{"_id":"62861aa6303ec1634f61264b","slug":"children-of-shelter-home-suffering-from-very-bad-mental-condition","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Exclusive: बेहद खराब मानसिक स्थिति से जूझ रहे शेल्टर होम के बच्चे, सामने आई ये गंभीर बीमारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Exclusive: बेहद खराब मानसिक स्थिति से जूझ रहे शेल्टर होम के बच्चे, सामने आई ये गंभीर बीमारी
Thu, 19 May 2022 03:54 PM IST
vivek shukla
नीरज मिश्रा, गोरखपुर।
नीरज मिश्रा, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Thu, 19 May 2022 03:54 PM IST
सार
जिला अस्पताल मनोचिकित्सक डॉ. अमित शाही ने कहा कि शेल्टर होम में रहने वाले बच्चों की जांच की जा रही है। 50 से अधिक बच्चे सेरेब्रल पाल्सी नाम की गंभीर बीमारी से ग्रसित मिले हैं। इन बच्चों की सेरेब्रल थेरेपी शुरू कर दी गई है।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
गोरखपुर जिले के शेल्टर होम में रहने वाले ज्यादातर बच्चों की मानसिक स्थिति बेहद खराब है। 50 से अधिक बच्चे सेरेब्रल पाल्सी जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं। तीन शेल्टर होम में बच्चों की सेहत जांचने के बाद ये तथ्य सामने आए हैं।
विज्ञापन
बच्चों का इंटेलीजेंस क्यूसेंट (आईक्यू लेवल) न के बराबर पाया गया है। अब बीमार बच्चों का इलाज जिला अस्पताल के मानसिक रोग विभाग ने शुरू हुआ है। जल्द ही जिले के पांच और शेल्टर होम में बच्चों की मानसिक स्थिति का पता लगाएगा।
विज्ञापन
जानकारी के मुताबिक, जिले भर में आठ शेल्टर होम चलाए जा रहे हैं। इनमें 0-5, 5-10 और 10-18 वर्ष के 260 बालक व किशोर रहते हैं। कोरोना महामारी के बाद इन बच्चों की मानसिक स्थिति का पता लगाने के लिए प्रशासन ने स्वास्थ्य विभाग से संपर्क साधा। लिहाजा, स्वास्थ्य विभाग की अलग-अलग टीमें तीन शेल्टर होम गईं। जांच में पता चला कि 50 से ज्यादा बच्चे सेरेब्रल पाल्सी से ग्रस्त हैं।
विज्ञापन
जिला अस्पताल के मनोचिकित्सक डॉ. अमित शाही ने बताया कि ज्यादातर बच्चों में सेरेब्रल पाल्सी के गंभीर मामले मिले हैं। अब सेरेब्रल थेरेपी देने का काम शुरू किया गया है। इससे कुछ हद मानसिक स्तर को ठीक किया जा सकेगा।
जन्मजात बीमारी है सेरेब्रल पाल्सी
डॉ. अमित शाही ने बताया कि सेरेब्रल पाल्सी बेहद गंभीर और जन्मजात बीमारी है। इस बीमारी में बच्चे का मानसिक स्तर (आईक्यू लेवल) शून्य हो जाता है। इसे दिमाग का लकवा भी कहते हैं। सुनने, समझने में भी दिक्कत होती है। इलाज, बच्चे की सही तरीके से देखभाल और अच्छी बातें बताया जाना है।| संस्था का नाम | बच्चों की संख्या |
| राजकीय संप्रेक्षण गृह (किशोर) | 129 |
| राजकीय महिला शरणालय | 05 |
| प्रतीक्षा बालिका आश्रय गृह | 28 |
| स्नेहालय खुला आश्रय गृह | 19 |
| एशियन सहयोगी संस्था, बाल गृह शिशु | 16 |
| प्रोविडेंस होम शिशु गृह | 26 |
| प्रोविडेंस होम बालिक गृह | 15 |
| आसरा विशेष स्कूल विशेष गृह | 22 |
ये हैं लक्षण
- सामान्य बच्चों के मुकाबले विकास कम और देर से होना।
- शरीर में अकड़न व बच्चे को गोद में लेने पर अकड़न बढ़ना।
- जन्म के तीन महीने के बाद भी गर्दन न टिका पाना
- जन्म के आठ महीने बाद भी बिना सहारे बैठ नहीं पाना।
- बच्चे का अपने शरीर पर नियंत्रण न होना।
सेरेब्रल पाल्सी के प्रकार
- माइल्ड : बच्चे का आईक्यू 55-69 होता है। उसे पढ़ाई के लिए स्कूल भेजा जा सकता है।
- मॉडरेट : बच्चे का आईक्यू 40-54 होता है।
- सिवियर : बच्चे का आईक्यू 25-39 होता है।
- प्रोफाउंड : बच्चे का आईक्यू 0-24 तक होता है। बच्चा अधिकतर सोता है।
यह है बीमारी की वजह
समय से पहले प्रसव, जन्म के समय मस्तिष्क में गंदा पानी चला जाना, बच्चे का शारीरिक विकास ठीक तरह से न होना।
जिला अस्पताल मनोचिकित्सक डॉ. अमित शाही ने कहा कि शेल्टर होम में रहने वाले बच्चों की जांच की जा रही है। 50 से अधिक बच्चे सेरेब्रल पाल्सी नाम की गंभीर बीमारी से ग्रसित मिले हैं। इन बच्चों की सेरेब्रल थेरेपी शुरू कर दी गई है। कई बच्चों की मानसिक स्थिति भी ठीक नहीं मिली है। इन सबका इलाज शुरू कर दिया गया है।