UP News: लगातार 7वें साल नहीं बढ़ेंगे गोरखपुर जिले में जमीन के सर्किल रेट, लोगों को मिली बड़ी राहत
गोरखपुर में लगातार सातवां वर्ष है, जब सर्किल रेट में बढ़ोतरी नहीं होगी। इससे पहले वर्ष 2015 में सर्किल रेट बढ़ाए गए थे। जमीन-मकान खरीदने की तैयारी कर रहे लोगों को बड़ी राहत मिली है।
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गोरखपुर में जमीन-मकान खरीदने की तैयारी कर रहे लोगों के लिए बड़ी राहत है। इस बार भी जमीन के सर्किल रेट में बढ़ोतरी नहीं होगी। जरूरत पड़ने पर सर्किल रेट सिर्फ संशोधित किए जाएंगे। यह लगातार सातवां वर्ष है, जब सर्किल रेट में बढ़ोतरी नहीं होगी। इससे पहले वर्ष 2015 में सर्किल रेट बढ़ाए गए थे।
वहीं, मंडल के अन्य जिलों देवरिया, कुशीनगर और महराजगंज में सर्किल रेट बढ़ाने की तैयारी चल रही है। प्रस्तावित रेट पर अभी अंतिम मुहर नहीं लगी है लेकिन जल्द ही डीएम के स्तर से मंजूरी मिल जाने की उम्मीद है। क्योंकि, शासन के निर्देशानुसार एक अगस्त से नया सर्किल रेट लागू किया जाना है।
वहीं, गोरखपुर रजिस्ट्री कार्यालय के अफसरों के सामने बैनामों से होने वाली आय का लक्ष्य पूरा करने की चुनौती बढ़ गई है। सात साल से सर्किल रेट में तो वृद्धि नहीं हुई, लेकिन शासन की तरफ से हर साल लक्ष्य में वृद्धि की जाती रही है।
वर्ष 2022-23 के लक्ष्य में भी करीब 77 करोड़ की वृद्धि की गई है। बढ़ते लक्ष्य को देखते हुए ही रजिस्ट्री विभाग इस बार सर्किल रेट में 50 फीसदी तक की वृद्धि करने की तैयारी में था मगर उनकी उम्मीद पर पानी फिर गया। वहीं, जमीन के बाजार दर में लगातार वृद्धि होने के बाद भी रजिस्ट्री के समय आम आदमी को डीएम सर्किल रेट के हिसाब से ही स्टांप जमा करना होगा। ऐसे में उसे स्टांप शुल्क में बड़ी राहत मिलेगी।
विकास योजनाओं को गति देने के लिए लग रहा ब्रेक
योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद से ही गोरखपुर विकास की राह पर दौड़ पड़ा है। साल दर साल नई-नई विकास परियोजनाएं शुरू हो रही हैं। वर्तमान में भी कई परियोजनाएं पाइपलाइन में हैं। इनके लिए जमीन अधिगृहीत कर मुआवजा देना पड़ेगा। यही वजह है कि जिले में सर्किल रेट की वृद्धि पर ब्रेक लगी है।
वर्तमान में भी गोड़धोइया नाले के निर्माण एवं सुंदरीकरण के लिए अधिगृहीत की जाने वाली जमीन पर मुआवजे के तौर पर करीब 700 करोड़ खर्च होने का अनुमान है। इसी तरह, जंगल कौड़िया से जगदीशपुर तक फोरलेन प्रस्तावित है। कालेसर से जगदीशपुर तक फोरलेन को सिक्स लेन किया जाना है।
देवरिया बाईपास और पैडलेगंज से फिराक गोरखपुरी चौराहे तक भी फोरलेन प्रस्तावित है। ऐसे ही कई परियोजनाएं इस साल शुरू होनी हैं। ऐसे में सर्किल रेट बढ़ने से मुआवजे के तौर पर सरकार को मोटी रकम खर्च करनी पड़ती।
डीएम कृष्णा करूणेश ने कहा कि गोरखपुर जिले के विकास के लिए कई ऐसी सरकारी योजनाएं हैं जो संचालित हो रही हैं या पाइपलाइन में है, उनके लिए जमीन की जरूरत पड़ेगी। सर्किल रेट बढ़ने से इन योजनाओं की कीमत बढ़ जाएगी। शासन पर भार बढ़ेगा। इन्हीं वजहों से इस साल भी सर्किल रेट में वृद्धि नहीं करने का निर्णय किया गया है।
वित्तीय वर्ष 2021-22 में मंडल की स्थिति
| जिला | लक्ष्य | प्राप्त हुआ |
| गोरखपुर | 666.05 करोड़ | 465.76 करोड़ |
| महराजगंज | 139.50 करोड़ | 116.99 करोड़ |
| देवरिया | 250.21 करोड़ | 212.13 करोड़ |
| कुशीनगर | 180.98 करोड़ | 168.20 करोड़ |
| कुल | 1236.74 करोड़ | 963.09 करोड़ |
वित्तीय वर्ष 2022-23 का लक्ष्य
गोरखपुर 743.14 करोड़
देवरिया 272.73 करोड़
महराजगंज 154.01 करोड़
कुशीनगर 196.27 करोड़
कुल 1366.15 करोड़