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घूसखोरी प्रकरण: अफसर ने कहा था- 25 हजार लाए हो..बाहर बाबू को दे दो

Sat, 18 Nov 2023 01:00 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो रोहित सिंह, गोरखपुर।
रोहित सिंह, गोरखपुर। Published by: गोरखपुर ब्यूरो Updated Sat, 18 Nov 2023 01:00 PM IST
सार

प्रभारी एंटी करप्शन ब्यूरो संतोष दीक्षित ने कहा कि लिपिक को रंगेहाथों रुपये लेते पकड़ा गया है। लेकिन, शुरू से ही साफ था कि वह अफसर के कहने पर ही उपभोक्ता से रुपयों की मांग कर रहा था। विवेचना में बाकी चीजें साफ होंगी। ऑडियो और वीडियो रिकार्डिंग साक्ष्य के तौर पर टीम के पास हैं।
 

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Bribery case Complainant claim clerk took bribe only on the advice of the officer
एंटी करप्शन की टीम द्वारा गिरफ्तार  बिजली निगम का बाबू संदीप गौतम

विस्तार

सूरजकुंड बिजली उपकेंद्र पर तैनात लिपिक के घूस लेने के प्रकरण में शिकायतकर्ता का दावा है कि पावर कारपोरेशन के नियम की धौंस देकर मामले को सुलझाने के लिए अफसर 25 हजार रुपये की मांग कर रहे थे। वह दोपहर 1:50 बजे बिजली निगम के उपखंड कार्यालय पहुंचे और सीधे उस अफसर के कमरे में गए। अफसर से कहा- 25 हजार रुपये लेकर आया हूं।

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अफसर ने कहा- पूरी रकम लाए हो तो इसे बाहर बैठे लिपिक संतोष को दे दो..। यह भी दावा है कि एंटी करप्शन टीम के पास इस मामले में अफसर की संलिप्तता से जुड़े वीडियो और ऑडियो की रिकार्डिंग भी मौजूद है।
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अफसर ने कहा-मामला सुलझाना है तो संपर्क कर लो

बक्शीपुर खंड के सूरजकुंड उपखंड के माधवपुर कॉलोनी के मंतोष निषाद ने दिवाली के चार दिन पहले एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम से संपर्क किया था। इनके प्लांट पर तीन किलोवाट का बिजली कनेक्शन था, जो करीब पांच वर्ष पहले लिया गया था। पिछले वर्ष उनके कनेक्शन का मीटर बदला गया था। मीटर बदले जाने के बाद उसका नंबर कनेक्शन पर नहीं चढ़ा था। इसी वजह से सर्वर से बिजली बिल नहीं दिखता था। मौके पर मीटर रीडर आकर बिल बनाते और उसी के हिसाब से उपभोक्ता भुगतान कर देता।

इसी बीच उपखंड से फोन आया कि उनके बिजली कनेक्शन पर मीटर का नंबर नहीं चढा है। इसके बाद लाइनमैन अक्सर फोन कर बिजली काटने की धमकी देता था। 15 दिन पहले अफसर के पास गए तो वहां उन्होंने भी 155 रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से बिल बनाने की धमकी दे दी। कहा-अगर मामले का हल निकालना है तो संपर्क कर लो। इस बातचीत की रिकार्डिंग भी उपभोक्ता ने कर ली। इसकी वायरल रिकार्डिंग भी है।

 

माइक्रो चिप लगाकर भेजा, सब कैमरे में कैद

उपभोक्ता की बृहस्पतिवार को लाइनमैन से बात हुई। उपभोक्ता ने कहा कि शुक्रवार या शनिवार को 25 हजार रुपये दे देंगे। शुक्रवार दोपहर में कार्यालय पहुंचने पर सीधे अफसर से जाकर मिले। बाहर रुपये देते समय एंटी करप्शन की टीम ने रंगेहाथों लिपिक को गिरफ्तार कर लिया। इस दौरान टीम ने उपभोक्ता को माइक्रो रिकार्डिंग चिप देकर भेजा था। बातचीत की पूरी रिकार्डिंग कैमरे में भी कैद है।

 

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पावर कारपोरेशन का यह है नियम
पावर कॉरपोरेशन के नियम के अनुसार, घरेलू उपभोक्ता का मीटर अगर नो डिस्प्ले है तो उसपर 155 यूनिट प्रति किलोवाट की दर से बिल की गणना करते हैं। जैसे इस उपभोक्ता का तीन किलोवाट का कनेक्शन है। एक साल से मीटर उपभोग का रिकार्ड कनेक्शन पर नहीं था। ऐसे में एक महीने में 465 यूनिट की खपत आई। इसी दर से एक साल का 5580 यूनिट खपत आती। इस दर से 39,407 रुपये का बिजली बिल बनता।

प्रभारी एंटी करप्शन ब्यूरो संतोष दीक्षित ने कहा कि लिपिक को रंगेहाथों रुपये लेते पकड़ा गया है। लेकिन, शुरू से ही साफ था कि वह अफसर के कहने पर ही उपभोक्ता से रुपयों की मांग कर रहा था। विवेचना में बाकी चीजें साफ होंगी। ऑडियो और वीडियो रिकार्डिंग साक्ष्य के तौर पर टीम के पास हैं।
 
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