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गोरखपुर: जालसाजी करने पर पार्षद, नगर निगम के अधिकारी, कर्मचारी पर केस दर्ज
Mon, 13 Sep 2021 08:30 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Mon, 13 Sep 2021 08:30 PM IST
सार
कोर्ट के आदेश पर कोतवाली थाने मेस दर्ज कर पुलिस ने शुरू की जांच, फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र के आधार पर जमीन का फर्जी तरीके से बैनामा करने का मामला।
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गोरखपुर नगर निगम।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
गोरखपुर जिले में कोतवाली पुलिस ने जमीन की जालसाजी मामले में पार्षद सरोज सिंह, युसूफ अली, इरशाद, संतराज शर्मा, नगर निगम के कर्मचारी, अधिकारी पर केस दर्ज कर लिया है। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने जालसाजी कर कूटरचित दस्तावेज तैयार करने, आपराधिक साजिश, आईटी एक्ट, सरकारी पद का दुरुपयोग करने की धारा में केस करके जांच शुरू कर दी है।
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तिवारीपुर इलाके के अंधियारीबाग निवासी बृज बिहारी लाल श्रीवास्तव की तहरीर पर पुलिस ने केस दर्ज किया है। दर्ज केस के मुताबिक, चिलुआताल इलाके के मोहम्मदपुर निवासी मेंहदी, युसूफ अली, कादिम, गुलाम हुसैन पुत्र मेंहदी से 24 मई 2001 को रजिस्ट्री कराया था। एक फरवरी 2020 को जगदीशपुर के कमलेश सिंह को रजिस्टर्ड मुआयदावय कर दिया जिसके आधार पर रजिस्ट्री हो गई।
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इसके बाद मेंहदी के पुत्रगण अवैध धन की मांग करने लगे। ना देने पर 15 मार्च 2019 को मेंहदी का फर्जी मृत्यु पमाण पत्र की मदद से जालसाजी करने की कोशिश की गई। पार्षद सरोज सिंह ने इसमें उनके जानने का प्रमाण पत्र दिया जबकि गांव नगर निगम क्षेत्र में था ही नहीं। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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जंगल सालिकराम के पार्षद सरोज सिंह ने कहा कि मेरी तरफ से इस तरह का कोई भी प्रमाणपत्र नहीं दिया गया है। निश्चित तौर पर फर्जी ढंग से मेरा हस्ताक्षर किया गया होगा। प्रशासन चाहे तो इसकी जांच करा ले। मैं भी इस संबंध में मुकदमा दर्ज कराऊंगी कि मेरे लेटर हेड का गलत इस्तेमाल किया गया है और इसकी जांच कराई जाए।