गोरखपुर: ट्रैक पर पेड़ गिरने से रातभर खड़ी रही चौरीचौरा एक्सप्रेस, प्रभावित रहा आवागमन
पेड़ गिरने की सूचना पर रेलवे की बचाव टीम रात 12 बजे कुसम्ही पहुंच गई लेकिन रात में अंधेरा होने की वजह से पेड़ हटाने में असुविधा हो रही थी। इस दौरान गोरखपुर से जाने वाली कुछ ट्रेनों को पनिहवा डायवर्ट कर दिया।
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गोरखपुर छावनी और कुसम्ही स्टेशन के बीच ट्रैक पर पेड़ गिर जाने से गोरखपुर-वाराणसी रूट पर ट्रेनों का संचलन बुरी तरह से प्रभावित हो गया। सोमवार की रात ट्रैक पर पेड़ गिरने से रात में गोरखपुर से इलाहाबाद होते ही अनवरगंज तक जाने वाली चौरीचौरा पूरी रात कैंट स्टेशन पर ही खड़ी रही। मंगलवार को दिन में 11 बजे पेड़ हटाए जाने के बाद ट्रेन को वाराणसी को ओर रवाना हुई।
कैंट में पूरी रात चौरीचौरा स्पेशल के खड़े जाने से यात्रियों को काफी असुविधा हुई। जीएस कोच में बैठे कई यात्री ट्रेन को चलता न देख कैंट में ही अपनी यात्रा समाप्त कर घर वापस चले गए। इस दौरान करीब आधा दर्जन ट्रेनों का संचलन प्रभावित रहा।
पेड़ गिरने की सूचना पर रेलवे की बचाव टीम रात 12 बजे कुसम्ही पहुंच गई लेकिन रात में अंधेरा होने की वजह से पेड़ हटाने में असुविधा हो रही थी। इस दौरान गोरखपुर से जाने वाली कुछ ट्रेनों को पनिहवा डायवर्ट कर दिया लेकिन आंधी की वजह से उस रूट पर भी पेड़ गिरने से वह रूट भी ब्लॉक हो गया था। करीब 10 घंटे की मशक्कत के बाद 10:30 बजे ट्रैक से पेड़ को हटाया गया जिसके बाद ट्रेनों का संचलन शुरू हो सका।
चौरीचौरा में रात भर बैठा रहा परिवार
चौरीचौरा संवाद के अनुसार चौरीचौरा स्टेशन पर संजय सिंह अपने परिवार के साथ विंध्याचल जाने के लिए चौरीचौरा स्पेशल का इंतजार कर रहे थे। पूरी रात वह ट्रेन का इंतजार करते रहे लेकिन ट्रेन के सुबह 9 बजे तक भी न आने से संजय सपिरवार वापस घर लौट गए। इस दौरान उन्होंने रेलवे के प्रति नाराजगी जताई।
ये ट्रेने हुईं प्रभावित
सोमवार की रात जाने वाली चौरीचौरा, मंगलवार को सुबह मुबई जाने वाली दादर, मौर्य स्पेशल, गोदान स्पेशल, सीवान पैसेंजर, छपरा पैसेंजर।