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डॉक्टर की सलाह: स्तनपान कराने वाली भी महिला भी लगवा सकती हैं टीका, बच्चों पर नहीं पड़ेगा कोई असर
Thu, 01 Jul 2021 06:08 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Thu, 01 Jul 2021 06:08 PM IST
सार
टीका लगवाने के बाद बच्चों पर कोई प्रतिकूल असर नहीं, टीका लगवा चुकी चिकित्सक, शिक्षक और गृहिणी ने साझा किए अनुभव।
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वैक्सीन महिला।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
स्तनपान कराने वाली महिलाओं को टीकाकरण करवाना है या नहीं, इस बारे में शुरू में कोई दिशा-निर्देश नहीं मिला था। ऐसे में टीका न लगने से मन में कोविड के प्रति भय था। लेकिन अब यह भय समाप्त हो चुका है, क्योंकि गाइडलाइन आने के बाद कई स्तनपान कराने वाली महिलाएं कोविड का टीका लगवा ली है।
टीका लगवाने के बाद उनके बच्चों पर कोई प्रतिकूल असर नहीं पड़ा है। ऐसे चिकित्सकों, शिक्षक और गृहिणी ने अनुभव साझा करते हुए भय और भ्रांति को दरकिनार कर धात्री महिलाओं से टीकाकरण की अपील की है।
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की डीईईआईसी मैनेजर डॉ. अर्चना ने बताया कि उनका एक वर्ष का बच्चा स्तनपान करता है। चूंकि आरबीएसके की टीम रैपिड रिस्पांस टीम (आरआरटी) के तौर पर सीधे कोविड मरीजों के घर जाती हूं, ऐसी स्थिति में कोविड प्रोटोकॉल के अलावा टीकाकरण ही बचाव का बेहतर विकल्प था।
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मई में टीका लगवाने के बाद न तो कोई दिक्कत हुई और न ही उनके बच्चे को। सरदारनगर ब्लॉक में आरबीएसके की चिकित्सक डॉ. ज्योति ने जब टीका लगवाया तो उनका बच्चा दो साल से कम उम्र का था। टीका लगवाने के बाद बच्चे को स्तनपान भी करवा रही हैं।
पिपराईच के बेला गांव की गृहिणी नेहा सिंह ने बताया कि एक छोटा बच्चा है जिसकी उम्र तीन साल है जिसे अभी वह स्तनपान कराती हैं। टीका लगवाने के बाद भी लगातार स्तनपान करवा रही हूं। बच्चे को कोई दिक्कत नहीं है।
टीकाकरण का कोई नुकसान नहीं
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. नीरज कुमार पांडेय ने कहा कि स्तनपान करवाने वाली महिलाएं कोविड का टीका लगवा सकती हैं। इसका उनके स्वास्थ्य पर कोई बुरा असर नहीं पड़ता है और न ही शिशु को कोई दिक्कत होती है। कोविड का टीका लगवाने के बाद भी स्तनपान करवाना जारी रखना है। यह मां और शिशु दोनों के लिए फायदेमंद है।
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टीका लगवाने के बाद उनके बच्चों पर कोई प्रतिकूल असर नहीं पड़ा है। ऐसे चिकित्सकों, शिक्षक और गृहिणी ने अनुभव साझा करते हुए भय और भ्रांति को दरकिनार कर धात्री महिलाओं से टीकाकरण की अपील की है।
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राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की डीईईआईसी मैनेजर डॉ. अर्चना ने बताया कि उनका एक वर्ष का बच्चा स्तनपान करता है। चूंकि आरबीएसके की टीम रैपिड रिस्पांस टीम (आरआरटी) के तौर पर सीधे कोविड मरीजों के घर जाती हूं, ऐसी स्थिति में कोविड प्रोटोकॉल के अलावा टीकाकरण ही बचाव का बेहतर विकल्प था।
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मई में टीका लगवाने के बाद न तो कोई दिक्कत हुई और न ही उनके बच्चे को। सरदारनगर ब्लॉक में आरबीएसके की चिकित्सक डॉ. ज्योति ने जब टीका लगवाया तो उनका बच्चा दो साल से कम उम्र का था। टीका लगवाने के बाद बच्चे को स्तनपान भी करवा रही हैं।
पिपराईच के बेला गांव की गृहिणी नेहा सिंह ने बताया कि एक छोटा बच्चा है जिसकी उम्र तीन साल है जिसे अभी वह स्तनपान कराती हैं। टीका लगवाने के बाद भी लगातार स्तनपान करवा रही हूं। बच्चे को कोई दिक्कत नहीं है।
टीकाकरण का कोई नुकसान नहीं
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. नीरज कुमार पांडेय ने कहा कि स्तनपान करवाने वाली महिलाएं कोविड का टीका लगवा सकती हैं। इसका उनके स्वास्थ्य पर कोई बुरा असर नहीं पड़ता है और न ही शिशु को कोई दिक्कत होती है। कोविड का टीका लगवाने के बाद भी स्तनपान करवाना जारी रखना है। यह मां और शिशु दोनों के लिए फायदेमंद है।