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जिपं अध्यक्ष चुनाव: देवरिया में पूर्व विधायक व सपा जिलाध्यक्ष सहित 105 लोगों के खिलाफ केस दर्ज, नामांकन के दौरान हुई थी धक्का-मुक्की
Sun, 27 Jun 2021 02:26 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, देवरिया।
अमर उजाला नेटवर्क, देवरिया।
Published by: vivek shukla
Updated Sun, 27 Jun 2021 02:26 PM IST
सार
सपा विधायक आशुतोष उपाध्याय को नहीं बनाया अभियुक्त, कार्रवाई पर उठ रहा सवाल।
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कलेक्ट्रेट में नामांकन के दौरान सपा कार्यकर्ताओं और पुलिस में झड़प।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
जिला पंचायत अध्यक्ष पद के नामांकन के दौरान शनिवार को देवरिया में कलेक्ट्रेट गेट पर सपा नेताओं और पुलिस की नोकझोंक, धक्का मुक्की के मामले में कोतवाली पुलिस ने देर शाम पूर्व विधायक गजाला लारी, सपा जिलाध्यक्ष डा.दिलीप यादव, पीडी तिवारी, रमाशंकर यादव, अभिजीत यादव सहित 105 लोगों के खिलाफ बलवा, मारपीट, धमकी, महामारी अधिनियम, सेवन सीएलए सहित गंभीर धाराओें में केस दर्ज कर एक को गिरफ्तार कर लिया है। उधर भाटपारानी के सपा विधायक आशुतोष उपाध्याय के खिलाफ केस दर्ज नहीं करने को लेकर पुलिसिया कार्रवाई पर सवाल खड़ा हो रहा हैं।
जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए नामांकन पत्र दाखिल करने के दौरान कलेक्ट्रेट गेट पर भाजपा के मंत्री, सांसद एवं संगठन के अध्यक्ष के अंदर जाने देने एवं सपा विधायक, जिलाध्यक्ष एवं पूर्व विधायक को गेट पर रोक दिए जाने को लेकर हुई कहासुनी के बाद धक्का मुक्की हो गई।
पुलिस और सपा नेताओं के बीच झड़प के मामले में पुलिस ने देर शाम को मुकदमा दर्ज कर लिया है। इसमें रामपुर कारखाना की विधायक रह चुकी गजाला लारी, सपा के जिलाध्यक्ष डा.दिलीप यादव, बरहज विधान सभा से प्रत्याशी रह चुके पीडी तिवारी, अभिजित यादव, रमाशंकर लोगों को नामजद किया है। जबकि 100 अज्ञात सपा नेता और कार्यकर्ताओं पर भी मुकदमा दर्ज किया है।
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सीओ नगर श्रीयश त्रिपाठी ने बताया कि पांच नामजद है। इसमें एक की गिरफ्तारी कर ली गई है और अन्य को पकड़ने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अज्ञात आरोपितों के बारे में पता लगाया जा रहा है।
प्रशासनिक चूक की वजह से हुआ बवाल
नामांकन में जाने को लेकर प्रशासनिक मामूली चूक ने सपा कार्यकर्त्ताओं को हंगामा करने के लिए बाध्य कर दिया। गेट पर अकेले सीओ सिटी सपाईयों से जूझ रहे थे। कोतवाली एवं अन्य अधिकारी सड़क उस पर तमाशाबीन बने हुए हैं। हंगामा, बवाल एवं नारेबाजी की जानकारी जब एसपी को हुई तो खुद उन्हें मोर्चा लेना पड़ा। उस दौरान भी कई दरोगा , सिपाही इधर उधर खड़े होकर तमाशा देख रहे थे। प्रश्न यह है कि जब एसपी के साथ सपा कार्यकर्त्ता धक्का मुक्की कर सकते तो औरों के साथ क्या करते होंगे। जो भी विधायक पर केस दर्ज नहीं होना पुलिस कार्रवाई पर सवाल खड़ा कर रहा हैं।
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जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए नामांकन पत्र दाखिल करने के दौरान कलेक्ट्रेट गेट पर भाजपा के मंत्री, सांसद एवं संगठन के अध्यक्ष के अंदर जाने देने एवं सपा विधायक, जिलाध्यक्ष एवं पूर्व विधायक को गेट पर रोक दिए जाने को लेकर हुई कहासुनी के बाद धक्का मुक्की हो गई।
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पुलिस और सपा नेताओं के बीच झड़प के मामले में पुलिस ने देर शाम को मुकदमा दर्ज कर लिया है। इसमें रामपुर कारखाना की विधायक रह चुकी गजाला लारी, सपा के जिलाध्यक्ष डा.दिलीप यादव, बरहज विधान सभा से प्रत्याशी रह चुके पीडी तिवारी, अभिजित यादव, रमाशंकर लोगों को नामजद किया है। जबकि 100 अज्ञात सपा नेता और कार्यकर्ताओं पर भी मुकदमा दर्ज किया है।
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सीओ नगर श्रीयश त्रिपाठी ने बताया कि पांच नामजद है। इसमें एक की गिरफ्तारी कर ली गई है और अन्य को पकड़ने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अज्ञात आरोपितों के बारे में पता लगाया जा रहा है।
प्रशासनिक चूक की वजह से हुआ बवाल
नामांकन में जाने को लेकर प्रशासनिक मामूली चूक ने सपा कार्यकर्त्ताओं को हंगामा करने के लिए बाध्य कर दिया। गेट पर अकेले सीओ सिटी सपाईयों से जूझ रहे थे। कोतवाली एवं अन्य अधिकारी सड़क उस पर तमाशाबीन बने हुए हैं। हंगामा, बवाल एवं नारेबाजी की जानकारी जब एसपी को हुई तो खुद उन्हें मोर्चा लेना पड़ा। उस दौरान भी कई दरोगा , सिपाही इधर उधर खड़े होकर तमाशा देख रहे थे। प्रश्न यह है कि जब एसपी के साथ सपा कार्यकर्त्ता धक्का मुक्की कर सकते तो औरों के साथ क्या करते होंगे। जो भी विधायक पर केस दर्ज नहीं होना पुलिस कार्रवाई पर सवाल खड़ा कर रहा हैं।