Gorakhpur News: गोरखपुर में व्यापारी को झांसा देकर हड़पे थे दस लाख रुपये, ऐसे हुए गिरफ्तार
प्रभारी निरीक्षक शशि भूषण राय और उनकी टीम ने अंकुश को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि करीब 10 लाख रुपये उसने रिफंड के माध्यम से गबन किया है और इसके द्वारा डीजे का छह लाख का सामान खरीदा गया है।
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गोरखपुर जिले के गोलघर के ऑटो मोबाइल्स के व्यापारी से उसके ही कर्मचारी ने 10 लाख रुपये हेराफेरी कर हड़प लिए। कर्मचारी ग्राहकों से खाते में रुपये लेकर व्यापारी के खाते में तो भेज देता था, लेकिन फिर उसे रिफंड लेकर अपने खाते में वापस करा लेता था।
इस तरह से 10 लाख रुपये की जालसाजी कर उसने छह लाख रुपये से अधिक खर्च कर डीजे का सामान खरीदा था। कैंट पुलिस ने केस दर्ज कर मामले का खुलासा करते हुए आरोपी कर्मचारी अंकुश पासवान को सोमवार को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी अंकुश पासवान गीडा इलाके के आमटौरा का रहने वाला है। पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश किया, जहां से जेल भेजा गया। उसके पास से पुलिस ने गबन के रुपये से खरीदे गया डीजे का सामान बरामद कर लिया।
एसपी सिटी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने पुलिस लाइंस में प्रेस कांफ्रेंस कर पकड़े गए बदमाश के बारे में जानकारी दी। एसपी सिटी ने बताया कि गोलघर के गणेश चौराहे पर वशिष्ठ नारायण पांडेय की पांडेय ऑटो मोबाइल्स के नाम से टायर की दुकान है। अंकुश पासवान डेढ़ वर्ष से काम करता है। उसके साथ ही दुकान पर दो अन्य कर्मचारी भी काम करते हैं।
दुकान पर ग्राहकों की काफी भीड़ रहती है। कई बार ग्राहकों का दिया रुपया जब तकनीकी कारण से उनके खाते में नहीं आ पाता था तो वह अंकुश पासवान के खाते में पेटीएम से मंगा लेता था। बाद में अंकुश के खाते से पेटीएम व्यापारी अपने खाते में ले लेता था।
अंकुश पेटीएम के काम में निपुण हो गया तो अप्रैल 2022 से ग्राहकों का पैसा पेटीएम से अपने खाते में ले लेता था और फिर उस पैसे को दुकान मालिक के खाते में भेज देता था। बाद में उस भेजे गए पैसे को अपने खाते में रिफंड सिस्टम के जरिये वापस ले लेता था। इस तरह से करीब 10 लाख रुपये उसने अपने खाते में मंगा लिया।
दुकान मालिक को शंका हुई कि बार-बार मेरे मोबाइल पर रुपये रिफंड होने का संदेश क्यों आता है तब उन्होंने अपने अकाउंटेंट से इस विषय में पूछा। अकाउंटेंट को भी जानकारी न होने के कारण बताया गया कि यह रुपया वापस हो जाएगा। जब सेठ ने आडिट कराया तो उसे अंकुश के जालसाजी की जानकारी हुई। जिसके बाद वशिष्ठ ने अंकुश के खिलाफ मुकदमा कराया।
प्रभारी निरीक्षक शशि भूषण राय और उनकी टीम ने अंकुश को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि करीब 10 लाख रुपये उसने रिफंड के माध्यम से गबन किया है और इसके द्वारा डीजे का छह लाख का सामान खरीदा गया है।