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सीबीएसई: दसवीं- 12वीं के टर्म 1 का पेपर ऑनलाइन भेजेगा बोर्ड, पढ़ने के लिए दिए जाएंगे पांच मिनट अतिरिक्त
Sun, 07 Nov 2021 03:46 PM IST
vivek shukla
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Sun, 07 Nov 2021 03:46 PM IST
सार
सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (सीबीएसई) ने टर्म-1 की परीक्षा के संबंध में दिशा निर्देश जारी किए हैं। बोर्ड के आदेश के मुताबिक 12वीं की परीक्षाएं 114 और 10वीं की 75 विषयों में होंगी।
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सीबीएसई बोर्ड
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) दसवीं-12वीं के विद्यार्थियों के लिए होने वाली परीक्षा में टर्म-1 का पेपर और ओएमआर ऑनलाइन भेजेगा। दोनों का प्रिंट आउट स्कूल की ओर से विद्यार्थियों को उपलब्ध कराया जाएगा। नकल विहीन परीक्षा कराने के लिए सीबीएसई ऐसा कर रहा है।
सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (सीबीएसई) ने टर्म-1 की परीक्षा के संबंध में दिशा निर्देश जारी किए हैं। बोर्ड के आदेश के मुताबिक 12वीं की परीक्षाएं 114 और 10वीं की 75 विषयों में होंगी। परीक्षाएं 45 से 50 दिनों तक चलेंगी। 16 नवंबर से 12वीं और 17 से 10वीं की परीक्षाएं शुरू होंगी। परीक्षा लेने के बाद स्कूलों को उसी दिन कॉपी का मूल्यांकन कर छात्रों के अंक को अपलोड करना होगा। इसकी भी व्यवस्था बनाई जा रही है। टर्म-वन की परीक्षाएं 90 मिनट की होंगी, जो बहुविकल्पीय प्रश्नों पर आधारित होंगी। इस दौरान छात्रों को अपने उत्तर को ओएमआर शीट पर भरना होगा। वहीं, टर्म-टू की परीक्षा दो घंटे की होगी।
टर्म-टू में लघु और दीर्घ दोनों तरह के सवाल हो सकते हैं। सर्दी को देखते हुए परीक्षा 10:30 की बजाय 11:30 बजे से शुरू होगी। डेढ़ घंटे की परीक्षा में पेपर पढ़ने के लिए पांच मिनट का अतिरिक्त समय दिया जाएगा। पूर्व में पेपर पढ़ने के लिए विद्यार्थियों को 15 मिनट दिया जाना निर्धारित किया गया था मगर अब इसे पांच मिनट और बढ़ाकर 20 मिनट कर दिया गया है। जिले में परीक्षा केंद्र के लिए बोर्ड ने 40 केंद्र निर्धारित किए हैं। किसी भी केंद्र पर 300 से अधिक विद्यार्थियों की संख्या नहीं होगी।
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वेबिनार से प्रशिक्षण देगा बोर्ड
पहली बार दो टर्म में बोर्ड परीक्षाओं का आयोजन किया जा रहा है। विद्यार्थियों के साथ-साथ शिक्षकों को किसी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े, इस संबंध में बोर्ड ने शिक्षकों को परीक्षाओं के आयोजन, मूल्यांकन के लिहाज से प्रशिक्षण देने का फैसला किया है। साथ ही विद्यार्थियों की क्षमता में बढ़ोतरी के लिए वीडियो भी अपलोड किया जाएगा।
पांच सौ विद्यार्थियों पर एक निरीक्षक
नकल विहीन परीक्षाओं के लिए हर केंद्र पर निरीक्षक तैनात किए जाएंगे। जिस केंद्र पर पांच सौ से कम बच्चे होंगे वहां एक निरीक्षक तैनात होगा। जहां 500 से अधिक बच्चे होंगे वहां दो निरीक्षक तैनात होंगे।
गोरखपुर स्कूल एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय शाही ने बताया कि बोर्ड की ओर से दसवीं और बारहवीं की परीक्षा दो टर्म में कराई जानी है। टर्म एक की परीक्षा को विद्यार्थियों को गंभीरता से लेने का निर्देश दिया गया है। अगर किसी सूरत में दूसरे टर्म की परीक्षा नहीं होती है तो टर्म एक के आधार पर ही परिणाम घोषित किया जाएगा।
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सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (सीबीएसई) ने टर्म-1 की परीक्षा के संबंध में दिशा निर्देश जारी किए हैं। बोर्ड के आदेश के मुताबिक 12वीं की परीक्षाएं 114 और 10वीं की 75 विषयों में होंगी। परीक्षाएं 45 से 50 दिनों तक चलेंगी। 16 नवंबर से 12वीं और 17 से 10वीं की परीक्षाएं शुरू होंगी। परीक्षा लेने के बाद स्कूलों को उसी दिन कॉपी का मूल्यांकन कर छात्रों के अंक को अपलोड करना होगा। इसकी भी व्यवस्था बनाई जा रही है। टर्म-वन की परीक्षाएं 90 मिनट की होंगी, जो बहुविकल्पीय प्रश्नों पर आधारित होंगी। इस दौरान छात्रों को अपने उत्तर को ओएमआर शीट पर भरना होगा। वहीं, टर्म-टू की परीक्षा दो घंटे की होगी।
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टर्म-टू में लघु और दीर्घ दोनों तरह के सवाल हो सकते हैं। सर्दी को देखते हुए परीक्षा 10:30 की बजाय 11:30 बजे से शुरू होगी। डेढ़ घंटे की परीक्षा में पेपर पढ़ने के लिए पांच मिनट का अतिरिक्त समय दिया जाएगा। पूर्व में पेपर पढ़ने के लिए विद्यार्थियों को 15 मिनट दिया जाना निर्धारित किया गया था मगर अब इसे पांच मिनट और बढ़ाकर 20 मिनट कर दिया गया है। जिले में परीक्षा केंद्र के लिए बोर्ड ने 40 केंद्र निर्धारित किए हैं। किसी भी केंद्र पर 300 से अधिक विद्यार्थियों की संख्या नहीं होगी।
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वेबिनार से प्रशिक्षण देगा बोर्ड
पहली बार दो टर्म में बोर्ड परीक्षाओं का आयोजन किया जा रहा है। विद्यार्थियों के साथ-साथ शिक्षकों को किसी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े, इस संबंध में बोर्ड ने शिक्षकों को परीक्षाओं के आयोजन, मूल्यांकन के लिहाज से प्रशिक्षण देने का फैसला किया है। साथ ही विद्यार्थियों की क्षमता में बढ़ोतरी के लिए वीडियो भी अपलोड किया जाएगा।
पांच सौ विद्यार्थियों पर एक निरीक्षक
नकल विहीन परीक्षाओं के लिए हर केंद्र पर निरीक्षक तैनात किए जाएंगे। जिस केंद्र पर पांच सौ से कम बच्चे होंगे वहां एक निरीक्षक तैनात होगा। जहां 500 से अधिक बच्चे होंगे वहां दो निरीक्षक तैनात होंगे।
गोरखपुर स्कूल एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय शाही ने बताया कि बोर्ड की ओर से दसवीं और बारहवीं की परीक्षा दो टर्म में कराई जानी है। टर्म एक की परीक्षा को विद्यार्थियों को गंभीरता से लेने का निर्देश दिया गया है। अगर किसी सूरत में दूसरे टर्म की परीक्षा नहीं होती है तो टर्म एक के आधार पर ही परिणाम घोषित किया जाएगा।