UP Election 2022: गोरखपुर में बोले चंद्रशेखर, गर्मी में सर्दी का अहसास कराने वाला सीएम योगी का बयान असंवैधानिक
चंद्रशेखर ने कहा कि हमारा मुद्दा सभी के लिए मुफ्त तकनीक, अकादमिक व प्रोफेशनल शिक्षा और बेहतर उपचार व्यवस्था है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी के खिलाफ चुनाव लड़ूंगा, यह स्टंट नहीं है।
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आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद ने सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधा। चंद्रशेखर ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी गर्मी में सर्दी का अहसास कराने का बयान दे रहे हैं, यह असंवैधानिक है। इस तरह के बयान किसी संत या मुख्यमंत्री के नहीं हो सकते।
शहर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ने का एलान कर चुके चंद्रशेखर आजाद ने सोमवार को प्रेस क्लब में पत्रकारों से बातचीत की। चंद्रशेखर ने कहा कि हमारा मुद्दा सभी के लिए मुफ्त तकनीक, अकादमिक व प्रोफेशनल शिक्षा और बेहतर उपचार व्यवस्था है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी के खिलाफ चुनाव लड़ूंगा, यह स्टंट नहीं है।
आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री सत्ता का दुरुपयोग कर रहे हैं। बीते पांच साल में प्रदेश में 123 लोगों पर व्यक्तिगत कारणों से रासुका लगाई गई है। गोरखपुर विश्वविद्यालय की छात्रा प्रियंका भारती के परिजनों को अभी तक न्याय नहीं मिला है। अपराध का ग्राफ बढ़ा है। विकास के नाम पर गोरखनाथ मंदिर की दुकानें खाली करा ली गईं। इन दुकानों का आवंटन 25-50 रुपये किराएदारी पर हुआ था। 69 हजार शिक्षकों की भर्ती में घोटाले का भी आरोप लगाए।
अखिलेश पर अवसरवादी राजनीति करने का आरोप
चंद्रशेखर ने सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पर अवसरवादी राजनीति करने का आरोप लगाया। कहा कि अखिलेश यादव की मदद करके यूपी में भाजपा को रोकना चाह रहे थे, लेकिन समझ में आया कि जब आप नए होते हैं और परिवर्तन करना चाहते हैं तो पहले से स्थापित लोग आपको आगे नहीं बढ़ने देना चाहते हैं। अखिलेश यादव का व्यक्तिगत सम्मान करता हूं, लेकिन उनकी बहुजन-नौजवान विरोधी नीतियों का विरोध करूंगा।
रैदास महासभा के अध्यक्ष ने साधा चंद्रशेखर पर निशाना
अपना समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पर सोमवार को रैदास महासभा के अध्यक्ष विश्वनाथ ने हमला बोला। विश्वनाथ ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अक्सर अनुसूचित जाति के परिवारों के साथ भोजन करते हैं। सामाजिक समरसता का संदेश देते हैं, लेकिन चंद्रशेखर को यह पसंद नहीं है। वह वैमनस्यता बढ़ाने के लिए गोरखपुर आए हैं। इसे समाज स्वीकार नहीं करेगा। मनोनीत पार्षद वीर सिंह सोनकर ने कहा कि चंद्रशेखर को गोरखपुर का राजनीतिक व सामाजिक इतिहास पता कर लेना चाहिए था। यहां जातीय नफरत की दीवार नहीं खड़ी हो सकती है।