गोरखपुर: प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने छात्रों को दिया सफलता का मंत्र, बोले- कठिन समय से भागना नहीं, खड़ा होकर करना मुकाबला
केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने एमपी शिक्षा परिषद के 89 वें संस्थापक सप्ताह समारोह में विद्यार्थियों से सीधा संवाद किया। उन्होंने कहा कि तकनीक के दौर में आईटी के क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स का इस्तेमाल जोर पकड़ रहा है। ऐसे समय में हमें अपने कौशल को निखारना होगा।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने स्टार्टअप को रोजगार से जोड़ते हुए युवाओं को रोजगार, स्वरोजगार, कारोबार, अविष्कार का मंत्र दिया। एमपी शिक्षा परिषद के संस्थापक समारोह में शामिल होने आए विद्यार्थियों से सीधा संवाद किया। एक शिक्षक की तरह भविष्य की चुनौतियां तो गिनाई ही, मार्गदर्शन भी दिया।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि 2014 से पहले र्स्टाटअप की संख्या गिनी चुनी थी, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में स्टार्टअप पांच साल में ही बड़ी कंपनियों में तब्दील हो गए। भारत का स्टार्टअप नेशन के रूप में प्रतिष्ठा मिली है। देश के युवाओं को जीवन की कठिन परिस्थितियों से भागना नहीं है, बल्कि सीधा खड़ा होकर मुकाबला करना है। हमें चुनौतियों को अवसर में बदलना है। यह याद रखें कि लड़ने वालों के कदमों में ही जहां होता है।
एमपी इंटर कॉलेज के मैदान में धूप में बैठे युवाओं से कहा कि अभी और तपना है। एक शेर पढ़कर उनका हौसला भी बढ़ाया। कहा, कितनों की तकदीर बदलनी है तुम्हें, कितनो को रास्तों पर लाना है तुम्हें, अपने हाथों की लकीरों को मत देखना, इन लकीरों से आगे जाना है तुम्हें।
तकनीक से बढ़ेगी चुनौतियां, कौशल को निखारना होगा
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि तकनीक के दौर में आईटी के क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स का इस्तेमाल जोर पकड़ रहा है। ऐसे में साफ्टवेयर, रोबेटिक्स और इंफार्मेशन टेक्नालॉजी की ओर कंपनियां रूख कर मैनपावर कम रही हैं। ऐसे समय में हमें अपने कौशल को निखारना होगा। शिक्षा के साथ अपने कौशल विकास पर भी ध्यान दें। विराट कोहली और सचिन तेंदुलकर भी कुछ न कुछ सीखते रहे हैं।
एनसीईआरटी की पुस्तकों में शहीद भगत सिंह को बताया गया आतंकी
केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों में इतिहास को गलत तरीके से पेश किया गया। एनसीआरटी की पुस्तकों में शहीद भगत सिंह को एक आतंकी बताया गया है। विद्यार्थियों से उन्होंने सवाल किया, आप बताएं भगत सिंह आतंकी थे क्या? जवाब मिला नहीं। कहा, देश और प्रदेश में भाजपा सरकार बदलाव न करे तो सत्ता में परिवर्तन का कोई लाभ नहीं है। सही साहित्य और इतिहास पढ़ाने की जिम्मेदारी हमारी ही है।
ऐसे लोग जो सही इतिहास लेखन में योगदान दे सकते हैं, आगे आएं और नई शिक्षा नीति के रूप में लागू करें। युवाओं से पूछा कि क्या आप योगदान देने के लिए तैयार हो? प्रदेश व देश का नाम बढ़ाओगे? छात्रों ने हाथ उठाकर हां में जवाब दिया। अनुराग ठाकुर बोले कि मैं भी विश्वास दिलाता हूं, हम सब एकजुट होकर भारत और तिरंगे का मान-सम्मान बढ़ाएंगे।
गोरक्षपीठ ने सेवा और साधना का प्रतिमान खड़ा किया
केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि गोरक्षपीठ एक धार्मिक पीठ है, जिसने देश की आजादी की लड़ाई से लेकर आधुनिक भारत के विकास में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया। आजादी के बाद आने वाली चुनौतियों को इस पीठ के युगद्रष्टा पीठाधीश्वरों ने देखा, समझा और उसको स्वीकार किया। महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद की स्थापना की। योगी आदित्यनाथ ने उसी पीठाधीश्वरों की यशस्वी पीढ़ी के नायक हैं। नए भारत गढ़ने वाली, समृद्ध और समर्थ राष्ट्र के लिए समर्पित युवा पीढ़ी का शारीरिक एवं मानसिक दृष्टि से उत्कृष्टता के आत्मानुशासन का अभिनव प्रयोग शोभा यात्रा में दिखा है।