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Gorakhpur News: पहचान छिपाते हुए कानूनी रूप से बच्चों को सुरक्षित रखा जाए
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- डीडीयू की कुलपति ने प्रतीक्षा आश्रय गृह का किया निरीक्षण
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने बुधवार को राजभवन के निर्देश के पर प्रतीक्षा आश्रय गृह का भ्रमण कर निरीक्षण किया। कुलपति ने आश्रय गृह की भौतिक संरचना, बच्चों की आवासीय व्यवस्था, शैक्षणिक गतिविधियों, स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिया कि पहचान छिपाते हुए बच्चों को कानूनी रूप से सुरक्षित रखा जाए।
कुलपति ने बताया कि राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने प्रतीक्षा आश्रय गृहों में रह रही बालिकाओं के जीवन स्तर में सुधार और उनके जीवन को बेहतर बनाए जाने के लिए विश्वविद्यालयों को आगे आने का आह्वान किया है। इसे देखते हुए यह निरीक्षण किया गया, ताकि बालिकाओं की जरूरतों को समझकर उस हिसाब से योजना बनाई जा सके। कुलपति ने आश्वासन दिया कि जल्द ही विभिन्न योजनाएं शुरू की जाएंगी।
निरीक्षण के दौरान कुलपति को जानकारी दी गई कि प्रतीक्षा आश्रय गृह में पॉक्सो अधिनियम के तहत बालिकाओं को कानूनी रूप से सुरक्षित रूप से रखा जाता है। इस अवसर पर डीडीयू के महिला अध्ययन केंद्र की निदेशक प्रो. दिव्या रानी सिंह, नियंता डॉ. टीएन मिश्र, चाइल्ड प्रोटेक्शन ऑफिसर डॉ. सुमन शुक्ला, काउंसलर सीमा सिंह आदि मौजूद रहीं।
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अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने बुधवार को राजभवन के निर्देश के पर प्रतीक्षा आश्रय गृह का भ्रमण कर निरीक्षण किया। कुलपति ने आश्रय गृह की भौतिक संरचना, बच्चों की आवासीय व्यवस्था, शैक्षणिक गतिविधियों, स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिया कि पहचान छिपाते हुए बच्चों को कानूनी रूप से सुरक्षित रखा जाए।
कुलपति ने बताया कि राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने प्रतीक्षा आश्रय गृहों में रह रही बालिकाओं के जीवन स्तर में सुधार और उनके जीवन को बेहतर बनाए जाने के लिए विश्वविद्यालयों को आगे आने का आह्वान किया है। इसे देखते हुए यह निरीक्षण किया गया, ताकि बालिकाओं की जरूरतों को समझकर उस हिसाब से योजना बनाई जा सके। कुलपति ने आश्वासन दिया कि जल्द ही विभिन्न योजनाएं शुरू की जाएंगी।
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निरीक्षण के दौरान कुलपति को जानकारी दी गई कि प्रतीक्षा आश्रय गृह में पॉक्सो अधिनियम के तहत बालिकाओं को कानूनी रूप से सुरक्षित रूप से रखा जाता है। इस अवसर पर डीडीयू के महिला अध्ययन केंद्र की निदेशक प्रो. दिव्या रानी सिंह, नियंता डॉ. टीएन मिश्र, चाइल्ड प्रोटेक्शन ऑफिसर डॉ. सुमन शुक्ला, काउंसलर सीमा सिंह आदि मौजूद रहीं।
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