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Gorakhpur News:'मैं एसबीआई कस्टमर सर्विस डिपार्टमेंट से बोल रहा हूं'...और ठग लिए 30 लाख रुपये- जानें कैसे
Thu, 08 Aug 2024 10:45 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Thu, 08 Aug 2024 10:45 AM IST
सार
विज्येंद्र ने बताया कि एक जुलाई को सुबह 9:37 बजे उनके मोबाइल फोन पर एक कॉल आया। कॉल करने वाले ने कहा-मैं एसबीआई कस्टमर सर्विस डिपार्टमेंट से बोल रहा हूं। आपके क्रेडिट कार्ड पर एक लाख 96 हजार रुपये बकाया है। मुंबई क्राइम ब्रांच को रिकवरी के लिए भेजा है। क्राइम ब्रांच अधिकारी सोनल राठौर का नंबर भेजा हूं, उसपर बात करके सेंटलमेंट कर लें। क्राइम ब्रांच के घर जाने की बात बोलकर उनसे संग 30 लाख रुपये की ठगी कर ली।
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बढ़े रहे साइबर ठगी के मामले
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
जालसाजों के नए पैंतरे डिजिटल अरेस्ट का शहर में एक और मामला सामने आया है। इस बार जालसाजों ने खुद को मुंबई क्राइम ब्रांच का अफसर बताकर रामगढ़ताल इलाके के सिद्धार्थ इंक्लेव निवासी रिटायर्ड स्वास्थ्य कर्मी विज्येंद्र कुमार पांडेय को ठग लिया।
उन्हें मनी लांड्रिंग के केस का भय दिखाकर चार दिन डिजिटल अरेस्ट रखा। फिर 30 लाख रुपये झटक लिए। पीड़ित की तहरीर पर साइबर अपराध थाने में बुधवार को केस दर्ज कर पुलिस मामले की जांच कर रही है।
विज्येंद्र, स्वास्थ्य विभाग में हेल्थ एजुकेटर पद से रिटायर हुए हैं। पुलिस को तहरीर देकर विज्येंद्र ने बताया कि एक जुलाई को सुबह 9:37 बजे उनके मोबाइल फोन पर एक कॉल आया। कॉल करने वाले ने कहा-मैं एसबीआई कस्टमर सर्विस डिपार्टमेंट से बोल रहा हूं।
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उन्हें मनी लांड्रिंग के केस का भय दिखाकर चार दिन डिजिटल अरेस्ट रखा। फिर 30 लाख रुपये झटक लिए। पीड़ित की तहरीर पर साइबर अपराध थाने में बुधवार को केस दर्ज कर पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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विज्येंद्र, स्वास्थ्य विभाग में हेल्थ एजुकेटर पद से रिटायर हुए हैं। पुलिस को तहरीर देकर विज्येंद्र ने बताया कि एक जुलाई को सुबह 9:37 बजे उनके मोबाइल फोन पर एक कॉल आया। कॉल करने वाले ने कहा-मैं एसबीआई कस्टमर सर्विस डिपार्टमेंट से बोल रहा हूं।
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साइबर क्राइम।
- फोटो : अमर उजाला।
आपके क्रेडिट कार्ड पर एक लाख 96 हजार रुपये बकाया है। मुंबई क्राइम ब्रांच को रिकवरी के लिए भेजा है। क्राइम ब्रांच अधिकारी सोनल राठौर का नंबर भेजा हूं, उसपर बात करके सेंटलमेंट कर लें।
इस पर विज्येंद्र ने कहा कि वह न तो मुंबई में रहते हैं, ना ही उनके पास कोई क्रेडिट कार्ड है। इस पर बोला गया कि फिर भी बात कर लें, वरना उनके घर क्राइम ब्रांच की टीम जाएगी। विज्येंद्र ने उस नंबर पर फोन किया तो उन्हें बताया गया कि उनके क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल मनी लांड्रिंग में किया गया है।
केनरा बैंक अधिकारी सुरेश अनुराग के मनी लांड्रिंग मामले में उनका भी नाम आया है। इसमें ढाई करोड़ रुपये का गोलमाल हुआ है। इस पर विज्येंद्र ने कहा कि वह इस मामले में शामिल नहीं हैं। इसके बाद उन्हें उसी नंबर से वीडियो कॉल किया गया।
इसमें एक महिला पुलिस की वर्दी पहनकर बैठी नजर आई, उसके पीछे दीवार पर क्राइम ब्रांच मुंबई का बड़ा लोगो लगा था। महिला अधिकारी के मांगने पर विज्येंद्र ने व्हाट्सएप पर आधार कार्ड का फोटो भेजा।
इसे देखने के बाद महिला अधिकारी ने कहा-आप इस केस में शामिल हैं। आप जांच में मदद करें, वरना आपके घर से क्राइम ब्रांच उठाकर मुंबई लाएगी। कथित महिला अधिकारी ने यह भी कहा कि जब तक जांच पूरी न हो जाए, तब तक वह घर से बाहर नहीं निकल सकते।
इसपर विज्येंद्र जांच में मदद करने के लिए तैयार हो गए। महिला अधिकारी के कहने पर हर घंटे वीडियो कॉल करके अपना अपडेट देते रहे।
इसी बीच महिला अधिकारी ने उनसे बैंक में जमा रुपये और डिटेल भेजने के लिए कहा। साथ में सुप्रीम कोर्ट लिखा एक लेटर भी भेजा, जिसमें एक बैंक का खाता नंबर रुपये जमा करने के लिए दिया गया। उन्हें बताया गया कि आरबीआई जांच के बाद रुपये वापस भेज देगी।
विज्येंद्र ने तीन से चार बार में बैंक में जमा रुपये और एफडी तुड़वाकर जितनी भी रकम थी, सब मिलाकर कुल 30 लाख रुपये उनके भेजे गए अकाउंट नंबर पर भेज दिए। इसके बाद उन्हें हर घंटे अपडेट देने के लिए कहा गया। एक जुलाई से चार जुलाई तक वह हर घंटे व्हाट्सएप पर अपडेट देते रहे। बाद में जब उधर से कोई जवाब नहीं आया तब उन्होंने थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई।
एसपी सिटी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने बताया कि डिजिटल अरेस्ट के मामले बढ़ रहे हैं। लोगों को जागरूक रहना होगा। इस मामले में केस दर्ज कर लिया गया है। पीड़ित से डिटेल लेकर पुलिस, जालसाजों का पता लगाएगी।