{"_id":"618b87f279630818a7616f3e","slug":"chhath-puja-2021-kankeshwari-nandgiri-goes-to-ghat-to-bow-down","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chhath Puja 2021: दंडवत प्रणाम करते घाट तक जाती हैं कनकेश्वरी नंदगिरी, समाज की सलामती के लिए रखती हैं व्रत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chhath Puja 2021: दंडवत प्रणाम करते घाट तक जाती हैं कनकेश्वरी नंदगिरी, समाज की सलामती के लिए रखती हैं व्रत
Wed, 10 Nov 2021 02:20 PM IST
vivek shukla
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Wed, 10 Nov 2021 02:20 PM IST
सार
महामंडलेश्वर कहती हैं कि समाज और यजमान ही मेरे सब कुछ हैं। इसलिए उनकी सलामती के लिए व्रत रखती हूं। लेटते हुए घाट तक जाने की कठिन तपस्या करती हूं ताकि छठ मैया सबका कल्याण करें।
विज्ञापन
किन्नर अखाड़ा की महामंडलेश्वर कनेश्वरी नंदगिरी।(फाइल फोटो)।
- फोटो : अमर उजाला।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
समाज की सलामती के लिए किन्नर अखाड़ा की महामंडलेश्वर कनकेश्वरी नंदगिरी ने 72 घंटे का उपवास शुरू कर दिया है। पीपीगंज में उनके आवास से दुर्गा मंदिर के पास स्थित घाट की दूरी लगभग चार किमी है। इस दूरी को वह बैंड-बाजे के साथ निकलने वाले जुलूस के बीच दंडवत प्रणाम करते हुए तय करती हैं।
जुलूस में बड़ी संख्या में किन्नर व क्षेत्र की महिलाएं भी शामिल होती हैं। महामंडलेश्वर कहती हैं कि समाज और यजमान ही मेरे सब कुछ हैं। इसलिए उनकी सलामती के लिए व्रत रखती हूं। लेटते हुए घाट तक जाने की कठिन तपस्या करती हूं ताकि छठ मैया सबका कल्याण करें।
किरन घोष था कनकेश्वरी नंदगिरी का नाम
महामंडलेश्वर कनकेश्वरी नंदगिरी का जन्म दक्षिणी भारत के विशाखापट्टनम में और पालन पोषण बंगाल के आसनसोल में हुआ। महामंडलेश्वर बनने से पूर्व इनका नाम किरण घोष था। आचार्य लक्ष्मीनारायण त्रिपाठी ने दीक्षा दिलाने के बाद इनका नाम कनकेश्वरी नंदगिरी रखा।
विज्ञापन
विज्ञापन
जुलूस में बड़ी संख्या में किन्नर व क्षेत्र की महिलाएं भी शामिल होती हैं। महामंडलेश्वर कहती हैं कि समाज और यजमान ही मेरे सब कुछ हैं। इसलिए उनकी सलामती के लिए व्रत रखती हूं। लेटते हुए घाट तक जाने की कठिन तपस्या करती हूं ताकि छठ मैया सबका कल्याण करें।
विज्ञापन
किरन घोष था कनकेश्वरी नंदगिरी का नाम
महामंडलेश्वर कनकेश्वरी नंदगिरी का जन्म दक्षिणी भारत के विशाखापट्टनम में और पालन पोषण बंगाल के आसनसोल में हुआ। महामंडलेश्वर बनने से पूर्व इनका नाम किरण घोष था। आचार्य लक्ष्मीनारायण त्रिपाठी ने दीक्षा दिलाने के बाद इनका नाम कनकेश्वरी नंदगिरी रखा।
विज्ञापन