष के हाथ-पैर बांध दिए और मुंह में कपड़ा ठूंस कर नदी के किनारे झाड़ी में छिपा दिया।
उधर, स्कूल की छुट्टी होने के काफी देर बाद जब आयुष घर नहीं पहुंचा तो परिवार वाले तलाश करने लगे। साथ पढ़ने वाले दो बच्चों ने बताया कि रामसिंह उसे चॉकलेट दिलाने के लिए अपने साथ बाइक से ले गया है। इसके बाद परिवार वालों ने इसकी सूचना पुलिस को दी।
पुलिस ने राम सिंह को हिरासत में लिया और पूछताछ की। करीब छह घंटे पुलिस को गुमराह करने के बाद आरोपी राम सिंह टूट गया और बच्चे के बारे में बताया। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने आयुष को घायल हालत में बरामद किया। आरोपी रामसिंह ने पुलिस को बताया कि आयुष के परिवार से चार लाख रुपये की फिरौती वसूलने के लिए उसने उसका अपहरण किया था।
आयुष भी रामसिंह को अच्छे से जानता था, इसलिए साथ चला गया। आयुष को रामसिंह के साथ जाते उसके दोस्तों ने देखा था। राम सिंह आयुष को लेकर कटाइटिकर पुल के पास गया। छिपाने के नीयत से आयुष के हाथ-पैर बांध दिए और मुंह में कपड़ा ठूंस कर नदी के किनारे झाड़ी में छिपा दिया।
उधर, स्कूल की छुट्टी होने के काफी देर बाद जब आयुष घर नहीं पहुंचा तो परिवार वाले तलाश करने लगे। साथ पढ़ने वाले दो बच्चों ने बताया कि रामसिंह उसे चॉकलेट दिलाने के लिए अपने साथ बाइक से ले गया है। इसके बाद परिवार वालों ने इसकी सूचना पुलिस को दी।
पुलिस ने राम सिंह को हिरासत में लिया और पूछताछ की। करीब छह घंटे पुलिस को गुमराह करने के बाद आरोपी राम सिंह टूट गया और बच्चे के बारे में बताया। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने आयुष को घायल हालत में बरामद किया। आरोपी रामसिंह ने पुलिस को बताया कि आयुष के परिवार से चार लाख रुपये की फिरौती वसूलने के लिए उसने उसका अपहरण किया था।