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Union Budget 2021: ‘बैंक व एलआईसी कर्मियों के लिए अहितकर है बजट’
Mon, 01 Feb 2021 08:58 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
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Published by: vivek shukla
Updated Mon, 01 Feb 2021 08:58 PM IST
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बजट 2021
- फोटो : अमर उजाला
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बैंक व एलआईसी कर्मियों ने आम बजट के प्रावधानों पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि निजीकरण और विदेशी निवेश की सीमा बढ़ाकर 74 प्रतिशत किया जाना अहितकर है। बैंक संगठनों ने आंदोलन की रणनीति बनानी शुरू कर दी है।
गोरखपुर डिवीजन इंश्योरेंस इंप्लायज यूनियन के महामंत्री रुपेश पांडेय ने कहा कि एलआईसी में आईपीओ का प्रतिशत बढ़ाने से पॉलिसी होल्डर प्रभावित होगा, क्योंकि लाभांश को शेयर होल्डर के साथ बांटना होगा। इससे पॉलिसी होल्डर का बोनस प्रभावित होगा। नीति निर्धारण में भी शेयर होल्डर का हस्तक्षेप हो जाएगा।
कहा कि फिलहाल, इसका कर्मचारियों को कोई नुकसान नहीं होगा, लेकिन जब यह शेयर 50 प्रतिशत से कम हो जाएगा तो कर्मचारियों के सामने वेतन की समस्या आएगी। अब तक कर्मचारी हर छोटी-बड़ी समस्या के लिए मैनेजमेंट के सामने आवाज उठा लेते थे, लेकिन अब उन्हें शेयर होल्डर के पास भी जाना होगा।
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इलाहाबाद बैंक स्टाफ एसोसिएशन के सहायक महामंत्री आशुतोष सिंह ने कहा कि बजट में सार्वजनिक क्षेत्र के दो बैंकों और एक जनरल इंश्योरेंस कंपनी के निजीकरण, विदेशी निवेश की सीमा 74 प्रतिशत तक बढ़ाने, नए श्रम कानूनों को लागू करने तथा एलआईसी का शेयर बेचने की घोषणा की गई है।
उन्होंने कहा कि यह बैंक और एलआईसी कर्मियों के लिए परेशान करने वाला है। बैंक कर्मचारियों के सबसे बड़े संगठन ऑल इंडिया बैंक इंप्लाइज एसोसिएशन के महामंत्री सीएच वेंकटचलम ने कहा है कि सभी बैंकों के कर्मचारी आने वाले समय में सरकार के निजीकरण के प्रयास का हड़ताल के माध्यम से विरोध करेंगे।
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गोरखपुर डिवीजन इंश्योरेंस इंप्लायज यूनियन के महामंत्री रुपेश पांडेय ने कहा कि एलआईसी में आईपीओ का प्रतिशत बढ़ाने से पॉलिसी होल्डर प्रभावित होगा, क्योंकि लाभांश को शेयर होल्डर के साथ बांटना होगा। इससे पॉलिसी होल्डर का बोनस प्रभावित होगा। नीति निर्धारण में भी शेयर होल्डर का हस्तक्षेप हो जाएगा।
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कहा कि फिलहाल, इसका कर्मचारियों को कोई नुकसान नहीं होगा, लेकिन जब यह शेयर 50 प्रतिशत से कम हो जाएगा तो कर्मचारियों के सामने वेतन की समस्या आएगी। अब तक कर्मचारी हर छोटी-बड़ी समस्या के लिए मैनेजमेंट के सामने आवाज उठा लेते थे, लेकिन अब उन्हें शेयर होल्डर के पास भी जाना होगा।
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इलाहाबाद बैंक स्टाफ एसोसिएशन के सहायक महामंत्री आशुतोष सिंह ने कहा कि बजट में सार्वजनिक क्षेत्र के दो बैंकों और एक जनरल इंश्योरेंस कंपनी के निजीकरण, विदेशी निवेश की सीमा 74 प्रतिशत तक बढ़ाने, नए श्रम कानूनों को लागू करने तथा एलआईसी का शेयर बेचने की घोषणा की गई है।
उन्होंने कहा कि यह बैंक और एलआईसी कर्मियों के लिए परेशान करने वाला है। बैंक कर्मचारियों के सबसे बड़े संगठन ऑल इंडिया बैंक इंप्लाइज एसोसिएशन के महामंत्री सीएच वेंकटचलम ने कहा है कि सभी बैंकों के कर्मचारी आने वाले समय में सरकार के निजीकरण के प्रयास का हड़ताल के माध्यम से विरोध करेंगे।