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Union Budget 2021: सरिया के दाम में 10 फीसदी की गिरावट, अभी कीमतें और होंगी कम
Tue, 02 Feb 2021 10:16 AM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Tue, 02 Feb 2021 10:16 AM IST
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सरिया। (सांकेतिक फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
आम बजट ने स्टील उद्योग से जुड़े उद्यमियों के मन की मुराद पूरी कर दी है। बजट पेश होने से पहले ही आयात शुल्क कम होने की प्रत्याशा में कीमतों में करीब 10 फीसदी की गिरावट आई है। अब आयात शुल्क में कटौती का एलान हो गया है। इससे कच्चे माल की कमी दूर हो जाएगी। उत्पादन भी बढ़ेगा। कीमतों में और गिरावट की संभावना है।
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कच्चे माल लौह अयस्क, तांबा, एल्युमीनियम आदि की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है। इसकी वजह से विभिन्न उत्पादों की कीमतों में बढ़ोतरी हो गई थी। एक समय ऐसा आया, जब 40 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से बिकने वाला सरिया 56-57 रुपये तक पहुंचा गया था।
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बजट पेश करने के दौरान वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने भी इसका जिक्र किया। हालांकि उद्यमियों को बजट से पहले आयात शुल्क में कटौती की उम्मीद थी। नतीजा यह रहा कि 56-57 रुपये प्रति किलोग्राम सरिया के दाम में गिरावट आ गई। अब प्रति किलोग्राम सरिया के दाम 49-50 रुपये हो गए हैं।
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स्टील उद्योग को मिली राहत
प्रति क्विंटल दाम में और कमी आई है। लोहे के नट-बोल्ट समेत अन्य उत्पाद बनाने वाले उद्यमी वेल्ड इंडिया के निदेशक आरएन सिंह ने बताया कि कीमत में कुछ गिरावट हुई है। आयात शुल्क में कमी की वजह से कीमतों में प्रति क्विंटल 1500 रुपये तक गिरावट की उम्मीद है।
गैलेंट इस्पात प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक चंद्रप्रकाश अग्रवाल ने कहा कि आयात शुल्क में कमी की वजह से स्टील उद्योग को काफी राहत मिली है। लिहाजा, कीमतों में 10 फीसदी की गिरावट आ गई। अब मांग ज्यादा बढ़ेगी। इससे उत्पादन बढ़ेगा।
जालान कानकास्ट के प्रबंध निदेशक ओमप्रकाश जालान ने कहा कि कच्चे माल की कमी की वजह से सरिया की कीमतों की बढ़ोतरी हुई थी, लेकिन इसकी उम्मीद थी कि कीमतों पर लगाम लगाने के उद्देश्य से बजट में सरकार कुछ कदम उठा सकती है। इस वजह से कीमतों में कुछ गिरावट आ गई। आयात शुल्क में कमी का जल्द ही बाजार में असर दिखेगा।
गैलेंट इस्पात प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक चंद्रप्रकाश अग्रवाल ने कहा कि आयात शुल्क में कमी की वजह से स्टील उद्योग को काफी राहत मिली है। लिहाजा, कीमतों में 10 फीसदी की गिरावट आ गई। अब मांग ज्यादा बढ़ेगी। इससे उत्पादन बढ़ेगा।
जालान कानकास्ट के प्रबंध निदेशक ओमप्रकाश जालान ने कहा कि कच्चे माल की कमी की वजह से सरिया की कीमतों की बढ़ोतरी हुई थी, लेकिन इसकी उम्मीद थी कि कीमतों पर लगाम लगाने के उद्देश्य से बजट में सरकार कुछ कदम उठा सकती है। इस वजह से कीमतों में कुछ गिरावट आ गई। आयात शुल्क में कमी का जल्द ही बाजार में असर दिखेगा।