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गोरखपुर: कोविड टीकाकरण सर्वे के दौरान आशा से मारपीट, सीएमओ के हस्तक्षेप के बाद दस लोगों के खिलाफ दर्ज हुआ केस
Sat, 05 Jun 2021 05:29 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Sat, 05 Jun 2021 05:29 PM IST
सार
दो जून को जंगल डुमरी नंबर एक कोदईशाह टोला में हुई थी घटना। शुक्रवार को सीएचसी का निरीक्षण कर रहे सीएमओ से आशा कार्यकत्रियों ने की थी शिकायत।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के गुलरिहा थाना क्षेत्र के ग्राम जंगल डुमरी नंबर एक की आशा बहु द्वारा दो जून को कोविड टीकाकरण के लिए गांव में सर्वे किया जा रहा था। इस दौरान गांव के ही कुछ लोगों द्वारा आशा के साथ अभद्रता, गाली गलौज करने के साथ ही रजिस्टर फाड़ दिया गया था। आशा की तहरीर पर पुलिस ने दस लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज करते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है।
पीड़ित आशा गीता सिंह का आरोप है कि दो जून को जंगल डुमरी नंबर एक कोदईशाह टोला निवासी छोटेलाल के घर गई थी। कोविड टीकाकरण सर्वे के लिए आधार कार्ड व आईडी मांगी। इस पर पप्पू, उसकी मां, रघुबर, दुखनी, जियनी आदि लोगों ने आकर उससे गाली गलौज करने के साथ ही साड़ी खींचने लगे और रजिस्टर फाड़ दिए। इसकी सूचना आशा द्वारा सीएचसी पर दी गई। मगर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
उधर, शुक्रवार को सीएचसी का निरीक्षण करने पहुंचे सीएमओ डॉ. सुधाकर पांडेय से दर्जन भर आशा बहुओं ने घटना से अवगत कराते हुए कार्रवाई की मांग करने लगीं। आशाओं का कहना था कि यदि आरोपियों के विरुद्ध कार्रवाई नहीं हुई तो वे कार्य बहिष्कार पर चली जाएंगी। सीएमओ ने आरोपियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई कराने का आश्वासन देकर आशाओं को शांत कराया।
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इसके साथ ही सीएमओ ने सीएचसी अधीक्षक डॉ. अश्वनी चौरसिया को कार्रवाई के लिए गुलरिहा पुलिस को पत्र भेजते हुए अवगत कराने के लिए निर्देशित किया। आशा की तहरीर के आधार पर पुलिस ने पप्पू, उसकी मां, धनई, बिगाणु, दुखनी, जियनी समेत दस लोगों के विरुद्ध धारा 332, 504, 506, 353, 427 आईपीसी के तहत केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
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पीड़ित आशा गीता सिंह का आरोप है कि दो जून को जंगल डुमरी नंबर एक कोदईशाह टोला निवासी छोटेलाल के घर गई थी। कोविड टीकाकरण सर्वे के लिए आधार कार्ड व आईडी मांगी। इस पर पप्पू, उसकी मां, रघुबर, दुखनी, जियनी आदि लोगों ने आकर उससे गाली गलौज करने के साथ ही साड़ी खींचने लगे और रजिस्टर फाड़ दिए। इसकी सूचना आशा द्वारा सीएचसी पर दी गई। मगर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
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उधर, शुक्रवार को सीएचसी का निरीक्षण करने पहुंचे सीएमओ डॉ. सुधाकर पांडेय से दर्जन भर आशा बहुओं ने घटना से अवगत कराते हुए कार्रवाई की मांग करने लगीं। आशाओं का कहना था कि यदि आरोपियों के विरुद्ध कार्रवाई नहीं हुई तो वे कार्य बहिष्कार पर चली जाएंगी। सीएमओ ने आरोपियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई कराने का आश्वासन देकर आशाओं को शांत कराया।
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इसके साथ ही सीएमओ ने सीएचसी अधीक्षक डॉ. अश्वनी चौरसिया को कार्रवाई के लिए गुलरिहा पुलिस को पत्र भेजते हुए अवगत कराने के लिए निर्देशित किया। आशा की तहरीर के आधार पर पुलिस ने पप्पू, उसकी मां, धनई, बिगाणु, दुखनी, जियनी समेत दस लोगों के विरुद्ध धारा 332, 504, 506, 353, 427 आईपीसी के तहत केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है।